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Sunday, January 24, 2021

Sakaratmak Soch Ka Mahatav

सकारात्मक सोच का महत्व और इसका जीवन पर प्रभाव

Sakaratmak Soch Ka Mahatav

दोस्तों Good Morning, आशा करता हूं आप सभी मजे में होंगे। आज मैं आपके साथ सकारात्मक सोच का महत्व share करने वाला हूं। सकारात्मक सोच (Positive Thinking) हमेशा जीवन में सफलता पाने में हमारी मदद करती है। Friends यदि आप Sakaratmak Soch के साथ कोई कार्य करते हैं तो उसमें आपको अवश्य ही सफलता मिलेगी। जीवन में सफल कौन नहीं होना चाहता। कभी कभी दूसरे व्यक्ति के सफलता की कहानी (Success Story)  को सुनकर हम आश्चर्य चकित हो जाते हैं। जब आप सफल व्यक्ति (Successful Person) के बारे में जांच पड़ताल करेंगे तो आपको उनके Life में एक चीज अवश्य देखने को मिलेगी कि वह हमेशा सकारात्मक सोच के साथ कार्य करता है। दोस्तों क्या आप Sakaratmak Soch का अर्थ जानते हैं। यदि जानते है तो बहुत अच्छी बात है और नहीं तो चलिये नीचे इसकी जानकारी लेते हैं।

Sakaratmak Soch Ka Mahatav

सकारात्मक सोच क्या है?

सकारात्मक सोच एक भावनात्मक और मानसिक दृष्टिकोण है जो हमें अच्छे Lakshya पर केंद्रित रहने के लिये प्रेरित करता है। यह हमारे हमें स्वास्थ्य रहने में मदद करता है और सफलता की कुंजी भी यही है। Positive Thinking की शक्ति बहुत अधिक माहत्वपूर्ण है। यह किसी व्यक्ति के बने बनाये कार्य को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है क्योंकि यह आपके Vichar को प्रभावित करता है। आप अपने कार्य में सफल होते हो या नहीं। इस पर इसका पूरी तरह से नियंत्रण होता है।


वर्तमान समय में जब दुनिया कोरोना वायरस (Corona Virus) के प्रसार से परेशान है वहीं दूसरी ओर बहुत सारे देश ऐसे भी है जहां के कुछ व्यक्तियों के Sakaratamak Soch के कारण करोना पर ब्रेक भी लग चुका है। यहां पर हम अपने देश भारत की बात कर रहे हैं। भारत में बहुत सारे ऐसे व्यक्ति मिल जायेंगे जो आपको यह जरुर बता देंगे कि अभी हमें क्या करना चाहिये और क्या नहीं। क्या करेंगे तो हम Corona से बच जायेंगे। इस प्रकार की सोच तो एक सकारात्मक व्यक्ति (Positive Person) में ही हो सकता है। दोस्तों यदि आप इस पर अमल कर रहे हैं तो आप जरुर सकारात्मक सोच रखते हैं।


यदि आपका मन चिंताओं से मुक्त है और स्पष्ट है तो आप सकारात्मक सोच के लिये ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। जब आपके दिमाग में केवल सकारात्मक सुविचार (Positive thought) आते हैं तो हमारे आस-पास की सभी चिंतायें और दोष दूर हो जाते हैं। इसी तरह से हमसे से जो लोग Corona के बारे में सोच रहे हैं और गंभीर है, उनके पास Corona पैर भी नहीं पसार पा रहा है। सकारात्मक सोच इस कठीन समय में बहुत जरुरी है। इस समय यदि हम लोग Sakaratamk Soch के साथ सावधानी बरतते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये कार्य करे तो हमे उसमें निश्चित ही सफलता मिलेगी।


अपने सकारात्मक ऊर्जा को आप जितना अधिक अपने जीवन में निवेश करेंगे उतना जल्दी आपको सफलता मिलेगी। याद रखिये कि सकारात्मक विचार न केवल हमें Sakaratmak Urja प्रदान करते हैं, बल्कि सभी चिंताओं और बाधाओं को दूर करके नकारात्मक ऊर्जा को कम करते हैं। सकारात्मक सोच और सकारात्मक कार्य (Positive Work) जब एक साथ मिलता है तो Success अवश्य मिलती है। ऐसे बहुत सारे तरीके होते हैं जिससे हम अपने सोच को सकारात्मक कर सकते हैं। चलिये जानते हैं कैसे-


सकारात्मक सुविचार का प्रभाव

जैसा हम सोचते हैं वैसा ही बन जाते हैं। यदि हम किसी तरह से अपने दिमाग में सकारात्मक सुविचारों (Sakaratmak Suvihcar) को भर लेते हैं तो वह हमें सफलता दिलाने में मदद करते हैं। यह विपरीत तरीके से भी काम करता है। यदि हमारा मस्तिष्क सुस्त है और नकारात्मक विचारों (Nakaratmak Vichar) से भरा हुआ है तो बहुत अधिक संभावना है कि वे नकारात्मक चीजे घटीत होने लगे जिसके बारे में आप विचार कर रहे थें। दोस्तों यदि आप छात्र है तो आप अपने एग्जाम की तैयारी के दौरान केवल यरी करेंmak Soch। इससे आपके Exam में आपको सफलता मिलेगी।


योग, व्यायाम और ध्यान

हम अपने अंदर की सकारात्मक सोच को बनाये रखने के लिये योग, व्यायाम और ध्यान का सहारा लेना चाहिये। जब हम किसी प्रकार से योग, व्यायाम और ध्यान करते हैं तो हमारा शरीर शिथिल हो जाता है और हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा और विचार उत्पन्न होने लगता है। छात्र जीवन के लिये यह बहुत ही जरूरी है क्योंकि यदि उनका विचार सकारात्मक होगा तो वे अपने एग्जाम की तैयारी अच्छी तरह से कर सकते हैं।


संगीत

यदि आप व्यायाम करने या ध्यान करने में असमर्थ है क्योंकि आपके पास इसके लिये समय नहीं है तो आप संगीत के सहारे अपनी अंदर सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण कर सकते हैं। संगीत सुनना सकारात्मक सोच के लिये लाभदायक होता है। किसी भी तरह का संगीत जो हमें अच्छा लगता हो उससे हमारे शारीर को बहुत अधिक आराम मिलता है जिसके फलस्वरूप हमारे मस्तिष्क में सकारात्मक सोच उत्पन्न होता है। संगीत हमारे मूड को तुरंत चुस्त कर देता है और सभी प्रकार के सकारात्मक विचारों को हमारे अंदर उत्पन्न करने में मदद करता है। 


सकारात्मक पढ़ें, नकारात्मक को दूर करें

यदि आप छात्र है और अपने आप को सकारात्मक सोच से भरना चाहते हैं तो अपने पाठ्यक्रम और नोट्स के अलावा अच्छी किताबे जो आपको पढ़ने में अच्छा लगता हो उसे पढ़ें। इससे आपके अंदर सकारात्मक विचार उत्पन्न होगा। यह काम कभी कभी बहुत अधिक थकाऊ भी हो सकता है। इसलिये छात्र से अनुरोद है कि यदि ऐसा लगे तो आप लिखने की भी आदद डाल सकते हैं। आप ऐसी किसी भी चीज के बारे में लिख सकते हैं जिसमें आपकी रुचि हो। इस प्रकार की शैली कभी कभी मन को बहुत अधिक सुकून देती है जिसके स्वरुप सकारात्मक ऊर्जा और सोच उत्पन्न होता है। आज के वर्तमान समय में बहुत सारे ऐसे सोशल मीडिया भी है जाहां पर आप आपने रुचि के अनुसार लिख और पढ़ सकते हैं और अपने सोच को सकारात्मक कर सकते हैं। लेकिन कभी कभी सोशल मीडिया खतरनाक भी साबित हो जाता है क्योंकि बहुत सारे लोग नकारात्मक चीजे भी पोस्ट करते रहते हैं। जिसको पढ़कर आप नकारात्मक हो सकते हैं इसलिये ऐसे किसी भी पोस्ट से दूर रहें।


अकेलापन महसूस हो तो उसे दूर करने का प्रयास करें

अकेलापन कभी कभी हमारे मन को बहुत अधिक विचलित करता है जिसके कारण नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होता है। इसलिये ऐसा कभी हो तो आप अपने रिश्तेदारों को इसके बारे में बाताये और अकेलापन दूर करने का प्रयास करें।


सकारात्मक बनने के लिये नकारात्मकता से दूर रहें

किसी भी चीज की दो पहलू होती है एक नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक। दोनों का एक दूसरे पर प्रभाव पड़ता है। इसलिये यदि आप सकारात्मक बनना चाहते हैं तो आपको नकारात्मक चीजों से दूर रहना पड़ेगा। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो नकारात्मक बाते करते रहते हैं और ऐसे लोग अपने साथ आने वाले सभी लोगों को नकारात्मक बनाने की पूरी कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों से हमेशा दूर रहे नहीं तो आपके अंदर भी इंही के तहर नकारात्मक चीजे उत्पन्न होने लगेगा। ऐसे लोगों की पहचान करें और उससे दूर रहें।


शौक को मारना बंद करों

ऐसा माना जाता है कि हर किसी व्यक्ति कें अंदर कुछ न कुछ करने का शौक होता है। बहुत से लोग कुछ अपने खास परीस्थितियों के कारण उसे मारने लगते हैं जिसके कारण उनके अदंर नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होने लगती है। इसके बाद वे जो भी कार्य करते हैं उनका वह कार्य सफल नहीं हो पाता क्योंकि उस पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ने लगता है। जीवन में सफलता पाने के लिये हमारे जो भी शौक है उसे मारे नहीं बल्की पूरा करना का प्रयास करें। इससे आपका सोच भी सकारात्मक बनेगा और फलस्वरूप आपका कार्य भी सफल होगा। हमें अपने प्राथमिक कार्य करने के साथ साथ अपने शौक भी पूरा करते रहना चाहिये, कभी भी उसे मारने का प्रयास न करें। अपने कल के सपने के लिये अपने शौक और प्रतिभा की बली मत दो।


अच्छी नींद

कहते हैं न कि अनुशासन सकारात्मक जीवन की कुंजी होती है। यदि आप धार्मिक और यथार्थवादी कार्यक्रम का पालन करते हैं तो पूरी और गहरी नींद ले, सही समय परो सोने का प्रयास करें, अच्छा खाना खाऐं, अच्छी तरह से व्यायाम करें। ऐसा करने में आप सफल होते हैं तो आपके अंदर खुदबखुद सकारात्मक सोच उत्पन्न होने लगेगा।


एक समय में एक काम

यदि आप अपने लक्ष्य को पाना चाहते हैं तो एक समय में एक ही काम करें। ऐसा करेंगे तो आप अपने काम में अच्छी तरह से मन ला पायेंगे और जिसके फलस्वरूप आपके अंदर सकारात्मक भावना जागृत होगी। हमारा मस्तिष्क भी एक समय में एक कार्य को करने के लिये बना है। यदि हम ऐसा नहीं करते तो हम काफी परेशानी में फसने लग जाते हैं जैसे ठीक समय पर कार्य का पूरना न होना, एक कार्य पूरा होना और दूसरा का रह जाना। ऐसी अवस्था में नकारात्मक ऊर्जा हमारे अंदर उत्पन्न हो सकती है।


एक कार्य को पूरा करने के बाद थोड़ा आराम करें

दोस्तों जब आप कोई कार्य करते हैं तो उसे पूरा करने के बाद दूसरा कार्य पूरा ना करें। दूसरे कार्य करने के पहले थोड़ा आराम करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके मस्तिष्क और शरीर दोनों को थोड़ा रेस्ट मिल जाता है। जिसके फलस्वरूप आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा और सोच उत्पन्न होता है। किसी भी दो कार्यों के बीच में छोटी-छोटी टहलने, छोटी-छोटी झपकी या छोटे-छोटे ब्रेक लेने से मन शांत और तनाव मुक्त हो जाता है। सकारात्मक सोच इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप ब्रेक में क्या करते हैं।


इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन से बचें:

आज का जीवन बहुत अधिक डीजिटल हो गाय है। आज इंटरनेट और सोशल मीडिया  के बिना लोगों को जीना पसंद नही है। बहुत से लोग हर वक्त किसी न किसी इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन से चिपके रहते हैं। जिस कारण उनके शीरर और मन को बहुत अधिक थकावट होता है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। जितना हो सके इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन से दूर रहे और जरुरत हो भी थो उसे काम के अनुसार ही करें। जब आपको लगने लगे की थकावट हो रही है और नकारात्मक शक्ति शरीर में प्रवेश कर रही है तो तुरंत ही इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन को अपने से दूर रखें और सकारात्मक सोचना शूरू कर दें।


कार्य को करने में जल्दबाजी न करें

दोस्तों आज अपना कार्य को जल्दी कौन नहीं करना चाहता। आपने अक्सर सुना होगा कि जल्दी का काम शैतान का। दोस्तों जब आप किसी भी कार्य को जल्दी बाजी में करते हैं तो उस कार्य को कितना अधिक परफैक्ट कियी जा सकता है इसके बारे में नहीं सोच पाते। जिसके कारण होता यह है कि कभी कभी वह कार्य बिगड़ जाता है और हमारे अंदर नकारात्मक बाते आने लगती है। ठीक इसके विपरीत किसी कार्य को सोच समझकर करते हैं और उसको जितना समय लगना चाहिये उस पर उतना समय लगाते हैं तो आपको उसमें 100 प्रतिशत सफलता मिलती है। फलस्वरूप आपके अंदर सकारात्मक सोच उत्पन्न होने लगती है।


आशावादी बने

यदि आप आशावादी है और जीवन में कुछ बड़ा करने की सोच रखते हैं तो आपको सकारात्मक सोच रखने की बहुत जरुरी है। किसी भी कार्य को करने का सकारात्मक कदम वही है जो आपको कुछ करने के लिये बड़ी बाधाओ से दूर रखने में आपकी मदद करें। सकारात्मक ऊर्जा आशावादी लोगों में कार्य को पूरा करने का जनून पैदा करता है। याद रखें कि जीवन में कभी-कभी कठिनाई आती है और परिस्थियां बदत्तर हो जाती है, ऐसे समय में हमे सम्भालने का कार्य सकारात्मक ऊर्जा करती है। इसलिये नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहें।


जीवन में सफल कैसे पा सकते हैं

हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है। कुछ लोग अपना जीवन सोचकर व्यतीत करते हैं तो कुछ लोग अपने सपना को पूरा करने में लगे रहते हैं। लेकिन कभी कभी यह पता नहीं लग पाता कि सफलता मिलेगी कैसे। आज हर व्यक्ति सफल इंसान बना चाहता है। कुछ लोग सफल होने के लिये शोर्टकट का सहारा लेते हैं तो कुछ लोग योजनाबध्द तरीके ले उसके पाने के लिये लगे रहते हैं। लेकिन सफलता मिलती किसी है, यह किसी से छीपा नहीं है। जो लोग योजनाबध्द तरीके से मेहनत करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ लगे रहते हैं, उनको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

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सफलता पाने के लिये सीखना भी बहुत जरुरी है। सीखना सफलता की कुंजी है। सीखना बंद तो जीतना बंद, यह अक्सर अमिताभ बच्चन के मुख से सुना होगा। यह बिल्कुल सहीं है। यदि आपमें सीखने की इच्छा शक्ति है तो आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा स्वंय उत्पन्न होने लगती है। इसके फलस्वरूप आप कार्य को सीखकर उसे करने में निपुण हो जाते हैं और आपको सफलता मिल जाती है। फर्क इस बात से नहीं पड़ता की आप क्या कर रहे हैं, फर्क तो इस बात से पड़ता है कि आप क्या सीख रहे हैं।


सकारात्मक सोचो, सकारात्मक बनो और सकारात्मक करों, इससे सफलता अवश्य मिलेगी।- VK Singh


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