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Friday, January 22, 2021

Bhajan Samrat Narendra Chanchal

 Narendra Chanchal

लोकप्रिय भजन सम्राट गायक नरेंद्र चंचल

लोकप्रिय भजन सम्राट गायक नरेंद्र चंचल जी को Suvichar4u.com की ओर से भावपूर्ण विनम्र श्रध्दांजलि। बड़े दुख के साथ आपको बताया जा रहा है कि भजन गायक Narendra Chanchal का शुक्रवार, 22 जनवरी 2021 को निधन हो गया है। दोपर के 12:15 बजे इंहोने अंतिम सांस ली। इस समय उनका उम्र 80 वर्ष था।


Bhajan Samrat Narendra Chanchal


नरेंद्र चंचल जी को दक्षिणी दिल्ली के अस्पताल में 27 नंवबर को भर्ती कराया गया था और उन्हे मस्तिष्क से संबंधित समस्या थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'भजन' गायक की मृत्यु गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होने भक्ति गीत गायन के क्षेत्र में अपनी एक अनोखी जगह बनाई थी। इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हूं। ओम शांति।



 लोकप्रिय भजन सम्राट नरेन्द्र चंचल

नरेन्द्र चंचल भारत के प्रसिध्द भजन गायक थे। धार्मिक गीतों और भजनों में इन्होंने महारत हासिल की थी। भजन के अलावा, कई हिंदी फिल्मों के लिये भी इन्होने गाना गाया था। ये इतिहास के कई प्रसिध्द भजन और गीतो के गायक थे। इनकी अनोखी आवाज श्रोताओं को बहुत ही मधुर लगती थी। हर सुनने वाले व्यक्ति को इनके गीतों से भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव मिलता था। नरेन्द्र चंचल द्वारा गाये गये हर गाने हम सबको हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे।


नरेन्द्र चंचल जी द्वारा गाया गया माता का गीत “चालो बुलावा आया है माता न बुलया है” को भला कौन नहीं सुना होगा। वैषणों देवी मंदिर जाने वाले सभी माता के भक्त इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते की ये प्रिय गीत उनके के लिये क्या है। वैष्णों देवी पहाडियों से गुजने वाली उनका यह गीत सभी भक्तों के दिल में माता के प्रति भक्ति के भाव जागृत कर देता है। इसके अलावा उनके और भी कई गीत है जो बहुत ही सुंदर और भक्ति के भाव को हजारों गुणा बढ़ाने वाला है-


1. तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

2. अम्बे तू है जगदम्बे काली

3. संकट मोचन नाम तिहारो

4. राम से बड़ा राम का नाम


नरेन्द्र चंचल जी को प्यार से भजनों का 'पहला भजन सुपरस्टार' भी कहा जाता था। इनके भजन सदा-सदा हमारे दिलों में माता के प्रति भाव को जागृत करते रहेगा। इनको हमारा विनम्र श्रध्दांजलि। 


भजन सम्राट नरेन्द्र चंचल की मृत्यु से एक युग समाप्त हो गया है। वह नये भाक्ति गायकों के लिये बहुत अधिक प्रेरणास्रोत थे। उनके गीत में एक प्रकार की ऐसी भावनायें थी, जो सभी व्यक्तियों के भक्ति रस के लिये प्रेरित करता था। इनके भजन सुनने मात्र से ऐसा लगता है कि भावन के करीब आ गये हो। वास्तव में नरेंद्र चंचल जी भक्तिरस के राजा थे। इनकी गायकी में भगवान के प्रति लालसा और आह्वान था। यह शैली कभी किसी अन्य गायक में देखने को नहीं मिला। उनके द्वारा गाये गये गीतो से संगीत हमेशा जीवित रहेगा। किसी ने सच ही कहा है कि कलकार इस दुनियां को छोड़कर जा सकता है लेकिन उसकी कला नहीं। 


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