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Monday, February 5, 2018

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Positive thoughts in hindi - प्रेरणादायक और सकारात्मक कहानी

Positive & Inspirational thoughts

एक प्रेरणादायक  और सकारात्मक कहानी


एक बार एक शहर में किसी भले व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। लोग अर्थी को शमसान घाट ले जाने के लिए तैयार हुए तभी एक आदमी वहां पर आ गया और अर्थी के पांव (feet of died body)को पकड़कर बोला कि मरने वाले व्यक्ति से मुझे अपने 15 lac रूपये लेने हैं, इसने मेरे से एक बार उधार लिया था। पहले आप लोग मेरे पैसे ( 15 Lac)दिला दीजिए तब मैं उसको आगे ले जाने दूंगा। 


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ऐसा देखकर तमाम लोग जो अर्थी के अंतिम संसकार में शामिल होने आये थे, भोचके होकर तमाशा देखने लगे। मरने वाले व्यक्ति के एक बेटा ने कहा कि पिताजी ने हमें कोई ऐसी बात नहीं बताए कि उन्होने किसी से कर्ज लिया है। इसलिए हम आपके इस कर्ज को नहीं लोटा सकते, हो सकता है आप झूठ बोल रहे हो। इसके बाद मृतक के भाइयों ने भी यह कह दिया कि जब इसके जिम्मेदारी बेटे ने भी नहीं लिया तो हम क्यों दे। इस प्रकार की बाते जब घर की औरतों (Women of the house) को पता चली तो कफी बदनामी होने लगी। 

इसके बाद जब मरने वाले व्यक्ति के इकलौती बेटी को पता चली तो वह फोरन उस व्यक्ति के पास आई और बोली कि आपका कितना कर्ज है। मैं चुकादूंगी। फिर लेनदार ने कहा कि 15 lac । इसके बाद बेटी ने आपने सारे जेवर गहने और नकदी (Jewelry or cash)उसको दे दिये और कहा कि अभी मेरे पास केवल इतना ही है, कुछ ही दिनों मैं आपके कर्जे (Loans) चुका दूंगी। Please आप पिताजी की अंतिम संसकार होने दीजिए। 

इतना सुनने के बाद अर्थी के पांव पकड़ने वाला व्यक्ति खड़ा हुआ और बोला कि असल में बात यह है कि 15 लाख रुपये मुझे लेने नहीं बल्कि देने है। जब मुझे इनकी मरने की खबर लगी तो मैं फोरन यहा आया और उनके किसी अपने जो सबसे नजदीक का रिस्तेदार हो उसको पता करने के लिए यह नाटक किया था। मुझे माफ कीजिए मैं इनके वारिस को जनना चाहता था इसलिए ऐसा किया। लो बेटी ये 15 लाख रुपये ये तुम्हारी अमानत है। 

सार - कुछ लोग भलाई भी इस प्रकार से करते हैं कि स्वयं को सोचने पर मजबूर होना पड़ता है। 


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