Aaj Ka Suvichar For You - आज का सुविचार, Quotes of the day

Aaj Ka Suvichar

Quotes of the day

 
Aaj ka suvichar in Hindi for you

Always Go With The choice That Scares You The most.

 Once you learn to read, you will be forever free.

 Ek Palthar wo jo mandir men pooja jata hai


 आज का सुविचार 

(Aaj ke suvichar Hindi )

एक पत्थर वो जो मंदिर मे  पूजा जाता है,
दूसरा वो जो ठोकरों से ठुकराया जाता है
एक पूजा जाता है तो दूसरा पैरों से ठोकर खाता है
अपनी अपनी किस्मत की बात है, एक राजा सा एक रंक सा,
जन्म पत्थर का ही पाया, फिर भी भाग्य अलग अलग पाया।


जिंदगी में अच्छे लोगों की तलाश करना बंद कर दों,
खुद अच्छे बन जाओ और सफलता प्राप्त करने की कोशिश करों।


किसी के सरल स्वभाव को उसकी कमज़ोरी न समझें।
क्योंकि संस्कार सब कुछ बयां कर देती है।


जीत तो कभी कभार मिलती है,
सिख हर बार नहीं मिलती है।
इसलिए जीत पर कभी घमंड न करें,
और हार पर कभी न पछतावा।

Happy Mothers Day - मातृ दिवस

विश्व अंतर राष्ट्रीय मातृ दिवस - मां का जीवन में महात्व

(Happy Mothers Day)
जैसा कि हम सभी को पता है कि बच्चों के दिल में मां के लिए क्या माहत्व और खास जगह है इससे सभी परिचित है। यह खास जगह क्यों न हो। मां वह होती है जिसके दिल में अपने बच्चे के लिए हमेशा प्यार भरा रहता है। इस वर्ष मातृ-दिवस कार्यक्रम को भारत में बहुत ही धूम धाम से मनाया गया। आज विश्व अंतर राष्ट्रीय मातृ दिवस पर भारत के कई स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया और जिसमें मां को लेकर कई संदेश भी लोगों को दिया गया। हमारी जिंदगी में मां शब्द इतना सुंदर शब्द होता है कि जिसको कहने व सुनने मात्र से ही दिल का सुकून व शांति मिल जाती है। 

मां का अस्तित्व मनुष्य जीवन में इतना अधिक होता है कि इसके बिना जिंदगी की कल्पना करना भी एक बेइमानी होगी। मां का प्यार जितना दूसरा प्यार कोई और नहीं हो सकता तभी तो देवताओं को भी मां के प्यार का सुख प्राप्त करने के लिए इस पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ा। 

किसी ने सच ही कहा है कि जिस घर में मां का सम्मान नहीं होता उस घर में देवताओं का आगमन भी नहीं होता है। मां की पूजा भगवान की पूजा से बड़कर मानी जाती है ।  जो भी व्यक्ति अपनी मां को सम्मान नहीं देता वह जिंदगी भर दुख भोगता है और उसकी भगवान भी कोई मदद नहीं करते हैं। कहते हैं कि भगवान हर जगह मौजूद नहीं रह सकता इसलिए उसने मां बनाया। भगवान द्वारा मां भेजा गया एक ऐसा तोफा है जो सबके चेहरे पर मुस्कान ला देता है। 

मातृ-दिवस का दिन हर बच्चे और विद्यार्थी के लिए बहुत अधिक यादगार और खुशी भरा दिन होता है। इसको मदर्स डे (Mothers Day) भी कहा जाता है। यह दिन सभी  माताओं के लिए समर्पित होता है। यह हर वर्ष मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस बार मातृ-दिवस 13 मई 2018 को मनाया गया। 

मां से संबंधित सुविचार

Happy Mothers Day mom
Author - Vinay Singh

Jeevan men satya ki pahachan

जीवन के सत्य की पहंचान


आंसू जताते है दर्द कैसा है। 

बेरूखी बताती है हमदर्द कैसा है। 

घमंड बताता है अमीर कैसा है। 

संस्कार बताते है परिवार कैसा है। 

बोली बताती है इंसान कैसा है। 

बहस बता देती है ज्ञान कैसा है। 

नजरे बताती है सूरत कैसी है।

स्पर्श बता देता है नीयत कैसी है। 

Author - Vinay Singh

Bharat Bandh - A Story of MP Hero, Sajid

भारत बंद के दौरान ऐसा हिम्मत का काम - ऐसे व्यक्ति को सलाम

साजिद भाई की कहानी

Sajid Bhai Apko Salam karte hai

हम ऐसे व्यक्ति को सलाम करना चाहिए जिसमें अपनी जिन्दगी से ज्यादा दूसरों की जिंदगी को बचाने का हिम्मत हो। आज हम ऐसे ही एक व्यक्ति के बारे में बात कर रहे है जो एक ड्राइवर है। इनका नाम साजिद है। भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश में कुछ आंदोलनकारियों ने एक पेट्रोल के टैंकर में आग लगा दिया। उस समय साजिद ने देखा कि पैट्रोल टैंकर में आग लगी है, तब साजिद ने हिम्मत से काम लिया और सोचा कि टैंकर यदि इस रिहायशी इलाके में फटा तो सैकडों लोगों कि जान चली जायेगी। फिर क्या इन्होने हिम्मत से काम लिया और अपनी जान की प्रवाह किये बैगर टैंकर को रिहायशी इलाके से दूर ले जाकर छोड़ा। इस हादसे में इनकी हाथ झुलस गयें। अब अंदाजा लगाइये कि यदि यह पेट्रोल से भरा टैंकर उस रिहायशी इलके में फटता तो कितने मासूम लोग मारे जाते। खुशी की बात यह है कि इन्होने हजारों लोगों की जान बचाई। हमें ऐसे लोगों को सलाम करना चाहिए न कि उसे जिसने भारत बंद का समर्थनकर लोगों के साथ लूट पाट की और हजारों लोगों को तंग किया। 

साजिद भाई आपको हम तहे दिल से सलाम करते है।

दलित होना कोई पाप नहीं, हमारे देश में आज भी बहुत से लोग है जो उच्च जाति में होते हुए भी बहुत गरीब है यहा तक के दो वक्त के रोटी भी बड़ी मुश्किल से जुटा पाते हैं। इसलिए असली दलित तो वह है जो गरीब है और जिसको सही मायने में आरक्षण की जरूरत है। हम ऐसे हजारों दलित भाइयों का सम्मान करते हैं जिन्होने भारत बंद का समर्थन नहीं किया। आज में उन लोगों के लिए एक सुविचार लिख रहा हूं जिन्होने भारत बंद का आवाहन किया और हजारों लोगों को बेवजह परेशान किया। 

आज का सुविचार

जो भगवान का सौदा करता है ,
वो इन्सान की कीमत क्या जाने ,,
जो भारत बंद की बात करता है,
वो अम्बेडकर की कीमत क्या जाने!

एक सोच और एक विचार

भीमराव रामजी आंबेडकर ने कभी नहीं कहा कि भारत बंद की जाएं बल्कि उन्होने तो अपने समय यह कहा होगा कि इतनी मेहनत करों कि भारत से गरीबी मिट जाये। मैं यह बात इसलिए कह रहा हूं कि इनकी शिक्षा जितनी थी उस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भीमराव रामजी आंबेडकर कितने मेहनती व्यक्ति थे। इनके नाम का गलत मतलब न लगाये इन्होंने सविधान को उस समय के हिसाब से लिखा होगा जिस समय में वो थे। समय के साथ साथ परिवर्तन करना पड़ता है, नहीं तो अंत निकट आ जाता है इसलिए समय और परिस्थिति के साथ बदना सीखें। 

Author - Vinay Singh

Bharat Band Kina Sahi Kitna Galat - भारत बंद, विचारणीय छंद

यह कैसा भारत बंद, जो आपस में लड़ाई करवायें!

 यह कैसा भारत बंद, जो भाई भाई को काटने पर मजबूर हो गये आप। किसी ने सच ही कहा है कि हिंदुओं में यदि जात पात खत्म नहीं हुआ तो इसका फायदा कोई और उठायेगा। इसका जिता जागता उदाहरण है 2 अप्रैल भारत बंद की कहानी। हमें अब एक होने की जरूरत है नहीं तो कुछ लोग जो हमे काफीर कहते हैं वे इसका फायदा उठा लेंगे। हे हिंदुओं आप जात पात को छोड़कर क्या एक जाती नहीं बन सकते जिसका नाम एक ही हो सकता है वह है हिंदुस्तानी। गर्व से कभी ये मत कहों की मैं राजपूत हूं, मैं पंडित हूं, मैं एक शूद्र हूं, मैं एक वैश्य हूं बल्कि यह कहों कि मैं एक हिंदुस्तानी हूं। जिस दिन सब एक होकर गर्व से ये कहेंगे कि मैं एक हिंदुस्तानी हूं उस दिल ये लोग जो भारत के टूकड़े करने के बात करते हैं वे दूम दबाके भाग जायेंगे और भारत फिर से विश्व गुरु कहलायेगा। इसलिए गर्व से कहों मैं एक हिंदू हूं। 

यह कैसा भारत बंद, जो आपस में लड़ाई करवायें!


अम्बेडकर जी को हम भी उतना मानते हैं जितना की आप तो फिर क्यों आपने भारत बंद किया ऐसा करने से क्या अम्बेडकर जी  का सीना चौड़ा हुआ नहीं। सोच के देखियें इससे किसका नुकसान हुआ। मेरे क्रांतिकारी मित्रों क्या ऐसा करने से आप बधाई के पात्र हुए नहीं बल्कि जब आप शाम को ऐसा करके घर पहुंचे होंगे तो कही न कही आपको जरूर महसूस हुआ होगा की ये भारत बंद नहीं हमारा अकल बंद था क्योंकि आपने अपना खुद नुकसान किया। हमारी आपसी फूट का फायदा कौन उठा रहा है जारा आप सोचिये।

मेरे भाइयों क्या आपको पता है कि आपकी इस आंदोलन की वजह से एक एम्बुलेंस में नवजात बच्चे की मृतु हो गई उसमें इसका क्या कसूर था, उसकी माँ अब तक रो रही है क्या आप उसके आंसू को पोछ सकते हैं नहीं ना और वह कब तक रोयेगी ये भी नहीं पता। क्या आप लोग उसके दोषी नहीं है। सोचों तुम एक दिन नवजात रहे होंगे क्या उस दिन ऐसा भारत बंद हुआ होता और खुद न करें आपके साथ ऐसा हदसा हुआ होता तो क्या आप इस धरती पर होते। सोचों मेरे भाई, जरा सोचों कौन लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।

उदयमंदिर थाने के उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी को कुछ प्रर्दशनकारियों ने घेर कर पीटा जिसकी वजह से वे शहीद हो गयें। जरा सोचों मेरे भारी उसमें उनकी क्या गलती थी वे तो अपनी नौकरी कर रहे थे। आपके सर पर तो भारत बंद का जनून सवार था इसलिए आपको यह भी नहीं दिखरहा था कि यह भी किसी का भाई होगा। आपने किसको मारा वह भी एक हिंदुस्तानी था और आप भी तो भाई भाई को मारते समय आपको जरा सी भी लजा नहीं आई। ये कैसा भारत बंद था मेरे भाई मुझे कोई समझा दो या खुद सोचो की कौन लोग हमे आपस में लड़ाकर फायदा उठा रहा है।

इस आंदोलन में फायरिंग हुई और इस फायरिंग से एक छात्र की मौत हो गई। इसमें इस छात्र की क्या गलती थी मेरे भाई और न जाने कितने भाइयों को चोट लगी कितने का घर तबाह हो गया। क्या आपको अभी भी लग रहा है कि आपका भारत बंद सफल रहा नहीं। भारत बंद सफल नहीं रहा बल्कि भाई भाई के बीच में नफरत की दरार पड़ गई। बोलो ये दरार कैसे मिटाओंगे मेरे भाई। जिस देश को दिन रात मेहनत करके इस देश की तरकी में योगदान देना चाहिए उस देश के युवा एक दिन भारत बंद करायेंगे ये किसे पता था। भारत बंद होने से सिर्फ हमारा ही नुकसान हुआ उसको समझों मेरे भाई। आपसी लड़ाई झगड़े को छोड़ों और उन लोगों को सबक सिखाओं जो लोग भारत बंद का ऐलान किया। समझो ये लोग तो चाहते हैं कि ये आपस में लड़े ताकि वे इसका लाभ ले सकें। अब आगे क्या लिखूं मेरे इस कविता को पढ़े और समझने कि कोशिश करें कि भारत बंद से क्या लाभ मिला और यह कितना सफल रहा!
क्रांतिकारी मित्रों, बधाइयाँ.. आपका भारत बंद सफल रहा!

विचारणीय छंद

क्रांतिकारी मित्रों, बधाइयाँ.. आपका भारत बंद सफल रहा!

जब सैनिक पे पत्थर बरसे तब भारत बंद कराना था,
जब किसान रोटी को तरसे तब भारत बंद कराना था।

आधी रात जब खुला न्यायालय, तब भारत बंद कराना था,
जब खतरों में था देवालय, तब भारत बंद कराना था।

जब सिक्खों के नरसंहार हुए, तब भारत बंद कराना था।,
जब जेऐनयु में देश के खिलाफ नारे लगें, तब भारत बंद कराना था।

कोई ये तो बताए 2 अप्रेल को किस बात का भारत बंद कराना था

न कोई जात, न कोई पात, हम हैं सिर्फ हिंदुस्तानी

।।जय श्री राम।।  ।।हम है हिंदुस्तानी।।  ।।हम है भारतवासी।।
Author - Vinay Singh
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