Tuesday, June 11, 2019

Pulkit Thi, Praphoolit Thi - Meri Gudiya, Twinkle Sharma

Pulkit Thi, Praphoolit Thi, Main To Hansti Khelit Ek Phool ki Kali Thi

पुलकित थी, प्रफुल्ल थी, मैं तो हंसती खेलती एक फूल की कली थी।

पुलकित थी, प्रफुल्ल थी, मैं तो हंसती खेलती एक फूल की कली थी।
अनजानी सी इस दुंनिया में, मुझे क्या पता चारो ओर हैवानो की मंडली थी।।

पुलकित थी, प्रफुल्ल थी, मैं तो हंसती खेलती एक फूल की कली थी।
धर्म की नगरी में,  मुझे क्या पता अधर्म की बोली थी।।

पुलकित थी, प्रफुल्ल थी, मैं तो हंसती खेलती एक फूल की कली थी।
अपनो की इस बस्ती में, मुझे क्या पता किसी अपनो में ही हैवानियत थी।।

पुलकित थी, प्रफुल्ल थी, मैं तो हंसती खेलती एक फूल की कली  थी।
कर्ज की मजबूरी में, मुझे क्या पता ब्याज की वसूली थी।।

पुलकित थी, प्रफुल्ल थी, मैं तो हंसती खेलती एक फूल की कली  थी।
न्याय की कानूनी पेच में, मुझे क्या पता अन्याय की टोली थी।।

         ✍️ Vinay Singh, Suvichar4u.com

Saturday, June 8, 2019

Twinkle Sharma Main Nishabd Hoon

Gudia Main Nishabd Hoon

अलीगढ़ के टप्पल ब्लोक में रहने वाली 3 साल की मासूम बच्ची ट्विंकल शर्मा को कुछ दरिंदे लोगों ने बेरहमी के साथ कत्ल किया, उसके हाथ-पैर काटकर आंखे निकाल ली और मासूम के शव को फेंक दिया। जबसे यह खबर सुनी है तब में मैं बहुत ही दुखी हूं और निशब्द हूं कि क्या प्रतिक्रिया दूं। मुझे ऐसा लगता है कि कुछ लोग तो इंसान क्या जानवर कहलने के लायक भी नहीं है क्योंकि जानवर भी ऐसा नहीं करते। इन लोगों को जल्द से जल्द फांसी हो ताकि लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था पर बना रहें।

Twinkle Sharma Main Nishabd Hoon


गुड़ियां मैं निशब्द हूं.....


मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं,
बेबस हूं, मजबूर हूं जो तेरे कतिल को अभी तक फांसी के तख्त तक पंहुचा न सका,
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

बेबस हूं, मजबूर हूं जो उन चंद लोगों को समझा न सका कि इसको धर्म की चश्मे से न देंखे। 
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

बेबस हूं, मजबूर हूं जो ऐसे देश में रहता हूं जहां की न्याय व्यवस्था कमजोर है।
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

बेबस हूं, मजबूर हूं इन मीडियां को देखकर जो तुम्हारी आवाज न बन सकी, जो तुम्हे इंसाफ न दिला सकी। 
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

बेबस हूं, मजबूर हूं जब इस खबर को सुना कि महज कुछ चंद नोट की टुकरों के खातिर वहशियों ने तुम्हे मार डाला।
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

बेबस हूं, मजबूर हूं जो कुछ नेताओं की राजनीति को समझ न सका, जिनको हमने वोट दिया।
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

बेबस हूं, मजबूर हूं उन लोगों को देखकर जो बात बात पर मोमबत्ती लेकर चले आते हैं लेकिन वहशियों को नहीं जलाते हैं।
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

एक बार वहशियों को जलाने की कोशिश तो करों मेरे भाई, फिर न कोई वहशी बचेगा और न कोई कातिल। 
मैं निशब्द हूं, निशब्द हूं, गुड़ियां मैं निशब्द हूं।।

✍️ Vinay Singh, Suvichar4u.com

गुड़ियां मैं निशब्द हूं.....
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
यह उस 2.5 वर्षीय बच्ची ट्विंकल शर्मा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट है जिसे रमज़ान में एक रोज़ेदार शांतिदूत मुहम्मद जाहिद ने बलात्कार कर मार दिया, उसकी आंखें नोचकर निकाल ली, उसके हाथ पैर काट दिए, उसके गुप्तांगों में चाकू से वार किये, उसका पेट फाड़ दिया, फिर उसके शव को कुत्तों के खाने के लिए फेंक दिया।

यह रिपोर्ट पढ़ने के बाद मुझे विश्वास नहीं हुआ कि कोई मनुष्य इतना विभत्स आचरण भी कर सकता है

जरा इस रिपोर्ट के उन अंशों पर एक दृष्टि डालिये जिन्हें मैंने हरे रंग से हाईलाइट किया है आपको भी उस शांतिदूत जाहिद द्वारा 2.5 वर्षीय ट्विंकल के संग किया गया पैशाचिक आचरण समझ आ जाएगा

⭕ बच्ची के शरीर मे छोटी व् बड़ी आंत मिली ही नहीं
⭕ बच्ची के शरीर मे किडनी मिली ही नही 
⭕ यूरिनरी ब्लैडर मिला ही नहीं
⭕ जेनिटल्स मिले ही नहीं 
⭕ बच्ची के शरीर मे आंखें थी ही नहीं
⭕ बच्ची के हाथ पैर उसकी हत्या से पूर्व काटे गए थे

रमज़ान के महीने में रोज़ेदार मुहम्मद जाहिद ने अपने हिन्दू पड़ोसी की 2.5 वर्षीय बच्ची का बलात्कर किया उसकी आंखें नोचकर निकाल दीं, उसके हाथ पैर काटे फिर उसके गुप्तांगों में चाकू घुसाकर फाड़ा और अपने हाथ से खींचकर उसकी आंतें व् यूरिनरी ब्लैडर व् वेजाइना बाहर निकाल दीं,
फिर बच्ची का पेट चाकू से काटा और उसकी किडनी बाहर निकालकर फेंक दी।
Justice For Twinkle

Twinkle Sharma murder case को लेकर कुछ फेमस हस्तियों के ट्वीट:














#JusticeForTwinkle #twinklesharma #Aligarh #RealFaceOfIslam #ReligionOfTerrorists #ReligionOfRapists #NoOutrage #NoPlaycards #Killed4BeingHindu

स्वस्थ जीवन के लिए Vestige products अपनायें

स्वस्थ जीवन के लिए Vestige products


दोस्तों आज हम आपको Vestige के कुछ फूड सप्लीमेंट के बारे में बताएंगे , जिन्हें जानने के बाद आप उन्हें तुरंत ऑर्डर करना चाहेंगे और एक स्वस्थ जीवन जी सकेंगे।

आइए जानते हैं उन Vestige उत्पादों के बारे में :


Vestige Spirulina: - यह झीलों में पैदा होने वाले समुद्री जीवों के शैवाल से बनाया जाता है! विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, खनिज, अमीनो एसिड, वीटा कैरोटीन, विटामिन बी 12, एयरियन, विशेष रूप से फैटी एसिड जीएलए जैसे कई तत्व जो केवल मां के दूध से मिलते हैं, पाए जाते हैं! Spirulina वसा को कम करके हृदय की रक्षा करता है! इसमें प्रोटीन सोयाबीन से दो गुना, दूध से 14 गुना, अंडे से 6 गुना और दालों से 3 गुना ज्यादा होता है! यह हमारी कोशिकाओं का संचालन करता है और हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है और रक्तचाप, रक्तचाप, मोटापा, त्वचा रोग, कब्ज, मुँहासे, अल्सर, दस्त, आंखों की रोशनी की कमी, पीलिया, पेट की ख़राबी, हृदय रोग, जैसी कई बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है। संयुक्त रोग, स्त्री रोग आदि।

जापान में 50 से अधिक 73% लोग Spirulina खाते हैं! यह बुढ़ापे की गति को धीमा कर देता है! यह सही प्राकृतिक प्रोटीन है! यह तेज़ है! यह सबसे अच्छा आहार है न कि युवा लोगों के लिए दवा।

खुराक : भोजन के बाद दिन में दो बार एक कैप्सूल लें!


Vestige Colostrum : - यह गाय के बछड़े के दूध (जिसे आम भाषा में बौली कहा जाता है) से बनाया जाता है! इसमें कई पोषक तत्व, विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, खनिज अमीनो एसिड पाए जाते हैं! यह मस्तिष्क की कमजोरी, कैंसर, एलर्जी, झुर्रियाँ, बवासीर, अल्सर और खराब पाचन जैसी कई बीमारियों को ठीक करता है और रोगों से लड़ने की शक्ति देता है! यह फ्लू से भी बचाता है! बुढ़ापे में शरीर को चुस्त रखता है! यह खिलाड़ियों, रेसर, आइस स्केटिंग चमगादड़ और भारोत्तोलन के लिए बालों की एक उपयुक्त खुराक है!

वयस्कों के लिए: दो या दो कैप्सूल दिन में दो बार या खाली पेट!
बच्चे के लिए (6 से 12 वर्ष): भोजन से पहले दिन में दो बार या खाली पेट एक-एक कैप्सूल!

Vestige Noni: - नोनी अन्नानास की कई प्रकार की किस्में हैं, जिनका उपयोग पिछले दो वर्षों से एक वैध होमवर्क में किया गया है! नोनी में ज़ेरोइनिन (ज़ेरोनीन) होता है जो शरीर की सभी कोशिकाओं को सही काम करने के लिए आवश्यक है! इसके प्रयोग से शरीर के विषैले तत्व खत्म हो जाते हैं और शरीर आनंदित हो जाता है! यह अस्थमा, उच्च रक्तचाप, मस्तिष्क विकारों गठिया, गले के रोगों, स्त्री रोग, यौन संबंधी कब्ज, अल्सर, माइग्रेन, ट्यूमर और टूटी हड्डियों को ठीक करता है! मर्दाना ताकत के लिए सबसे अच्छा पोषक तत्व है!

खुराक : दिन में कम से कम आधे घंटे पहले एक कप लें!


Flax seed oil Capsule benefit: - फ्लेक्स या अलसी का तेल अल्फ़ा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) से भरा होता है! विटामिन-ई, ओमेगा 3-6, ओमेगा -9! इसमें तेल की तुलना में ओमेगा -3 मछली 50% अधिक है! इसमें विटामिन बी -1, बी -2, बी -6, पोटेशियम, जिंक प्रोटीन और फाइबर होता है! यह रक्त के थक्कों को रक्त के थक्के बनने से रोकने में मदद करता है! यह सभी उम्र की महिलाओं के लिए उत्सव है क्योंकि यह मासिक धर्म और सामान्यीकरण की सुविधा देता है। यह दृष्टि को बढ़ाने और कड़ी मेहनत के बाद तेजी से ताज़ा मांसपेशियों को बनाने में सहायक है! यह कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को नियंत्रित करता है! यह दिल का दौरा गठिया, गठिया, कैंसर, मोटापा, मुँहासे और जोड़ों के रोगों में स्वास्थ्य और पोषण के लिए उपयुक्त है! यह अल्फा-लिनोलेनिक एसिड को कम करता है और इसमें लिगनन की सूजन प्रतिरोध तंत्र को ठीक से काम करने में मदद करता है!

Dose: भोजन के बाद दिन में तीन बार तीन कैप्सूल!


वेस्टी गण्डरमा : - यह मशरूम से बना पौष्टिक तत्व है! इसमें ऑक्सीजन, प्राकृतिक तेल, प्रोटीन लोहा, कैल्शियम, विटामिन-ई, विटामिन 12, पोटेशियम, तांबा और सेलेनियम शामिल हैं! यह शरीर से विषैले तत्वों को निकालता है! यह शुगर, ब्लड प्रेशर, एलर्जी, कैंसर थायराइड को ठीक करता है और वसा को कम करता है! मर्दाना ताकत के लिए सबसे अच्छा पोषक तत्व है!

खुराक : भोजन के बाद दिन में तीन बार तीन कैप्सूल!

Thursday, June 6, 2019

Heart Touching Love Story of Husband Wife

नोक- झोक भरी प्रेम कहानी और उसका अंजाम

Heart Touching Love Story of Husband Wife

एक प्रेमी और प्रेमिका शादी के पहले आपस में एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे। थोड़ी नोक-झोक उनमें होती रहती थी। फिर प्यार में वे मान जाते थे। कुछ दिनों बाद उनकी शादी हो गई। कुछ दिन तो बहुत ही मजे में कटा लेकिन इसके बाद। उनमें हर छोटी- मोटी बात को लेकर नोक-झोक होनी शुरू हो गई थी। कई कई दिन तक उनमें बातचित बन्द होने लगी।


Heart Touching Love Story of Husband Wife

आज दोनो की सालगिरह थी। लेकिन लड़की ने जानबूझ कर लड़के को नहीं बताया। वो देखना चाहती थी कि उसके पति को याद है की नहीं। पर आज पति सुबह ही उठा और नहा धो कर जल्दी ही बाहर चला गया। बीवी रुआँसी हो गई। थोड़ी देर बाद दरवाजे पर घण्टी बजी, उसने दरवाजा खोला और देखा कि उसका पति गुलदस्ते और उपहारो के साथ एनिवर्सरि सरप्राईज लाया था। उसने उपहार लेकर पति को गले से लगा लिया फिर पति घर के अन्दर चला गया। तभी बीवी के मोबाईल पे पुलिस वाले का कॉल आया और उसने कहा कि तुम्हारे पति की लाश मिली है। 

उसके पतिका एक्सिडेंट हो चूका है। वो सोचने लगी की उसका पति अभी तो गिफ्ट देकर अन्दर ही गया है। फिर उसे वो बात याद आ गई जो उसने सुना था कि मरने के बाद अन्तिम इच्छा पूरी करने के लिये इंसान कीआत्मा एक बार आती है। वो दहाड़ मार के रोते हुये कमरे में गई। सच में उसका पति वहाँ पर नहीं था। वो रोने लगी उसे अपने किये गये सारे नोक झोंक याद आने लगे।

वो चिल्लाने लगी प्लीज कमबैक, प्लीज कमबैक। मैं कभी नहीं लड़ुँगी। तभी बाथरूम से उसका पति निकला और रोने का कारण पूछा। बीवी उसके सीने से लिपट गई और रोने लगी फिर सारी बात बताई। तब पति ने बताया की आज सुबह उसका पर्स चोरी हो गया था। ऐसे ही जिन्दगी में कई अहम रिश्ते और दोस्ती होते है, जिनका महत्व हमें तब समझ आता है। जब वो नहीं होते। प्यार बाँटिये नफरत कहाँ तक ढ़ो पायेंगे। रिश्तों की अहमियत को समझिये।

Search Tags: Heart Touching, Love Story, Husband Wife, Love Quotes, Pyar Bhari Suvichar, Anmol Vachan, Heart Touching Story in Hindi

Friday, May 10, 2019

आप का सियासी ड्रामा है थप्पड़ कांड

आप, थप्पड़ कांड और सच - AAP ka Siyasi Drama

'आप' का सियासी ड्रामा है थप्पड़ कांड, - मीडिया कवरेज के लिए रचा गया ड्रामा

सुविचार

"कहते हैं न ड्रामा करते करते इतना मत बन जाओ कि लोग आपको पुरा ड्रामेबाज समझने लगे। "- Vinay Singh


चलिये थप्पड़ कांड कैसे है आप का सियासी ड्रामा, समझने की कोशिश करते हैं -

1978 में एक फिल्म बनी, किस्सा कुर्सी का। इसको लेकर बहुत विवाद भी हुआ। इंदिरा गांधी को आपत्ति थी। इसमे मुख्य रोल में शबाना आजमी भी थीं। ये फिल्म एक नुक्कड़ नाटक की तरह था। इसे फिल्म और मनोरंजन से जोड़ कर देखने पर निराशा हाथ लगेगी। फिल्म में शानदार तरीके से राजनीति के मनोविज्ञान को दर्शाया गया है। इस फिल्म को देख कर कम से कम 2014 तक की राजनीति का ज्ञान हो जायेगा। 2014 के बाद तो राजनीति को बस मोदी नाम से जाना जाता है।

आप, थप्पड़ कांड और सच


किस्सा कुर्सी का, इस फिल्म में दिखाते हैं कि दो व्यापारी घराने के युवा जोड़ा कुछ अलग करना चाहते हैं जिससे उनकी दौलत, शोहरत और शक्ति में वृद्धि हो। इन दोनो को रोड के किनारे एक नट (जादू टोना जैसे करतब दिखाने वाले) दिखता है जो बोलने में एकदम स्टोरी टेलर होता है। लोगों ने उसे घेर रखा होता है। एक अनपढ़ नट जिसे दुनिया दारी का कोई ज्ञान नही, उसका लोगों पर प्रभाव देख कर युवा जोड़े को अपना लक्ष्य दिख जाता है। दोनो उस नट को बड़े सपने दिखाते हुए राजनीति में लॉन्च कर देते हैं। बोलने में वो एक्सपर्ट होता ही है इसलिए अपने सामर्थ्य का इस्तेमाल करते हुए युवा जोड़ा व्यापार जगत से निकल कर राजनीति में अपनी जगह बनाते हुए देश के सिस्टम का हिस्सा बन जाता है।

अब इस प्रसंग से नट को बाहर निकाल लेते हैं जो श्री श्री चार सौ बीस अरविंद केजरीवाल हैं। राजनीति, फिल्म और बाबागिरी जैसे कुछ क्षेत्रों में सारा खेल जबान का है। जैसे सपने दिखाओ वैसी मलाई। व्यक्तिगत स्वार्थ में डूबे लोगों को सपने दिखाना आसान है। केजरीवाल ने सबसे पहले अन्ना आंदोलन से अपना प्लेटफॉर्म तैयार किया। इसके बाद इसने अपने बच्चों की झूठी कसम खाते हुए राजनीति में आने का मेन्स एग्जाम पास किया।

राजनीति में आने से लेकर अब तक केजरीवाल ने तीन मुख्य काम किये। पहला काम लोगों को बड़े बड़े प्रलोभन भरे सपने दिखाना, दूसरा काम दिन रात मोदी को कोसना, तीसरा मुख्य काम येन केन प्रकारेण मीडिया में बने रहना।

पहले और दूसरे काम में फ्लॉप होने के बाद केजरीवाल ने हमेशा तीसरे काम पर फोकस किया। लोग अपने सामर्थ्य के हिसाब से अपना प्रदर्शन करते हैं इसलिए केजरीवाल को लेकर सच्चे आम आदमी में अब कोई संदेह नही रहा। अब हाल फिलहाल की घटनाओं पर नजर डालते हैं।

दो तीन महीने पहले केजरीवाल चंडीगढ़ में रैली करने गये। इतनी भीड़ थी कि दूरबीन से भी ना दिखे। इससे केजरीवाल भड़क गये और ये बिना भाषण दिये लौट आये। इससे आयोजक खर्चे को लेकर केजरीवाल पर भड़क गये। जाहिर है वो पैसा आयोजक ने ही अपनी जेब से भरा होगा। दूसरा वाकया है लाल मिर्च पावडर वाला। इस घटना के घटते ही ट्वीटर सहित सभी साइट पर आम आदमी पार्टी ने इसे मोदी का हमला बताते हुए रुदाली गान प्रारम्भ कर दिया। बहुत बड़ा जानलेवा हमला घोषित कर दिया इसको। मैं अब तक नही समझ पा रहा हूं कि लाल मिर्च से कैसे जान ली जा सकती है।

अब अंत में थप्पड़ कांड पर आते हैं जो पहली बार नहीं है।

अभी बहुत दिनों से सोशल साइट पर सास बहु की तरह आप कांग्रेस गठबंधन का पाणिग्रहण होगा या नही का सीजन चल रहा था। नतीजा कुछ नही निकला और लोग भी बोर हो गये। इसी हफ्ते केजरीवाल ने मोदी जी को छोटा दिखाने के लिए अपने कोर वोटर एरिया, अर्थात जामा मस्जिद इलाके में रोड शो किया। इस रोड शो भीड़ में नाम पर बस वो समर्थक थे जो रोड शो का हिस्सा थे। इसे ना मीडिया ने कवर किया और ना ही ये खुद अपने पेज पर दिखा सकते थे। अब क्या किया जाये? इसी के लिए थप्पड़ कांड रिटर्न्स का आयोजन किया गया जिसका प्रभाव स्पष्ट है।

फिर से थप्पड़ कांड का आयोजन होते ही केजरीवाल सुर्खिया बटोरने लगे। सभी सोशल साइट पर यही चल रहा है। कोरा भी अछूता नही रहा। इस पर कई सवाल और दर्जन भर जवाब आ चुके होंगे। अब तक केजरीवाल पार्टी के लोग कई प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर चुके हैं और इसे जान लेवा हमला बता चुके हैं। क्या वाकई एक थप्पड़ जान लेवा हमला हो सकता है? केजरीवाल ने इस थप्पड़ को दिल्ली वालों के गाल पर लगा थप्पड़ बताया है जिसे केजरीवाल के सिवा और कोइ आम दिल्ली नागरिक नही मानेगा। वो तो खुद ये स्वर्णिम मौका प्राप्त करना चाहेंगे। बस केजरीवाल के समर्थक इससे इत्तेफाक नही रखेंगे और इसे मोदी की साजिश साबित करने के सबूत लाएंगे।

कुल मिलाकर इस थप्पड़ की गूंज वो शहनाई बन चुकी है जिसे केजरीवाल सुनना चाहते थे। जहां देखो वहां केजरीवाल छाये हुए हैं। मैं इस घटना की घोर निंदा करता हूं। ये थप्पड़ कांड तब तक चलना चाहिए जब तक केजरीवाल कोर्ट में साबित ना कर दें ये मोदी के इशारे पर हुआ है।

स्रोत - Quora Post, Pankaj Mishra, New Delhi

Featured post

Pulkit Thi, Praphoolit Thi - Meri Gudiya, Twinkle Sharma

Pulkit Thi, Praphoolit Thi, Main To Hansti Khelit Ek Phool ki Kali Thi पुलकित थी, प्रफुल्ल थी, मैं तो हंसती खेलती एक फूल की कली थी। ...