Hindi Mi Yaha-Geet aur kavita-35


एक चाहत के तले अजनबी हो जाते है रिश्ते बिस्तर पे चादरों से छुप सो जाते है ढूंढे से भी इन में नही गर्मियाँ मिले यह कैसी भीड़ है बस यहाँ तन्हाइयां मिले !

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