Breaking

Saturday, March 2, 2013

Home >> Anmol Vachan >> Hindi Kavita >> Suvichar >> Hindi Mi Yaha - Geet aur kavita

Hindi Mi Yaha - Geet aur kavita


एक चाहत के तले अजनबी हो जाते है रिश्ते बिस्तर पे चादरों से छुप सो जाते है ढूंढे से भी इन में नही गर्मियाँ मिले यह कैसी भीड़ है बस यहाँ तन्हाइयां मिले !

No comments:

Related Posts

Comments

Blog Archive

Contact Form

Name

Email *

Message *