Achcha Lagata hai-Geet aur Kavita-6


एक दर्द जो अच्छा लगता है। क्या मर्ज़ है अच्छा लगता है।  कभी सामना उससे होती है ये दिल रह जाता है धक!से ये प्यार है,भय है या कोई ये अर्ज़ है अच्छा लगता है।।

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