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Friday, March 1, 2013

Git Hai Dil ki Sada-Geet aur kavita-15


गीत है दिल की सदा हर गीत गाने के लिए गुनगुनाने के लिए सबको सुनाने के लिए  ज़ख़्म रहता है कहीं और टीस उठती है कहीं दिल मचलता है तभी कुछ दर्द गाने के लिए  फूल की पत्ती से नाज़ुक गीत पर मत फेंकिए बेसुरे शब्दों के पत्थर आज़माने के लिए

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