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24 मार्च 2020

WHO: Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

World Health Organization


Protect Yourself and Others from Getting Sick

Wash Your Hands: 


  1. After Coughing or sneezing.
  2. When Caring for the sick.
  3. Before, during and after you prepare food.
  4. Before eating.
  5. After Toilet use
  6. When hads are visibly dirty. 
  7. After handling animals or animal waste. 

Wash Your Hands: 

  1. Wash your Hands with soap and running water when hands are visibly dirty. 
  2. If your hands are not visibly dirty, frequently clean them by uning alcohol based hand rub or soap and water.

Reduce you risk of corona virus infection: 


  1. Clean hands with soap & water or alcohol-based and rub.
  2. Cover nose and mouth when coughing and sneezing with tissue or flexed elbow. 
  3. Avoid close contact with anyone with cold or flu-like symptoms.

Through cood meat and eggs: 

  • No unprotected contact with live wild or farm animals. 

Protect others from getting sick: 

  1. When coughing and sneezing cover mouth and nose with flexed elbow or tissue. 
  2. Throw tissue into closed bin immediately anfter use. 
  3. Clean hand with alcohol-based hand rub or soap water after coughing or sneezing and when caring for the sick. 

Be Ready for Coronavirus: 

WHO is giving advice on how to protect ourselves and other: 

  • Be safe from corona virus infection. 
  • Be Smart and inform yourself about it. 
  • Be Kind and support one another. 

Be SMART and inform yourself about Corona virus: 


  • Follow accurate public health advice from WHO and you local health authority. 
  • Follow the news on latest corona virus updates. 
  • To avoid spreading rumors, always check the source you are getting information from.
  • Don't spread rumors.


Suvichar 4 you : Health tips

खुद को और दूसरों COVID-19 से कैसे सुरक्षित रखें


खुद को और दूसरों बीमार होने से सुरक्षित रखें


  1. अपने हाथ को ध्यानपूर्वक धोयें: 
  2. खाँसी या छींकने के बाद।
  3. जब बीमार लोगों का देखभाल कर रहे हैं। 
  4. भोजन बनाने से पहले अपने हाथ को धोयें। 
  5. खाने से पहले हाथ को धोयें। 
  6. शौचालय उपयोग के बाद हाथ को धोयें। 
  7. जब हाथ गंदा दिख रहा हो तब हाथ को धोयें। 
  8. जानवरों या जानवर के कचरे को साफ करने के बाद हाथ को धोयें। 

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

Protect Yourself and others from COVID-19

23 मार्च 2020

COVID-19: Safety and Health Topics | Control and Prevention

COVID-19

Safety and Health Topics

Protect yourself from Coronavirus disease (COVID-19)

In any case, protect yourself from Coronavirus disease (COVID-19). Stay out at home only when you need it. Support the government in the campaign of the government. Because if this corona spreads in India, the situation will become very frightening and it will become very difficult to handle. Which you can not even guess. To spoil the situation of our country than other countries and to increase it, the following are the reasons:

  1. Population of our country is very high.
  2. The population density per square kilometer is also much higher than other countries.
  3. Our country and countries do not have the same number of advanced hospitals and facilities like others are here.
  4. People in our country live with less security than other countries and there is also a lack of awareness.

So be careful rather than handling the other. This is for the benefit of all. Should not be misled by anyone and politics should not be disturbed. The way it is being seen in Bihar nowadays.

Read about COVID-19 (Coronavirus Sisease):

COVID-19 से बचने के उपाय


हर हालत में अपनी सुरक्षा स्वयं कीजिए। घर पर रहें जरूरत हो तभी बाहर निकलें। सरकार के मुहिम में सरकार का साथ दें।  क्योंकि यदि भारत में यह कोरोना फैला तो स्थिति बहुत भयावह हो जायेगी और उसे संभालना बहुत मुश्किल हो जायेगा। जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। दूसरे देशों की अपेक्षा हमारे देश स्थति बिगाड़ने की और इसे बढ़ने के  निम्नलिखित कारण है-
  1. हमारे देश की पॉपुलेशन काफी ज्यादा है।
  2. प्रति वर्गकिलोमीटर जनसंख्या घनत्व भी दूसरे देशों कि अपेक्षा काफी ज्यादा है।
  3. हमारे देश और देशों कि अपेक्षा उन्नत अस्पताल की संख्या उतनी नहीं है और ना दूसरों की तरह सुविधाएं यहां पर है। 
  4. दूसरे देशों कि अपेक्षा हमारे देश में लोग कम सुरक्षा व्यवस्था के साथ जीते हैं तथा साथ ही साथ जागरूकता की भी कमी है।

इसलिए दूसरे को संभालने की अपेक्षा खुद संभलें। इसी में सब की भलाई है। किसी के बहकावे में नहीं आए और इस पर राजनीति टोंका भी नहीं होनी चाहिए। जिस तरह से बिहार में देखने को आजकल मिल रहा है।

19 दिस॰ 2018

मैमोरी पॉवर क्या है? - Memory Power, Hindi thoughts on life

मैमोरी पॉवर क्या है?

मैमारी पॉवर अर्थात याददाश्त शक्ति एक ऐसी नोटबुक मानी जाती है जो हर समय हमारी जेब में रहती है।

मैमोरी एक प्रकार की मानसिक प्रक्रिया मानी होती है। इसमें व्यक्ति किसी भी वस्तु या विषय के बारे में ग्रहण की गई जानकारी आदि को दुबारा याद करके चेतना में लाकर पहचानने की कोशिश करता है। कुछ मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हमारे मस्तिष्क में किसी भी तरह की जानकारी आदि मैमोरी चिन्हों (Memory traces) के रूप में जमा होती है। इसी तरह कुछ दूसरे मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि, मैमोरी एक रचनात्मक मानसिक प्रक्रिया है। इन मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ग्रहण की गई नॉलेज के स्मरण में मस्तिष्क में कई प्रकार के बदलाव होते हैं।

दो महान मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, पहले सीखी गई अनुक्रियाओं (विषय सामग्री) के चिन्हों को आज के समय में व्यक्त करने को ही मैमोरी कहा जाता है। मस्तिष्क में जमा मैमोरी से संबंधित प्रक्रियाओं में मस्तिष्क में क्या-क्या रासायनिक बदलाव होते हैं- उसको लेकर बहुत से प्रयोग किए गए हैं। एक मनोवैज्ञानिक ने बिल्ली पर एक प्रयोग किया और इस आधार पर पहुंचा कि किसी घटना को दुबारा याद करने के दौरान मस्तिष्क की तरंगों का संबंध मस्तिष्क के किसी एक क्षेत्र विशेष से न होकर मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों से होता है। एक दूसरे मनोवैज्ञानिक और उसके साथियों ने अपनी प्रयोगात्मक रिसर्चों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि घटनाओं की स्मृति प्रक्रिया में संबंधित स्नायुकोषों के न्यूक्लीयशस में आर.एन.ए. (Ribo nucleic acid) में महत्त्वपूर्ण रासायनिक बदलाव होते हैं।
मनुष्य की मैमोरी को एक सिंगल (एकल) अवस्था नहीं कहा जा सकता क्योंकि मनुष्य़ की मैमोरी अलग-अलग अवस्थाएं होती हैं। इनमें से हर अवस्था दूसरी अवस्था के साथ जुड़ी होती है लेकिन फिर भी सबकी अपनी अलग पहचान होती है।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मैमोरी की तीन अवस्थाएं होती है-
1.     सांवेदिक मैमोरी (याददाश्त) (Sensory Memory),
2.     अल्पकालिक मैमोरी (याददाश्त) (Short-term Memory)
3.     दीर्घकालिक मैमोरी (याददाश्त) (Long-term Memory)
 
1- सांवेदिक मैमोरी (याददाश्त) (Sensory Memory)- सांवेदिक मैमोरी को वस्तुतः मैमोरी (याददाश्त) की शुरुआती अवस्था माना जाता है। सांवेदिक भंडार में सूचनाएं कुछ देर के लिए ही जमा रहती हैं तथा कुछ देर में ही उनका भंडार समाप्त हो जाता है। इसलिए इसे क्षणिक मैमोरी माना जाता है। 
2- अल्पकालिक मैमोरी (याददाश्त) (Short-term Memory)-  अल्पकालिक मैमोरी अर्थात शोर्ट टर्म मैमोरी को दूसरी अवस्था माना जाता है। इस अवस्था में सूचनाएं मस्तिष्क में 30 सेंकड तक जमा रहती है। जैसे कोई व्यक्ति टेलीफोन डायरेक्ट्री (Telephone Directory) में से किसी व्यक्ति का टेलीफोन नंबर उसे फोन करता है लेकिन फोन नहीं मिलता। दूसरी बार फोन नंबर मिलाने के दौरान उस व्यक्ति को टेलीफोन नंबर याद नहीं आता और उसे दुबारा टेलीफोन डायरेक्ट्री में देखना पड़ता है। इसी प्रकार किसी समारोह आदि में एक व्यक्ति का परिचय किसी दूसरे व्यक्ति से कराया जाता है। व्यक्ति उसके नाम को सुनता है। उससे हाथ मिलाता है और कुछ सेकंड में ही उसका नाम भूल जाता है। ये दोनों उदाहरण शोर्ट-टर्म मैमोरी के लिए अंतर्गत आते हैं।
3- दीर्घकालिक मैमोरी (याददाश्त) (Long-term Memory)-  दीर्घकालिक मैमोरी अर्थात लोंग-टर्म मैमोरी को तीसरी अवस्था माना जाता है। यह अवस्था किसी सूचना अथवा अनुभव की हुई घटना का वह पुनः स्मरण (Recall) तथा पहचान (Recognition) है, जो स्मृतिगत अथवा सीख लेने के बाद कई मिनट या कई घंटों या कई दिनों या वर्षों के बाद होती है। यदि कोई व्यक्ति अपने घर पर पिज्जा खाकर घर से निकलने के बाद अपने मित्र को बताता है कि उसने पिज्जा खाया है। विद्यालय से आने के बाद बच्चा अपनी मां को बताता है कि उसे साईंस पढ़ाने वाले टीचर का क्या नाम है या कोई व्यक्ति अपने बचपन के अनुभवों को सुनाता है तो साफ है कि इन तीनों अवस्थाओं में वह दीर्घकालिक स्मृति अर्थात लोंग-टर्म मैमोरी का उपयोग कर रहा होता है। लोंग-टर्म मैमोरी की अवधि कुछ मिनट से लेकर कई वर्षों तक की होती है।
लोंग-टर्म मैमोरी का मूलभूत आधार अभ्यास (Rehearsal) तथा शोर्ट टर्म मैमोरी में जमा सूचना है जिसे अभ्यास के द्वारा लोंग-टर्म मैमोरी में जमा करने की कोशिश होती है। यह अभ्यास दो प्रकार का होता है। पहला अनुरक्षण अभ्यास (Maintenance Rehearsal) और दूसरा व्यापक अभ्यास (Elaborate Rehearsal)। सूचना को वैसे का वैसा ही शोर्ट टर्म मैमोरी में बनाए रखऩे के लिए अनुरक्षण अभ्यास किया जाता है। उदाहरण- एक व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति का टेलीफोन नंबर याद रखने के लिए अपने मन में दोहराता रहता है। कुछ देर बाद वह नंबर भूल जाता है।
वस्तुतः इस प्रकार का अभ्यास यांत्रिक या सहज क्रियात्मक (Reflex) होता है। इस तरह के अभ्यास से लोंग-टर्म मैमोरी का आधार नहीं बनता। इसके लिए व्यापक अभ्यास अधिक प्रभावशाली रहता है। इस प्रकार के अभ्यास में व्यक्ति शोर्ट टर्म मैमोरी में जमा सूचना को उसके अर्थ, अभिप्राय अथवा उसके साहचर्य के पदों में दोहराता है। इस प्रकार के अभ्यास से लोंग-टर्म मैमोरी का आधार बनता है।
मैमोरी में सूचनाओं का भंडारण कूट संकेतन (Encoding) प्रकार से होता है। पहले प्रकार का कूट संकेतन सांवेदिक प्रतीकों (Sensory Images) के पदों में और दूसरे प्रकार का कूट संकेतन शब्दार्थ भावार्थ के रूप में होता है। इसी के परिणाम स्वरूप लोंग-टर्म मैमोरी के दो रूप होते हैं। एक मैमोरी का और दूसरा जनरल नॉलेज (Knowledge) का। किसी अखबार में किसी समाचार को पढ़कर हमें सूचना की स्मृति कम या अधिक उसी शब्दावली में होती है। टुलविग (1972) ने इसे घटनात्मक मैमोरी (Episodic Memory) का नाम दिया है। 
व्यक्ति के व्यक्तिगत अनुभव घटनात्मक मैमोरी के अंतर्गत आते हैं। ये मैमोरियां (यादें) काल और स्थान से बंधी होती हैं। इसमें आत्मकथात्मक घटनाओं का समावेश होता है। इसके विपरीत लोंग-टर्म मैमोरी शब्दार्थिक (Semantic) होती है। शब्दार्थिक मैमोरी में व्यक्ति के मन या मस्तिष्क के अंदर दुनिया के संबंध में संगठित ज्ञान जमा होता है। इसके अंतर्गत व्यक्ति के शब्द भंडार और उनके उपयोग का तरीका सम्मिलित होता है। शब्दार्थिक मैमोरी घटनाओं, नियमों, सिद्धांतों और व्यक्ति के व्यपदेशों (Strategies) का भंडार है।
हम भूल क्यों जाते हैं (Why do We Forget)- याद रखना और भूलना एक सिक्के के दो पहलू हैं। व्यक्ति जितनी नॉलेज लेता है, मैमोरी में वह उतनी ग्रहण नहीं कर पाता है और मैमोरी में जितनी भंडारित रखता है उसे दुबारा याद (Recall) नहीं कर पाता है। इसलिए भूल जाने का अर्थ नॉलेज को मस्तिष्क में ग्रहण करने में असफलता या मस्तिष्क में ग्रहण नॉलेज के दुबारा याद करने में असफलता है।
  • संभवतः भूलने के क्षेत्र में मनोवैज्ञानिक एबिंगहास ने सबसे पहले प्रयोगात्मक अध्ययन शुरु किए। उनके अनुसार भूलना एक प्रकार की निष्क्रिय मानसिक प्रक्रिया है। अध्ययनों के आधार पर उन्होंने बताया कि ग्रहण की गई नॉलेज को दुबारा याद करने के बीच जितना समय अधिक होगा, उसे भूलना भी उतना ही ज्यादा होगा। भूलने के संबंध में एबिंगहास के कुछ परिणाम इस प्रकार हैं-
  • 20 मिनट के बाद ग्रहण की गई नॉलेज का लगभग 47 प्रतिशत भाग हम भूल जाते हैं।
  •  60 मिनट के बाद ग्रहण की गई नॉलेज का लगभग 53 प्रतिशत भाग हम भूल जाते हैं।
  •  9 घंटे के बाद ग्रहण की गई नॉलेज का लगभग 56 प्रतिशत भाग हम भूल जाते हैं।
  •  24 घंटे के बाद ग्रहण की गई नॉलेज का लगभग 66 प्रतिशत भाग हम भूल जाते हैं।
  •  48 घंटे के बाद ग्रहण की गई नॉलेज का लगभग 72 प्रतिशत भाग हम भूल जाते हैं।
  •  1 सप्ताह के बाद ग्रहण की गई नॉलेज का लगभग 75 प्रतिशत भाग हम भूल जाते हैं।
  • 1 महीने के बाद ग्रहण की गई नॉलेज का लगभग 79 प्रतिशत भाग हम भूल जाते हैं।
इसलिए मनोवैज्ञानिक प्रयोगों के आधार पर कहा जा सकता है कि स्टडी की गई नॉलेज की जितनी मात्रा हम मस्तिष्क में ग्रहण करते हैं, उसकी 66 प्रतिशत नॉलेज एक दिन में भूल जाते हैं अर्थात ग्रहण की गई नॉलेज की 34 प्रतिशत मात्रा ही याद रहती है।
  • भूल जाने से बचने के लिए जरूरत है कि स्टडी की गई नॉलेज को बार-बार दोहराया जाए।
  •  प्रयोगों से पता चला है कि विचारों, चित्रों, रेखाचित्रों को सबसे कम भूला जाता है। इसलिए याद की जा रही नॉलेज को विचारों (Thoughts), कल्पना (Imagination), चित्रों (Diagrams) और रेखाचित्र (Line Diagram) के माध्यम से मस्तिष्क में धारण करें।
आदत मैमोरी पॉवर (Habit Memory)- एक ही तरह के कार्य को लगातार करते रहने से हर क्रिया आदत बन जाती है। उदाहरण के लिए टेलीफोन एक्सचेंज के कर्मचारी को शहर के ज्यादातर टेलीफोन नंबर ज्यादातर उपयोग में आने के कारण ऐसे महसूस होते हैं, जैसे टेलीफोन नंबर दिमाग में न होकर डायल करने वाले की अंगुलियों में धारित हों। कंप्यूटर पर कुछ टाइप करते समय हमारे लिए टाइप करने वाले अंग्रेजी शब्द की स्पेलिंग बताना थोड़ी मुश्किल होता है लेकिन हमारी अंगुलियां उस शब्द की सही स्पेलिंग ही टाइप करती है। इसलिए आप समझ गए होंगे कि अगर एक जरूरी नॉलेज को याद रखना है तो कुछ समय तक उसका बार-बार अभ्यास करने से उसमें निपुणता हासिल की जा सकती है।
छाया-चित्र मैमोरी (Photo Graphic Memory)- मनोवैज्ञानिक प्रयोगों से यह सिद्ध हो चुका है कि बच्चों में छाया-चित्र मैमोरी पॉवर होती है। कोई दृश्य या घटना उनके मस्तिष्क में फोटो कैमरा के समान कैद हो जाती है। किसी 8-10 साल के बच्चे ने कुछ समय पहले ही कोई फिल्म देखी हो तो उसकी कहानी आप बच्चे से पूछिए। बच्चा जब कहानी सुना रहा होता है तब उसके चेहरे के हावभाव को पढ़ने की कोशिश कीजिए। 
आपको उसके हाव-भाव देखकर बहुत अचरज होगा कि कहानी बताते समय उसके हावभाव ऐसे बदल रहे हैं जैसे उसके सामने फिल्म चल रही हो। खासकर उस समय जब बच्चे फिल्म की कहानी के किसी मारधाड़ वाले दृश्य के बारे में बता रहा हो। बच्चा ठीक उसी प्रकार हाथ-पैर चलाकर दृश्य दुबारा पेश कर देता है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होना शुरु करता है, वैसे-वैसे उसकी छाया-चित्र मैमोरी पॉवर कम होने लगती है या यूं कहें कि भाषा, गणित तथा खेल इत्यादि में उसके ध्यान और एकाग्रचित्तता से उसकी कल्पना शक्ति के उपयोग करने में कमी आ जाती है।
अब आप थोड़ा अपने खुद के बचपन के बारे में सोचना शुरु कीजिए, आप महसूस करेंगे कि आपको बचपन की कई घटनाएं आज भी याद हैं। जैसे उनकी फिल्म चला दी गई और आपके दिलो-दिमाग पर बचपन के दृश्य चल-चित्र की तरह प्रोजेक्ट किए जा रहे हों। आज भी कोई बहुत ही रोने वाला, डराने वाला, रोमांचकारी, भय या उल्लास का दृश्य आपके दिमाग में ठीक उसी प्रकार मौजूद रहता है। ऐसा क्यों? ऐसा इसलिए होता है कि वह भाव दिमाग में अत्यंत प्रभावोत्पादक एवं उत्तेजित करने वाले होते हैं। अचानक किसी वाहन की दुर्घटना से मृत व्यक्ति का दृश्य बहुत दिनों तक बार-बार दिमाग के सामने घूमता रहता है। 

4 जन॰ 2017

Anmolv Suvichar

अनमोल सुविचार

(Quotes in Hindi)

माता-पिता जीवन देते हैं, लेकिन जीने की कला तो शिक्षक ही सिखाते हैं। - Arastu

हम दुनिया को नहीं बदल सकते, मगर दुनिया के प्रति अपना दृष्टिकोण तो बदल सकते हैं। - Swami Ramdas

बीता हुआ समय और कहे हुए शब्द कभी भी वापस नहीं आ सकते। इसलिए समय को सदप्रयोग करना उचित होता है। - Suvichar4u Team

सही समया पर लगभग हर बात सही तरीके से कही जा सकती है बस करने का प्रयास करें तो मुमकिन है। - Suvichar4u Team

विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है। - Mahatma Gandhi

यदि आप सच बोलते हैं, तो फिर आपको कुछ याद रखने की जरुरत नहीं है क्योंकि सच हमेशा खुद ही बोलता है। - Suvichar4u Team

Aasha Amar Hai, Uski Aaradhan Kabhi Nishaphal Nahi Hoti Hai


कार्य की अधिकता से ज्यादा घातक चिंता होती है क्योंकि मनुष्यों को अंतर आत्मा से मारती है।  Suvichar4u Team

स्वार्थ ही अशुभ संकल्पों को जन्म देता है। Guru Govind Singh

अवसर हमेंशा बुद्धिमान के ही पक्ष में होता है मूर्खों के नहीं। - Suvichar4u Team

अविचारशील मनुष्य दुख को प्राप्त होते हैं। - Rigrhveda

कोई वाद जब विवाद का रूप धारण कर लेता है तो वह अपने लक्ष्य से दूर हो जाता है। Premchand

प्रेम करने वाला पड़ोसी दूर रहने वाले भाई से कहीं उत्तम है। - Chankya

कभी कभी आलोचना मित्र को शत्रु बना देता है। - Suvichar4u Team

2 सित॰ 2013

Inspirational & Motivational Quotes in Hindi-12

Motivational Quotes


प्रेरणात्मक कथन (1.)  एक अच्छा दिमाग (Mind) और एक अच्छा दिल (Heart) हमेशा से विजयी जोड़ी रहे हैं।

(नेल्सन मंडेला -Nelson Mandela)
प्रेरणात्मक कथन (2.)  मेरी बहुत सीधी-साधी पसंद होती है, मैं हमेशा (Always) सबसे अच्छे से संतुष्ट होता हूँ।

(ऑस्कर वाइल्ड- Oscar Wilde)  
प्रेरणात्मक कथन (3.)  जो व्यक्ति अपने बारे में नही सोचा करते, वो सोचता (Thinking) ही नहीं है।

 (ऑस्कर वाइल्ड- Oscar Wilde)  

प्रेरणात्मक कथन (4.)  सफलता एक विज्ञान (Science) है ; यदि परिस्थितयां हैं तो परिणाम (Result) मिलेगा।

 (ऑस्कर वाइल्ड- Oscar Wilde)  

प्रेरणात्मक कथन (5.)  सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग (Mind) एक ऐसे चाक़ू की तरह है जिसमे सिर्फ ब्लेड है यह  तो केवल प्रयोग करने वाले के हाथ से खून (Blood) निकाल देता है.
(रबिन्द्रनाथ टैगोर- Rabindranath Tagore) 


Inspirational & Motivational Quotes in Hindi-11

Prerna dene wale kathan


प्रेरणात्मक कथन (1.)  जिसे जीत लिए जाने का भय (fear) होता है उसकी हार निश्चित हो जाती है

(नेपोलियन बोनापार्ट -Napoleon Bonaparte)  

प्रेरणात्मक कथन (2.)  यदि आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद करने की कोशिश कीजिए।

(नेपोलियन बोनापार्ट -Napoleon Bonaparte)  

प्रेरणात्मक कथन (3.)  मेरे शब्दकोष (Dictionary) में असंभव शब्द नहीं है.

(नेपोलियन बोनापार्ट -Napoleon Bonaparte)  

प्रेरणात्मक कथन (4.)  जब तक काम (work) हो ना जाये वो असंभव लगता है।

(नेल्सन मंडेला -Nelson Mandela)

प्रेरणात्मक कथन (5.)  शिक्षा (Eductaion)  सबसे शशक्त हथियार (Tools) है जिससे दुनिया को बदला जा सकता है।

 (नेल्सन मंडेला -Nelson Mandela)


Inspirational & Motivational Quotes in Hindi-10

Prerana dene wale vichar


प्रेरणात्मक कथन (1.)  अगर आप सच कहते हैं तो आपको कुछ याद करने की जरूरत नहीं रहती।

(मार्क  ट्वैन -Mark Twain)

प्रेरणात्मक कथन (2.)  कुत्तों की लड़ाई में कुत्ते का आकर मायने नहीं रखता,  कुत्ते में तो लड़ाई का आकार मायने रखता है।

(मार्क  ट्वैन -Mark Twain)

प्रेरणात्मक कथन (3.)  किसी भी छोटी चीजों में वफादार बने रहिये क्योंकि इन्ही में आपकी शक्ति निहित होती है।

(मदर टेरेसा -Mother Teresa) 

प्रेरणात्मक कथन (4.)  एक लीडर आशा (Hope) का व्यापारी होता है।

(नेपोलियन बोनापार्ट -Napoleon Bonaparte)  

प्रेरणात्मक कथन (6.)  अवसर (Chance) के बिना काबिलियत कुछ भी नहीं होती है।

(नेपोलियन बोनापार्ट -Napoleon Bonaparte)  


31 अग॰ 2013

Inspirational & Motivational Quotes in Hindi-6

Motivational Quotes for you in Hindi


प्रेरणात्मक कथन (1.)  प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है ये तो आप ही के कर्मों से आती है।

(दलाई लामा- Dalai Lama)

प्रेरणात्मक कथन (2.)  व्यक्ति को अपनी क्षमताओं को जान कर और उनमे यकीन करके ही बेहतर विश्व का नित्मान कर सकते हैं।

(दलाई लामा- Dalai Lama)

प्रेरणात्मक कथन (3.)  बड़ा  सोचो , जल्दी  सोचो, आगे  सोचो। विचारों  पर  किसी  का  एकाधिकार  नहीं होता।

धीरूभाई अंबानी -Dheerubhai Ambani )

प्रेरणात्मक कथन (4.)  हमारे  स्वप्न  विशाल होने  चाहिए और हमारी  महत्त्वाकांक्षा  ऊँची  होनी  चाहिए तथा हमारी  प्रतिबद्धता  गहरी  होनी  चाहिए  और  हमारे  प्रयत्न  बड़े  होने  चाहिए। रिलायंस  और  भारत  के  लिए  यही  मेरा  सपना  है।

धीरूभाई अंबानी -Dheerubhai Ambani )

प्रेरणात्मक कथन (5.)  कभी फायदा  कमाने  के  लिए  न्योते  की  ज़रुरत  नहीं  होती है।

  ( धीरूभाई अंबानी -Dheerubhai Ambani )


प्रेरणात्मक कथन (6.)  यदि  आप  दृढ  संकल्प  और  पूर्णता  के  साथ  काम  करेंगे  तो  सफलता  अवश्य प्राप्त होगी।

धीरूभाई अंबानी -Dheerubhai Ambani )


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