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7 जन॰ 2018

Aaj ka suvichar in Hindi - Bhagwat Geeta Updesh

Aaj Ka Suvichar in Hindi


जय श्री कृष्णा

।। जय श्री कृष्णा ।।
भगवान श्री कृष्णा का अटूट विश्वास से सारे कार्य हमेशा पूर्ण हो जाते हैं इसलिए घर से जब भी बाहर निकले तो घर में विराजमान अपने प्रभु के मंदिर में जाकर उन्से जरूर मिलें
और जब भी लौट कर आए तो उनके दर्शन जरूर करें क्योंकि उनको भी आपके घर वापस आने का इंतजार रहता है।

"घर" में इस प्रकार का नियम बनाइए कि जब भी आप घर से बाहर जाएं तो घर के मंदिर के पास कुछ समय खड़े होकर प्रभु का ध्यान लगाए इससे मन शांत रहता है और सारे नकारात्मक विचार मन से बाहर हो जाते हैं। आप जिस काम के लिए जाते हैं वह काम भी अवश्य पूर्ण होता है क्योंकि जब किसी काम को शुद्ध मन और शांत भाव से किया जाता है तो प्रभु कि इच्छा से वह कार्य़ अवश्य सफल होता है।

Jo Man ko Niyantrit karta hai


जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान होता है।  - श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)





मनुष्य हमेशा अपने विश्वास से निर्मित होता है। जैसा वे विश्वास  करता है वैसा वे बन जाता है। - श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)


नर्क के हमेशा तीन द्वार होता हैं - वासना, क्रोध और लालच। -  श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)


जो कोई भी मनुष्य जिस भगवान में पूजा करने की इच्छ और विश्वास रखता है मैं उसका विश्वास उसी भगवान में पका कर देता हूं। -  श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)

मन ही किसी का मित्र और शत्रु बन सकता है। - श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)

Man hi man ka mitr aur shatru hota hai...

कृष्ण जी की बांसुरी के गुण 

पहला गुण - श्री कृष्‍ण भगवान की बांसुरी में गांठ नहीं होती है, जो संकेत देता है कि अपने अंदर किसी भी प्रकार की गांठ मत रखो यानि मन में।
अर्थात बदले की भावना मत रखो।

दूसरा गुण- बिना बजाये बांसुरी बजती नहीं है, अर्थात ये यह बता रही है कि जब तक आवश्यक नही हो, नहीं बोलना चाहिएं।

तीसरा गुण - जब भी बांसुरी बजती है, मधुर ही बजती है। अर्थात जब भी बोलो, मीठा ही बोलो।

24 अप्रैल 2013

Hare krishna

Hare krishna Anmol Vachan

तेरी शान तेरे जलाल को
मैंने जब से दिल में बसा लिया।
मैंने सब चिराग बुझा दिए,
तेरा इक चिराग जला लिया॥
तेरी आस ही मेरी आस ही,
तेरी धुल मेरा लिबास है।
अब मुझे तू अपना बना भी ले,
मैंने तुझको अपना बना लिया॥

मुझे धुप छाव का गम नहीं,
तेरे कांटे फूलों से कम नहीं।
मुझे जान से भी अज़ीज़ है,
जिस चमन से तेरा दीया लिया॥

तेरी रहमतें बेहिसाब हैं,
किस जुबान से करूँ शुक्रिया।
कभी मुझ से कोई खता हुई
तूने फिर से मुझ को उठा लिया॥


मेरी हार तेरी ही हार है,
मेरी जीत तेरी ही जीत है।
मैंने सौंपा तुझको वो सभी,
तूने जो मुझ को दिया॥
मेरे साथ है साया श्याम का,
बस यह तस्सल्ली की बात है।
मैं तेरी नज़र से नहीं गिरा,
मुझे हर नज़र ने गिरा दिया॥

Hare Ram Hare Ram Ram Ram Hare Hare, Hare Krishna Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare!

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