Atithi Swagat Shayari in Hindi

अतिथि स्वागत कोट्स - अतिथि का सत्कार

Atithi Swagat Shayari in Hindi

हमारा भारत एक ऐसा देश है जहां पर अतिथि का सत्कार बड़े सम्मान तरीक्के से किया जाता है। हमारे देश में अतिथि को भगवान के सामान ही दर्जा दिया जाता है। हमारे घर पर जब कोई अतिथि आ जाता है तो हम उसके मान और सम्मान का पूरा ख्याल रखते हैं। साथ ही उसके ले की प्रकार की पकवान भी बनवाते है। अतिथि के स्वागत में की कमी न रह जाये। इसके लिए हर छोटी और बड़ी चीजों का ख्याल रखा जाता है। इस आर्टिकल में हम नीचे कुछ अतिथि स्वागत कोट्स भी शेयर कर रहे हैं जिसका इस्तेमाल आप अतिथि के स्वागत के लिए कर सकते हैं। 

Guest Welcome Quotes - Hospitality

Our India is a country where guests are treated with great respect. In our country, the guest is given the same status as God. When a guest comes to our house, we take full care of his honor and respect. Along with this, different types of dishes are also made for him. There should not be any shortage in the welcome of the guest. For this, every small and big thing is taken care of. In this article, we are also sharing some guest welcome quotes below, which you can use to welcome the guest.

अतिथि स्वागत कोट्स

Atithi Swagat Shayari in Hindi


Hamari Mahaphil Men Log Bin Bulaye Aate hai.

Kyonki Yaha Swagat Men Phool Nahi Palke Bichhaye Pate hai. 


Hasraton से हम आपकी Rah सजातें है,

सपनों की Daulat हम Aap पर लुटातें है,

ना कोई Phool है आज हमारे Daman में,

Apke आने पर हम Palake बिछातें हैं।


Mahphilon Ko Khoobsurat Banane Men,

Thodi Si Hamari Madd Kijiye,

Anjan Bankar Mayus Nahi Baithna,

Khulkar Muskuraiye Aur Anand LIjiye. 


Sabke Dilon Me ho Sabke Liye Pyar

Aane Wala Har Pal Laye Khushiyon Ki Bahar, 

Is Ummid Ke Saath Bhulake Sar Gam, 

Hum Sab Aye Khushiyon Ke Sang.


पहली Mulakat में थोड़ा Darr लगता है,
पर Muskurakar शुरूआत हो तो Apna Ghar लगता है।


सौ Chand भी आ जाएँ तो Mahphil में वो Baat न रहेगी,

Sirf आपके आने से ही Mahphil की रौनक बढ़ेगी।


Aap आए तो Baharon ने लुटाई Khushbu.

Phool तो Phool थे काँटों से भी आई Khushbu.



Chaand भी हैरान Dariya भी Pareshani में है

Aks किसका है कि इतनी Raushnai पानी में है


Sunkar कर दे अनसुना ऐसी इनकी Awaj नहीं,

मिलकर Bhool जाए कोई ऐसे इनके Alfaz नहीं,

किसी Mahphil में छुप जाए ऐसे इनके Andaj नहीं,

Sooraj से दमकते हैं ये किसी Parichay के Mohtaj नहीं।

 

Post a Comment

0 Comments