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Thursday, December 1, 2016

Aaj Ka Suvichar

आज का सुविचार

शिक्षक का अर्थ

शि - शिखर तक ले जाने वाला
क्ष - क्षमा की भावना रखने वाला
क - कमजोरी दूर करने वाला
अर्थात- जो विधार्थी की हर गलती को क्षमा करने की भावना रखता हो और विधार्थी की हर कमजोरी को दूर कर के उसको शिखर (सफलता) तक ले जाता है। वही सच्चा शिक्षक होता है।

कटाक्ष

शिक्षक हुए ट्यूशन के, विधा कहां से हो,
प्रोग्राम हुए चैनल के, संस्कार कहां से हो।
इन्सान हुआ पैसों का, दया कहां से हो।
पानी हुआ केमिकल का, गंगाजल कहां से हो।
संत हुए स्वार्थ के, सत्संग कहां से हो।
भक्त हुए स्वार्थ के, भगवान कहां से हो।

पुष्प की अभिलाषा

चाह नहीं मैं सुर बाला के,
कहनो मैं गुथा जांऊ।
जाह नहीं प्रेमी माला मैं
बिंद प्यारी को ललचाऊं।
चाह नहीं सम्राटों के शव पर
हे हार डाला जांऊ।
चाह नहीं मैं देवों के सिर
पर चढूं भाग्य के इठलाऊं।
मुझे तोड़ लेना हे वनमाली,
उस पथ पर देना फेंक।
मात्र भूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पर जांए वीर अनेक।
(माखन लाल चतुर्वेदी)

Jindagi Par Bas Itana hi, Likh Paya Mainकुछ खास रचना

जिंदगी पर बस इतना ही
लिख पाया मैं,
बहुत मजबूत रिश्ते थे
कुछ कमजोर लोगों से।



यूं तो महफिल में हैं...
हमसे भी कई शायर हसीन।
एक तेरी ही वाह वाह है...

जो मेरी कलम को जुबान देती है।

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