Friday, March 1, 2013

Har sitam Har julm-Geet aur kavita-22

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हर सितम हर ज़ुल्म जिसका आज तक सहते रहे हम उसी के वास्ते हर दिन दुआ करते रहे  दिल के हाथों आज भी मजबूर हैं तो क्या हुआ मुश्किलों के दौर में हम हौसला रखते रहे  बादलों की बेवफ़ाई से हमें अब क्या गिला हम पसीने से ज़मीं आबाद जो करते रहे

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My self VK Singh, Motivational Speaker cum Digital Marketer. I have more than 11 years experience in professional jobs. During This period I felt lots of thing about Success in Life and Business. I will keep sharing this experience with you.

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