Ham Tumhe har ek tare men najar aaya karenge- Geet aur Kavita-32


किस कद्र खूब है सादगी आपकी हमे आज भी याद है दिल्लगी आपकी जब भी मिले है फुरसत के लम्हे दिल ने महसूस की है कमी आपकी

No comments:

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...