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9 अग॰ 2025

Happy Rakshabandhan 2025 - Suvichar4u.com | रक्षाबंधन सुविचार

Suvichar4u.com की ओर से रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ


रक्षाबंधन हमारे देश में भाई-बहन के प्रेम का त्योहार (An Indian Festival) है, जो प्राचीन काल से ही मनाया जाता रहा है। यह श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस त्योहार में बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती है और भाई उसकी रक्षा करने का वचन देता है, तथा बहन भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। यह भाई-बहन के प्रेम को भी प्रदर्शित करता है।

अब तो प्रकृति की रक्षा हेतु वृक्षों को भी राखी बाँधने की परंपरा शुरू हो गई है। आजकल बाजार में बहुत सारी राखियाँ बेची जाती हैं, जो कच्चे सूत, रेशमी धागे, रंगीन कलावे, सोने या चांदी से बने होते हैं और देखने में बहुत सुंदर लगते हैं।

राखी का जिक्र हमारे प्राचीन ग्रंथ महाभारत में भी मिलता है। महाभारत काल में द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को और कुंती ने अभिमन्यु को राखी बाँधी थी।

मेरे सभी मित्रजनों और इस ब्लॉग को पढ़ने वाले भाई-बहनों को मेरी ओर से तथा www.suvichar4u.com की ओर से रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

रक्षाबंधन से संबंधित कुछ अनमोल वचन



Badhai Ho Badhi Rakhi Aai,  Meri Pyari Bahana Dher Saari Mithai Laai

Badhai Ho Badhi Rakhi Aai,
Meri Pyari Bahana Dher Saari Mithai Laai,
Sabse Sundar Rakhi Usne Meri Kalai Par Sajai,
Aai Re Aai Khushiyon Ki Bela Aai!

Har Bahana Karati Hain Ishawar Se Duva,  Bhai Ko Mile Jindagi Khushnuma

Har Bahana Karati Hain Ishawar Se Duva,
Bhai Ko Mile Jindagi Khushnuma,
Kabhi Na Ho Uske Mathe Par Lakire,
Jiwan Ki Ho Sada Sundar Tasvire.

Bhai Bahan Ke Rishte Ko Jo Banaye Anootha Bandhan

 Bhai Bahan Ke Rishte Ko Jo Banaye Anootha Bandhan,
Wo Nirala Tyauhar Hai Rakshabandhan,
Aaiye Manaye Aur Kare Sabhi Kan Pyar Se Abhinandan

Sawan Ki Bauchharon Ke Bich Sundar Phool Khila hai

Sawan Ki Bauchharon Ke Bich Sundar Phool Khila hai,
Bhai Bahan Ke Rishte Ki Yah Pawan Bela Hain,
Ghar Men Hain  Aisi Chahal Pahal Jaise Koi Mela,
Bahanon Ke Liye Git Ga Raha Hai Bhai Alabela

Bin Bhai Bahan Ke Hain Adhura Pariwar,  Ye Rishta Hain Ghar Ki Sabse Sundar Shaan

Bin Bhai Bahan Ke Hain Adhura Pariwar,
Ye Rishta Hain Ghar Ki Sabse Sundar Shaan,
Tyauharon Men Hain Rakhi Ka Apna Maan,
Ji Jaan Se Manayenge Rakhi Ka Tyauhar.

रक्षा बंधन - एक सच्ची कहानी

कहानी शुरू करने से पहले रक्षा बंधन के लिए एक सुविचार - 

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

क्या आप मेरी बहन बनेगी - एक छल, छोटी सी सच्चाई

कहानी की शुरुआत होती हैं एक लड़के से, जिसने Facebook पर एक post डाली की, क्या कोई लड़की मेरी Sister बनेगी, मेरी कोई बहन नही हैं, अगर मेरी कोई sister बनना चाहें तो उसका बहुत आभार रहूंगा।

"बहुत से लोगों ने comment किया, पर उन सब से हट के, facebook पर एक लड़की थी, जिसने comment किया उस post पर क्या आप relation निभा पायेंगे?
उस लड़के का रिपालाई आया जरूर sister हम पूरें दिल से relation निभाएंगे, हम आपके लिए जान भी देंगे, बस आप मेरी बहन बन जाइयें..........

Raksha Bandhan - A true story
comment, reply में लड़की ने लड़के से पूछा कहा रहते हो, क्या करते हो अपनी Photo दिखाओं और बहुत सारी चीजें पूछी लड़के ने भी यही सब किया, कुछ दिनों तक यही सब चलता रहा, finally लड़की मान गयी, और लड़के से कहा, हाँ मैं आपकी sister बन जाऊंगी, लड़का बहुत happy हुआ, कुछ दिनों तक भाई-बहन का love चलता रहा, मानो दो बिछड़े हुये भाई-बहन मिल गयें हो, बहुत से वादें हुये, Rakshaabandhan में मिलने आना, आप अपनी wedding में बुलाना, I will definitely come, घर के Every work मैं हाथ बाटऊगा, मानों दो दिल एक हो गयें थे, दोनो बहुत खुश थे।

फिर एक दिन suddenly लड़के ने message किया, जिसे पढ़ने के बाद लड़की के ऑख में ऑसू आ गऐं, उसने लिखा, दीदी क्या आपका कोई Biofrand हैं अगर हैं तो relation कहा तक पहुंच हैं, क्या-क्या कर लिया थोड़ा बताइयें। लड़की ने reply किया brother तुम ऐसा क्यूं बोल रहें हो, तो लड़के ने जवाब दिया कि ये सब तो आजकल चलता ही रहता है। डरियें नहीं बता दीजियें, लड़की ने फिर reply किया 
you are mad. इस तरह से बात मत करों, तुम्हें शर्म आनी चाहिए।

लड़के ने इसके बाद reply किया कि इसमें शर्म की क्या बात हैं sister, तुम तो ऐसा बन रही हो, जैसे कुछ आपको पता ही न हो, ना जाने आपने कितनो के साथ मुंह मारा होगा और कितनो के साथ सोई होगी, अगर तुमको बुरा ना लगें तो मैं भी आपके साथ सो सकता हूं।

ऐसा सुनकर लड़की सोच में पड़ गई और उसे ऐसा लगा की उसके पैरों से जमी खिसक गई हो।

वह यह समझ नहीं पा रही थी कि कल तक वो लड़का जो बहन पर जान देने को तैयार था आज वह अश्लील बातों पर उतारू हो गया। लड़की के आंखों में आंसू आ गयें और रोते हुए लड़के से सिर्फ एक बात कही कि सुने मेरे बदले हुए भाई, मैं एक अनाथ लड़की हूं। कुछ दिन पहले ही मुझे नौकरी मिली है जिसमें से थोड़े रूपये बचाकर मैने मोबाईल खरीदा है और थोड़े दिन पहले ही Facebook account create किया है। मेरा कोई नहीं ना भाई, न मां, न बाप और न ही कोई रिश्तेदार। इसलिए जब तुम से बात कि तो ऐसा लगा की तुम मेरे सच्चे भाई बन सकते हों, मुझे ऐसा लगा कि मेरे बिछड़ भाई मिल गया है। मैं यह नहीं जनती थी कि दुनियां में तेरे जैसे कमीने लोग भी होते हैं जो भाई बहन के relation को तार तार करने के लिए उतारू हो जाते हैं। मैने दुनिया कि सबसे बड़ी गलती की जो तुझे भाई बना लिया। मेरी एक दोस्त कहती है कि आजकल किसी पर इतना विश्वास करना ठीक नहीं होता है। यह Facebook की दुनियां है यहां किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। 

सुन बदले हुए भाई मेरा कोई Boyfriend नहीं है।  मझे अब तक जिंदगी में इतना दुख मिला है कि मैने इस सब के बारे में कभी सोचा ही नहीं। मैने तो यह भी सोच लिया था कि इस रक्षाबंधन (Raksha Bandhan)पर तुझे राखी बांधुगी लेकिन तू तो इस इज्जत के लायक भी नहीं है। अगर अभी भी कोई शर्म बाकी हो तो जा कहीं चुल्लू भर पानी में डूब मर। मुझे अनाथ होने से इतना दुख नहीं हुआ जितना तेरी बात से। 

अब मैं शायद किसी पर विश्वास नहीं करूंगी। इसलिए मैं अपनी आईडी बंद कर रही हूं। तुमने भले ही मझे अपनी जरूरत की चीज समझा लेकिन मैं तो तुझे अपना भाई ही मानती थी। कभी भी किसी के साथ इस तरह का झुठा नाटक मत करना क्योंकि इससे बहुत दर्द होता है और किसी न सच ही कहा है कि दिल टूटने की आवाज नहीं होती पर दर्द बहुत होता है। इसके बाद लड़की ने कभी भी Facebook account नहीं create किया। 

दोस्तों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी भी किसी से झुठा नाटक नहीं करना चाहिए और न ही किसी का दिल दुखाना चाहिए। ऐसा करने से हम अपने आप को खुद की नजरों में तो गिरा ही लेते हैं तथा साथ ही साथ दूसरों के नजरों में भी। इस प्रकार के बहुत से केश आजकल Facebook या दूसरे और Website जैसे Twitter, Instagram आदि पर सुनने को मिलता है। इसलिए ध्यान रखिएं कही कोई आपके साथ ऐसा तो नहीं कर रहा है। 

भाई बहन का रिश्ता एक पवित्र रिश्ता होता है इसे समझे! 

यदि आपको मेरा यह लेख अच्छा लगा हो और आपको ऐसा लगे कि इसे अपनो के साथ शेयर किया जा सकता है तो इसे please please शेयर कीजिए ताकि अधिक से अधिक लोगों के पास यह पहुंचे। 

धन्यवाद

रक्षाबंधन सुविचार और अनमोल वचन

Slogan on raksha bandhan in Hindi

raksha bandhan hindi lines

slogan on raksha bandhan in hindi

Raksha bandhan status in hindi




As we grew up, my brothers acted like they didn’t care, but I always knew they looked out for, me and were there!
Your love makes me feel proud, and on this day I want to shout it out loud. Haappy Raksha Bandhan My Syster.
Raksha Bandhan
Raksha Bandhan is a special time to celebrate this emotional connecting when a sister ties a Rakhi like a Holy Thread around her brother’s wrist, prays for his long life and the brother responds by offering her the gifts she loves the most.


Raksha Bandhan Ka Tyohar

I with you Happy Raksha Bandhan and I pray to God for your wealthy life. May you discover all the enjoyments of life, may all your visions come true. My best wishes will always be with your and I wish that you will always shower your blessings on me.


Rishta Bhai Bahan Ka

One of the most excellent things about being an adult is the understanding that you can distribute with your sister still have prosperity for yourself.

Sending you Leads of love and Good wishes

A sister can be seen as an important person who is both us and very much not us. – A individual kind of double

The festival of sister and brother

Raksha Bandhan 2016 Quotes for you

Rakshabandhan ke liye suvichar

29 अग॰ 2024

प्रकृति का चक्र: विज्ञान से वापसी की यात्रा

पुरानी राहों पर लौटती दुनिया: Technology से वापस प्रकृति की ओर

आधुनिकता की दौड़ में हमने बहुत कुछ खोया और पाया है लेकिन आखिरकार हम फिर से लौटकर वहीं आ रहे हैं जहां से हमने शुरुआत की थी। सब कुछ वहीं से मिट्टी के बर्तनों से लेकर अंगूठाछाप तक, हर बदलाव हमें यह सिखाता है कि प्रकृति ने जो दिया, वह सबसे बेहतर था, है और रहेगा। इस लेख में जानें कैसे हम विज्ञान और टेक्नोलॉजी (science and technology) के माध्यम से घूम-फिरकर उसी प्राकृतिक जीवन की ओर वापस लौट रहे हैं।

Vigyan ki or lauti duniya


हमारे बुजुर्ग वास्तव में वैज्ञानिक रूप से हम से बहुत आगे थे। समय के साथ हमने science और technology के जरिए तरक्की की, लेकिन आखिरकार हमें थक हार कर फिर से वापस उनकी ही राह पर आ रहे है या यू कहें कि आना पड़ रहा है 😊

चलिए आपके कुछ उद्दहारण के माध्यम से इसे समझते हैं- 

अंगूठाछाप (Thumbprint): 

पहले हम लोग अंगूठाछाप का इस्तेमाल करते थे, फिर हस्ताक्षर (Signatures) का दौर में हमने प्रवेश किया। अब फिर से हम अंगूठाछाप बनने की राह पर है अथार्त thumb scanning की तकनीक की ओर लोट रहे हैं।

मशक़्क़त वाली ज़िंदगी (Hard life): 

पहले हमारा जीवन कठिनाईयों से भरा होता था, फिर हमने पढ़ाई-लिखाई और BA, B.Tech, BE तथा MBA आदि की पढ़ाई की बढ़ें। लेकिन अब इसके बावजूद हम लोग आर्गेनिक खेती की ओर वापस लौटकर पसीना बहा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब हम सभी को खाने पिने की चीजे आर्गेनिक ही चाहिए। 

बच्चों की परवरिश (Raising children): 

अभी कुछ वर्षों तक हम बच्चों को इंफेक्शन से बचाने के लिए मिट्टी में खेलने से रोकते थे, उन्हें घर में बंद करके पढ़ाई की ओर ध्यान देने के लिए कहते थे। लेकिन अब समझ में आ गया और अब हम  फिर से उनकी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें मिट्टी में खेलने के लिए कह रहे हैं।

मिट्टी के बर्तन (Earthen utensils): 

एक समय था जब हम मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करते थे। फिर स्टील और प्लास्टिक के बर्तन पर आ गये आए, लेकिन आज कैंसर और अन्य बीमारियों के खौफ से हम लोग फिर से मिट्टी के बर्तनों की ओर लौट रहे हैं।


कपड़ों का सफर (The journey of clothes): 

फटे हुए सादा कपड़े से हमारा सफर शुरू हुआ था अब साफ-सुथरे और प्रेस किए कपड़ों तक हम पहुंच गये है। लेकिन अब फैशन के नाम पर फिर से फटे हुए कपड़ों का दौर लौट आया है।


सूती कपड़े (Cotton clothes): 

सूती से टैरीलीन और टैरीकॉट जैसे सिंथेटिक कपड़ों का दौर पहले शुरू हुआ, लेकिन अब फिर से लोग सूती कपड़ों की ओर लौटते हुए दिखाई देने लगे हैं।


खानपान का सफर (The journey of food): 

कुछ दसक पहले हम प्राकृतिक भोजन से प्रोसेस्ड और कैन्ड फूड की ओर रुख कर चुके थे। लेकिन अब बीमारियों से बचने के लिए फिर से प्राकृतिक खाने की ओर वापसी कर रहे हैं।


पुरानी चीज़ों से ब्रांडेड तक (The journey of food): 

हमारी पुराने और सादे चीज़ों से शुरुआत हुई, फिर ब्रांडेड (Branded) चीज़ों का दौर चला। अब अंत में, हमारा जी भर जाने पर फिर से हम पुरानी (Antiques) चीज़ों की ओर लोग वापस लौट रहे हैं।


जीवन की दिशा (Direction of life): 

हम लोग गांव और जंगलों से होते हुए डिस्को, पब और चकाचौंध की दुनिया में गए, लेकिन अब मन की शांति और स्वास्थ्य के लिए फिर से गांव और जंगलों की ओर लौट पड़ रहा है।


अब आप ऊपर के उद्दाहरण से समझ गये होंगे कि पहले के लोग सही और वैज्ञानिक तरीके से जीते थे। हम लोग कुछ समय के लिए भटक गये थे। यहि कारण है कि धीरे-धीरे ही सही हम विज्ञान की ओर वापसी कर रहे हैं।

 हमारे बुजुर्ग वास्तव में वैज्ञानिक रूप से हम से बहुत आगे थे। समय के साथ हमने विज्ञान और टेक्नोलॉजी के जरिए तरक्की की, लेकिन आखिरकार हमें थक हार कर वापस उनकी ही राह पर आना पड़ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका विज्ञान हमसे अच्छा और सही था। बस हम लोग उसे गतल तरीके से ले रहे थे लेकिन अब जैसे जैसे हमें समझ आ रहा है कि वे सही थे तो हम उनकी राह पर वापस आ रहे हैं 😊

Suvichar: 

"जो दिया प्रकृति ने, उससे बेहतर कोई दूसरा विज्ञान नहीं बना सकता।"


यह सब इस निष्कर्ष की ओर इशारा करता है कि technology ने जो दिया, उससे कहीं बेहतर तो हमारी प्रकृति (nature) ने पहले से दे रखा था। हम चाहे जितनी भी तरक्की कर लें, अंत में हमें लौटना तो वहीं है, जहां से हमारी शुरुआत हुई थी।

छात्रों के लिए उच्च प्रेरणा दायक सुविचार

26 जन॰ 2023

Shayari in Hindi on Anchoring Program

 स्वागत तथा मंच संचालन शायरी

Hello friends, here we have shared Shayari in Hindi on anchoring program for stage operation. Which you can speak in the program organized in school, college etc. We hope you will like this Hindi poetry. You can also share it on Facebook, Twitter, WhatsApp, Instagram and other social network. 

Some examples of Hindi Shayari is spoken on the anchoring program are given below. If you like this, you can share it to your friends and relatives.

If there is no knowledge, then there is nothing in life, because it is the greatest ornament of life and the key to every lock. - V. S. Chandravanshi

Shayari in Hindi on Anchoring Program

Manch Sanchalan करना भी एक प्रकार की कला होती हैं, मंच संचालक अथार्त मंच को संचालन करने वाले का कार्य वहां पर उपस्थित अतिथिगणों का मनोरंजन करना होता है तथा साथ- साथ माहौल बनाकर रखना होता है। इस कार्य को करने के लिये संचालक के पास स्वागत करने हेतू मंच संचालन हेतु शायरी और Tali Shayari होना चाहिये। मंच संचालन शायरी (Manch Sanchalan Shayari) या स्वागत की शायरी सुनाकर आप लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं। आज के इस Suvichar Article में हम आपको स्वागत की शायरी, मंच संचालन शायरी इन हिंदी, रिटायरमेंट पर मंच संचालन, मंच संचालक इंग्लिश शायरी, एंकरिंग के लिए शायरी, आदि की जानकारी देंगे।

मंच कार्यक्रम

एक संगीत कार्यक्रम या एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो जैसे मंच कार्यक्रम की मेजबानी करना एक रोमांचक और पुरस्कृत अनुभव हो सकता है। एक मंच कार्यक्रम में उत्साह और जुड़ाव का एक अतिरिक्त तत्व जोड़ने का एक तरीका कार्यक्रम में कुछ कविता या शायरी शामिल करना है। शायरी हिंदी भाषा में कविता का एक रूप है जो एक संदेश देने या एक भावना व्यक्त करने के लिए रूपक और भावना के संयोजन का उपयोग करता है। शायरी का उपयोग कलाकारों को पेश करने, कृत्यों के बीच अंतरालीय मनोरंजन प्रदान करने, या उच्च नोट पर शो को बंद करने के लिए किया जा सकता है।

Shayari in Hindi on Anchoring Program


एक मंच कार्यक्रम की मेजबानी करते समय और शायरी का उपयोग करने के बारे में सोचते हुए, घटना के विषय और स्वर पर विचार करना और शायरी का चयन करना महत्वपूर्ण है जो समग्र अनुभव को बढ़ाएगा और पूरक करेगा। उदाहरण के लिए, यदि कार्यक्रम एक कॉमेडी शो है, तो आप शायरी का उपयोग करना चाह सकते हैं जो हल्की-फुल्की और हास्यपूर्ण हो। यदि कार्यक्रम एक संगीत कार्यक्रम है, तो आप ऐसी शायरी चुन सकते हैं जो अधिक भावनात्मक और विचारोत्तेजक हो, कुछ ऐसा जो दर्शकों के दिल को छू सके।


ऐसे कई प्रसिद्ध कवि या शायर हैं जिनकी रचनाएँ मंच की मेजबानी में उपयोग की जा सकती हैं जैसे मिर्ज़ा ग़ालिब, अल्लामा इकबाल, फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, जौन एलिया आदि। घटना।


शायरी के अलावा, आप होस्टिंग को और अधिक इंटरैक्टिव बनाने के लिए कुछ कहावतों, मुहावरों या प्रसिद्ध फिल्मों या नाटकों के प्रसिद्ध संवादों का भी उपयोग कर सकते हैं।


कुल मिलाकर, एक मंच कार्यक्रम में शायरी शामिल करना, कला और संस्कृति की एक अतिरिक्त परत जोड़ने, दर्शकों के साथ जुड़ने और इसमें शामिल सभी लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बनाने का एक शानदार तरीका हो सकता है।

एंकरिंग ताथ स्वागत की शायरी:

आप फूलों की महफ़िल सजाने आए हैं,
और हम मेहमानों को दिल से बुलाने आए हैं।
तालियों की गूंज हो चारों तरफ इस महफ़िल में,
आज हम खुशियों का पैगाम आपके लिए लाने आए हैं।

एंकरिंग ताथ स्वागत की शायरी

 Apni Kadrdani Ko
Is Tara Na Chhipaiye.
Agar Prastuti Pasand Aayee Ho,
To Taliya Bajaiye


🎤 खुशियों पर Mauj की रवानी होगी,

Jindagi में कोई न कोई Kahani Hogi होगी,

हम यू कार्यक्रम में 4 Chand लगाते रहेंगें,

अगर आपकी Taliyon की मेहरबानी रहेगी।


🎤 ना संघर्ष, ना Takliphe, क्या है Maja फिर जीने में।

Tufan भी थम जाएगा, जब Lakshya रहेगा सीने में।


🎤 जोड़ने वाले को Maan मिलता है,

तोड़ने वाले को Apman मिलता है,

और जो खुशियां बाँट सके,

दुनिया में उसे Samman मिलता है।


🎤 बिन बूंदो के बारिश का Ahsas कैसे होगा,

जूनून हो दिल में जिसके वो Hatas कैसे होगा,

कार्यक्रम के इस Rang का मिज़ाज़ कैसा है,

बिन ताली के हमें यह Ahsas कैसे होगा।


🎤 निकाल दे अपने दिल से हर Dar को,

नजारे मिलेंगे नए फिर तेरी Najar को,

Daman भर जाएगा सितारों से तेरा,

ये दुनिया देखेगी तब तेरे उभरते Hunar को।


🎤 अपनी Kadardani को,

इस तरह ना छिपाइए,

अगर Prastuti पसंद आई हो,

तो Taliyan बजाइये।


🎤 ये नन्हे Phool तब महकते हैं,

जब खुदा की नीली Chhatriyan तनती हैं,

ये नन्हे मुन्हे Phariston के लिए,

जोरदार Taliyan तो बनती हैं।


🎤  इस महफ़िल की शाम सुहानी है, ये महफ़िल भी बहुत प्यारी है,

आप सबकी मौजूदगी से इस महफ़िल  की रौनक भी बहुत सुहानी है।


🎤 तौड़ के हर एक Pinjara उड़ चलो Aasma की और,

चाहे Lakh लगा ले कोई बंदिशें, तौड़ दो हर एक Chhor,

करना है हर Sapno को पूरा बस Than लो एक बार,

हर Muskil हल होगी जब Irada होगा तुम्हारा कठोर।


🎤 दिलों में Vishwas पैदा करता है,

मन में कुछ Aas पैदा करता है,

Mitti की तो कुछ बात ही अलग है,

ईश्वर तो पत्थरों में भी Ghas पैदा करता है।


anchoring quotes in hindi

🎤 बूझी Shama भी जल सकती है,

तुफानो से Kasti भी निकल सकती है,

हो के मायूस यूँ ना अपने Irade बदल,

तेरी Kismat कभी भी बदल सकती है।


🎤 Muddat से आता हर दिन,

Jandagi में नई उम्मीद जागे,

आज का दिन बख्शे Khushiyan आपको

नेक कामों से सबके Nasib जागे।


🎤 मीठी बात और Chehare पर मुस्कान,

मीठी बात और Chehare पर मुस्कान,

ऐसे लोग ही है हमारी Mahphil की शान।

Shabdo Ka Vajan To Hamare Bolne Ke Bhav Se Pata Chalta hai.

Shabdo Ka Vajan To Hamare Bolne Ke Bhav Se Pata Chalta hai.
Waise To Deewaro Par Bhi Welcome Likha Hota Hai. 


Manch Sanchalan Shayari in Hindi


शायरी के जरिए स्टेज पर बेहतरीन परफॉर्मेंस कैसे दें

मंच पर शायरी का प्रदर्शन दर्शकों से जुड़ने और कविता के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त करने का एक शक्तिशाली तरीका हो सकता है। शानदार प्रदर्शन देने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

  1. अच्छी तरह से तैयारी करें: अपनी शायरी का पूर्वाभ्यास करें और अपनी प्रस्तुति का अभ्यास करें। इससे आपको मंच पर अधिक आत्मविश्वास और सहज होने में मदद मिलेगी।
  2. दर्शकों से जुड़ें: अपने पूरे प्रदर्शन के दौरान आंखों से संपर्क बनाएं और दर्शकों के साथ जुड़ें। इससे उनके साथ अधिक व्यक्तिगत संबंध बनाने में मदद मिलेगी।
  3. बॉडी लैंग्वेज का प्रयोग करें: अपनी शायरी के अर्थ को बढ़ाने और इसे जीवंत करने के लिए इशारों और बॉडी लैंग्वेज का उपयोग करें।
  4. वॉइस मॉड्यूलेशन का उपयोग करें: शायरी को अधिक गतिशील और अभिव्यंजक अनुभव देने के लिए विभिन्न टोन, वॉल्यूम और गति का उपयोग करें।
  5. सही शब्दों पर जोर दें: शायरी में महत्वपूर्ण शब्दों और वाक्यांशों को सामने लाने के लिए जोर दें।
  6. भावनाओं को व्यक्त करें: दर्शकों से जुड़ने के लिए प्रदर्शन करते समय अपनी भावनाओं को दिखाएं, यह इसे और अधिक भरोसेमंद और शक्तिशाली बना देगा।
  7. एक कहानी सुनाएं: अपनी शायरी का उपयोग कहानी सुनाने या दर्शकों को संदेश देने के लिए करें।
  8. एक माहौल बनाएं: अपने प्रदर्शन के लिए सही माहौल बनाने के लिए रोशनी, संगीत और अन्य स्टेज तत्वों का उपयोग करें।
  9. प्रामाणिक बनें: अपने प्रति सच्चे रहें और किसी और के जैसा बनने की कोशिश न करें।
  10. मजे करें: मंच पर खुद का आनंद लें और शायरी के लिए अपने जुनून को चमकने दें।


यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक अच्छा प्रदर्शन देना केवल शब्दों को सुनाने के बारे में नहीं है, बल्कि उनके पीछे की भावनाओं और संदेश को व्यक्त करने के बारे में भी है। अभ्यास के साथ, आप सीख सकते हैं कि अपने प्रदर्शन के माध्यम से अपने दर्शकों से कैसे जुड़ें और अपनी शायरी को जीवंत बनाएं।

Anchoring quotes in hindi for cultural event

एंकरिंग दर्शकों को समझाने और उनका मनोरंजन करने की एक कला है और इसके लिए एक निश्चित स्तर के कौशल और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। हिंदी में ये Anchoring quotes सांस्कृतिक कार्यक्रमों (cultural event) के लिए एकदम सही हैं, क्योंकि वे अपने दर्शकों के साथ जुड़ने, वास्तविक और आत्मविश्वासी होने और चमकने के हर अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के महत्व पर प्रकाश डालते हैं।


  1. अपने स्वभाव से हमेशा खड़े रहो, क्योंकि किसी और को बनने की ज़रूरत नहीं होती. - रविन्द्र नाथ टैगोर
  2. सफलता (Success) का सबसे बड़ा सुख किसी को अपने स्वभाव के अनुसार काम करना होता है. - संजीव चौधरी
  3. जो खुद को समझते हैं, वे दूसरों को समझा सकते हैं. - अब्दुल कलाम
  4. सफलता की कुछ चीजें आपको नहीं मिलती, आप उन्हें बनाते हैं. - शशि पाटना
  5. सफलता को प्राप्त करने के लिए, आपको अपने सपनों की तरफ दौड़नी होगी. - अजय देवगन


Anchoring quotes स्वयं बनने, कड़ी मेहनत करने, आत्मविश्वासी होने और अपने सपनों को कभी न छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। ये सुविचार दर्शकों को प्रेरित करने और प्रेरित करने के लिए एकदम सही हैं, चाहे वह सांस्कृतिक कार्यक्रम (cultural event) हो या कोई अन्य सभा।

6 सित॰ 2021

Shri Guru Nanak Dev Ji Suvichar | गुरु जी के अनमोल वचन

गुरू नानक देव जी: हिंदी सुविचार/अनमोल वचन,सच्ची कहानी

guru के ऊपर सुविचार

गुरू नानक सच्चे पातशाह रावी नदी के किनारे बैठे थे। वहा पर सेठ दुनीचंद आया। गुरू नानक जी के दर्शन करके मन मोहित हो गया। पूछा ये कौन हैं। भाई मर्दाना जी बोले ये जगत गुरू गुरू नानक देव जी हैं। सेठ बोला आप मेरे घर भोजन करने आ सकते है? आज हमारे पिता का श्राद्ध है। गुरू नानक जी बोले ठीक है अपना एड्रेस बता दो, आ जाएंगे। मर्दाना जी बड़े हैरान हुए,  ये तो किसी का भोजन मानते नहीं। आज कैसे मान लिया। सेठ दुनीचंद ने कहा महाराज मेरा एड्रेस किसी से पूछ लीजिए। यहां सबसे अमीर मैं ही तो हूं। संतो सतगुरु को घर बुला रहा है, ये नहीं कह रहा सतगुरु ये घर तो तेरा है। यहां नगर में एक लाख मोर हो ना किसी के पास तो अपने घर के आगे एक झंडा लगा देता है। मेरे पास बारह लाख मोर है बारह झंडे लागे हैं। किसी से पूछ लेना सेठ दुनीचंद का घर कहा पे है। आज वहा बहुत लंगर है आ के खाना। 

गुरू नानक देव जी: हिंदी सुविचार/अनमोल वचन

सतगुरु सच्चे पातशाह ने तो तारना था। मर्दाना जी से कहा चल मर्दन्या आज इसी का नम्बर लगाते हैं। आज इसको तारने चलते हैं। सच्चे पातशाह सेठ के घर आए। यहां पंगते लगी हैं। नगर के वासी लंगर भोजन कर रहे है। 100 ब्राह्मण भी एक तरफ बैठे भोजन कर रहे हैं। सच्चे पातशाह भी जाकर बैठ गए। सेठ ने कहा आ जाओ आप भी यहां बैठ जाओ। नानक सच्चे पातशाह ने कहा पहले सबको खिला दो। सेठ कहने लगा आप तो बड़े संतोषी हो, सबर वाले हो। नहीं तो यहां लंगर बटना शुरू होता है तो लोग एक दूसरे पर टूट पड़ते हैं। 


सच्चे पातशाह ने पूछा सेठ ये लंगर किस लिए लगाया है। सेठ कहने लगा महाराज जी ये अपने पिता पितरों की कल्याण के लिए लगाया है। आज मेरे पिता जी की बरसी है ना। सच्चे पातशाह ने पूछा तो पिता जी का कल्याण हो गया? सेठ ने कहा हां महाराज, 100 ब्राह्मण खा चले गए। सुबह से पता नहीं कितने लोग लंगर करके चले और अभी भी लंगर चल रहा है। सबने यही कहा तेरे पिता का कल्याण हो गया। 


गुरू नानक जी कहने लगे अभी तेरे पिता का कल्याण नहीं हुआ है। वो तो बाघ की योनि में जंगल की झाड़ी में 3 दिनों भूखा बैठा है। ये बात सुन के सेठ हैरान हो गया। सच्चे पातशाह ने कहा ये जो तूने मेरे लिए थाली लगाई है न इसे ले जा। वहां नदी के परले तरफ झाड़ में तेरा पिता बैठा है बाघ बनके। मेरी थाली ले जा। हमने अपनी नदर कर दी है। इस थाल में अब ये प्रसाद बन गया है। 


सतगुरु के पास दो तरीके से भोग लगता है। एक प्रसाद हम जो पदार्थ खाते हैं। एक गुरू लंगर चख लेवे या गुरू की नदर पर जावे। सेठ को विश्वास नहीं हुआ इतने सालो से श्राद्ध कर रहे हैं किसी ने कुछ नहीं कहा। इन्होंने तो नई बात कह दी। पर सच्चे पातशाह की वाणी गुरू नानक जी की नदर देख कर सेठ कांप गया। कहने लगा महाराज वो तो बाघ है। कहीं मेरे पे ना आ जाए। गुरू नानक जी ने कहा जा नहीं आयेगा तेरे पे। तू मेरा दर्शन करके जा रहा है। वो जब तेरा दर्शन करेगा निहाल हो जाएगा। वो तेरा पिता है ये उसे ज्ञान हो जाएगा। जा दुनीचंद जब तक तू लौट के नहीं आयेगा, हम तेरे इंतज़ार में यही बैठे रहेंगे। सेठ चल पड़ा कभी दो कदम आगे कभी दो कदम पीछे। मन कभी मानता, कभी नहीं मानता पर नाव में बैठ के नदी के परले तरफ गया जहा गुरू नानक जी ने कहा था। झाड़ियों के पीछे वो तेरा बाप है तू उसका पुत्र है। जब झाड़ियों के पीछे गया तो वहा बाघ मिला और जब झाड़ खड़कने की आवाज हुई तो बाघ ने मुंह ऊपर किया दुनीचंद के ऊपर तो सेठ को लगा मेरा बाप भी मेरे ऊपर ऐसे ही देखता था। उसकी आंख भी ऐसी लगती थी। जाकर प्रसाद का थाल आगे रखा और कहा बापू भूख है ना तेरे लई गुरू नानक जी ने प्रसाद भेजा है और जैसे ही उसके हाथ से प्रसाद खाया वो बाघ का रूप त्याग कर जीवात्मा रूप धारण कर लिया और कहने लगा दुनीचंद जल्दी जा तेरे घर परमात्मा रूप नारायण आए हैं। उनकी कृपा से मेरा कल्याण हुआ। तु जा उनके चरण पकड़ कही वो चले ना जाए। 


पता है मैं इस योनि में क्यू आया? मेरा अंत समा आया तो पड़ोस में मांस बन रहा था। मांस की बू मेरे पास आई। मेरा अंत समा मुझे लगा थोड़ा मुझे भी मिल जाय तो मैं भी खा लु। तब निरंकार ने मुझे बाघ की योनि दी। अब जितना मर्जी उतना मांस खा। क्योंकि अंत समा जैसा मन में ख्याल आ जाए, नारायण उसी तरफ भेज देता है। अंत समा नारायण याद आ जाए तो नारायण खुद लेने आ जाए।


अंत काल नारायण सिमरे ऐसी चिंता में जो मरे भक्त त्रिलोचन जे नर मुक्त पीताम्बर मंगे हृदय बसे


सेठ जब घर आया तो Shri Guru Nanak Dev Ji के चरणों में गिर पड़ा। कहने लगा Satguru आपने सच कहा  आज मेरे पिता का कल्याण हुआ है। 


प्यार से बोलो वाहे Guru।  अब किछ कृपा किजे वाहे गुरू अब किछ कृपा कीजे। वाहे गुरू वाहे गुरू वाहे गुरू जी

गुरू नानक देव जी हिंदी सुविचार

1. ईश्वर एक ही है और  उसे पाने का तरीका भी एक ही है। वही सत्य है। वही Rachanatmak है और वही अनश्वर है। जिसमे कोई डर नहीं और जो Dvesh भाव से  पराया है। गुरु की कृपा द्वारा ही इसे प्राप्त किया जा सकता है।

2. जिस व्यक्ति को अपने आप पर Vishwas नहीं है वो कभी भी ईश्वर पर पूर्णरूप से Vishwas नहीं कर सकता।

3. Ahankar द्वारा ही मानवता का अंत होता है। अहंकार कभी नहीं करना चाहियें बल्कि Hriday में सेवा भाव रख जीवन व्यतीत करना चाहियें।

4. मैं न तो बच्चा हूँ, न जवान, न प्राचीन; न ही मैं किसी जाति का हूं। 

5. धन-बैभव से युक्त बड़े-बड़े राज्यों के Raja-Maharaja की तुलना भी उस Chinti से नहीं की जा सकती है जिसमें भगवान का प्रेम भरा हो.

6. ईश्वर की सीमायें और हदें पूरे मानव जाती की सोच से परे हैं।

7. कभी किसी का हक़ नहीं छीनना चाहियें। जो व्यक्ति ऐसा करता है उसे कही भी Samman नहीं मिलता।

9. जब आप किसी की सहायता करते हैं तो भगवान आपकी मदत करता है। हमेशा दूसरों की सहायता के लिए आगे रहो।

10. मेहनत और ईमानदारी से काम करके उसमे से जरूरतमंद को भी कुछ देना चाहियें।

11. कर्म भूमि पर फल के लिए कर्म सबको करना पड़ता है। ईश्वर तो लक़ीरें देते हैं पर रंग हमको भरना पड़ता है।

5 दिस॰ 2020

Swami Vivekananda Quotes and Suvichar for You

Swami Vivekananda


Legends always stay alive through their teachings and their contribution to the society. Swami Vivekananda (12 January 1863 – 4 July 1902) also known as Narendranath Datta was one of the apostle of 19th century Indian enigmatic Ramakrishna. He was considered a priest, a teacher, a monk and a lot of titles have been associated with his name. He was a true preacher of universal principles instead of personalities.


Spreading his aura in the western world, he was the one to introduce the western world to the philosophies of Vedanta and Yoga and taking Hinduism to great heights during that time. After a great success to represent Hinduism at the first World Parliament of Religions held in Chicago during 1893 he was tremendously appreciated and was invited to speak all over America and Europe. Swami Vivekananda because of his great spiritual presence and tremendous intellect gained popularity amongst the masses.

Swami Vivekananda's Preaching

Since his birth in an aristocratic Bengali Kayastha family of Kolkata, his inclination was always noticeable towards spirituality. Influenced by the teachings of his master/guru, Ramakrishna, he preached that all living beings/creatures were a manifestation of the divine self; therefore, serving a human or a living being can be considered as a service to almighty God. With his mind full of restlessness and his quest to discover and learn helped him excel in his studies. His teachers were amazed by looking at this. Following the footprints of his master he began his journey throughout the country sowing the seeds of spirituality and also he experienced a lot of hardship during this phase. To his belief India is not a poor country and the main reason that poverty prevailed on the name of religion. During his journey across the nation with his knowledge and wisdom he did impressed a lot of kings and emperors, which help everyone know and experience the real meaning of religion. He understood that in order to preach religion it is first necessary to remove poverty and starvation as that is the major reason that discrimination prevails.

After Impressing the world parliament with his speech and knowledge, Swami Vivekananda spent a good time in America and upon his result as a hero to the nation he was looked upon as a man with power. He was able to get life to many of his ideas in his practice to help the poor like providing education, construction of hospitals and relief centers to help the people in need. His true belief was that under any circumstances life must go on and every individual should keep faith in himself, everyone has to die one day, but till the time you live never lose faith and trust in your own self. Trust yourself before you trust God. Because the day you lose the faith in yourself that is the day you will die. If you are capable of doing something for others never ever step back. It’s better to go to hell by leading a helping hand to someone rather going to heaven by own salvation.

Swami Vivekananda’s beautiful teachings have helped shape the future and mind of a lot of individuals. His contribution to Arya Samaj and yoga is recommendable. He is still alive with his true teachings in lot of books that he has contributed to and his teachings will always be cherished.

Swami Vivekananda Quotes and Sayings:

  • Get up,Wake up and do not stop till you achieve your aim/goal.
  • Considering/thinking yourself weak or incapable is the biggest sin.
  • No one can teach you neither make you spiritual.
  • Truth can be told in thousand different ways still truth will remain truth.
  • Learn as long as you live as experience is the best teacher in this world.
  • We will always reap what we sow, we are the creators of our own destiny.
  • The day you do not face any problems/obstacles in your way. Be assured that you are on the wrong path.
  • Think and do not worry,give birth to new ideas.
  • You would be more closer to the heaven through a football, Rather than studying Gita.
  • External nature is only a bigger impression of your inner nature.
  • The fire that gives us heat and warmth is capable of destroying us. It's not the fault of fire.
  • In a word it is absolute that you are divine.
  • Long live those who live for others.
  • Neither seek nor try to escape, take whatever comes your way.
  • Serve Humanity serve the lord. 
  • In a conflict between heart and brain always listen to the heart.
  • Till the time you don't trust yourself you wont be able to trust God.
  • Whatever makes you weak be it physical, mental or intellectual. Leave that thing like a poison.
  • The world is a big gymnasium, where we come to make ourselves strong.
  • Do one task at a time and ensure while doing the task you dedicate your entire soul and forget every thing else. 

17 मार्च 2019

The greatest learning of life

जीवन की सबसे बड़ी सीख

एक समय की बात है, एक Forest में सेब का एक बड़ा पेड़ (tree) था। एक बच्चा रोज उस tree पर खेलने आया करता था। वह कभी tree की branch से लटकता, कभी फल तोड़ता, कभी उछल कूद करता था, सेब (Apple) का tree भी उस बच्चे से काफ़ी happy रहता था।

कई साल इस तरह बीत गये। suddenly एक दिन बच्चा कहीं चला गया और फिर लौट के नहीं आया, tree ने उसका काफ़ी इंतज़ार किया पर वह नहीं आया। अब तो tree उदास हो गया था।

काफ़ी साल बाद वह बच्चा फिर से tree के पास आया पर वह अब कुछ बड़ा हो गया था। tree उसे देखकर काफ़ी happy हुआ और उसे अपने साथ खेलने के लिए कहा।

पर बच्चा उदास होते हुए बोला कि अब वह बड़ा हो गया है अब वह उसके साथ नहीं खेल सकता। बच्चा बोला की, “अब मुझे खिलोने से खेलना अच्छा लगता है, पर मेरे पास खिलोने खरीदने के लिए पैसे नहीं है”

tree बोला, “उदास ना हो तुम मेरे फल apple तोड़ लो और उन्हें बेच कर खिलोने खरीद लो। बच्चा happyी happyी फल apple तोड़के ले गया लेकिन वह फिर बहुत दिनों तक वापस नहीं आया। tree बहुत दुखी हुआ।

अचानक बहुत दिनों बाद बच्चा जो अब जवान हो गया था वापस आया, tree बहुत happy हुआ और उसे अपने साथ खेलने के लिए कहा।
पर लड़के ने कहा कि, “वह tree के साथ नहीं खेल सकता अब मुझे कुछ पैसे चाहिए क्यूंकी मुझे अपने बच्चों के लिए घर बनाना है।”

tree बोला, “मेरी Branches बहुत मजबूत हैं तुम इन्हें काट कर ले जाओ और अपना घर बना लो। अब लड़के ने happyी-happyी सारी Branches काट डालीं और लेकर चला गया। उस समय tree उसे देखकर बहुत happy हुआ लेकिन वह फिर कभी वापस नहीं आया। और फिर से वह tree अकेला और उदास हो गया था।

अंत में वह काफी दिनों बाद थका हुआ वहा आया।

तभी tree उदास होते हुए बोला की, “अब मेरे पास ना फल हैं और ना ही लकड़ी अब में तुम्हारी मदद भी नहीं कर सकता।

बूढ़ा बोला की, “अब उसे कोई सहायता नहीं चाहिए बस एक जगह चाहिए जहाँ वह बाकी जिंदगी आराम से गुजार सके।” tree ने उसे अपनी जड़ो मे पनाह दी और बूढ़ा हमेशा वहीं रहने लगा।

इसी tree की तरह हमारे Mather-Father भी होते हैं, जब हम छोटे होते हैं तो उनके साथ खेलकर बड़े होते हैं और बड़े होकर उन्हें छोड़ कर चले जाते हैं और तभी वापस आते हैं जब हमें कोई ज़रूरत होती है। धीरे-धीरे ऐसे ही जीवन बीत जाता है। हमें tree रूपी Mather-Father की सेवा करनी चाहिए ना की सिर्फ़ उनसे फ़ायदा लेना चाहिए।

उस tree के लिए वह बच्चा बहुत Important था, और वह बच्चा बार-बार जरुरत के अनुसार उस सेब (Apple) के tree का Use करता था, ये सब जानते हुए भी की वह उसका केवल Use ही कर रहा है। इसी तरह now-a-days हम भी हमारे Mather-Father का जरुरत के अनुसार Use करते है। और बड़े होने पर उन्हें भूल जाते है। हमें हमेशा हमारे Mather-Father की सेवा करनी चाहिये, उनका सम्मान करना चाहिये। और हमेशा, भले ही हम कितने भी Busy क्यों ना हो उनके लिए Little Time निकालना चाहिये।

14 सित॰ 2018

वायरल समाचार और सोच बदलने वाले सुविचार

स्त्री के बिना समाज की कल्पना अधूरी

क्या बिना स्त्री के समाज की कल्पना की जा सकती है? यदि यह प्रश्न आप अपने से करेंगे तो शायद आपको खुद ही इसका उत्तर मिल जाये। सृष्टि की आधार स्त्री ही है। यदि इस संसार में स्त्री न होती है शायद पुरुषों का अस्तितव ही न होता। लेकिन यह बात पता होते हुए भी जब कोई एक पुरुष किसी स्त्री पर अत्याचार करता  है तो ऐसा लगता है कि शायद मानवता ने आज अपना दम तोड़ दिया है। अभी हाल ही में एक घटना तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें यह दिखाई दे रहा है कि एक लड़का किसी लड़की को बुरी तरह से पीट रहा है। आइये जानते हैं कि पूरी घटना क्या है। 

Viral news in Hindi


स्त्रियों के प्रति अत्याचार को बयान कर देने वाली यह घटना दिल्ली में घटी है और यह सोशल मीडिया पर आजकल बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल विडियों में एक पुलिसकर्मी के बेटे द्वारा एक युवती को बहुत ही बुरी तरह पीटते हुए दिखाया गया है। कुछ सामाचार चैनलों से पता चला है कि आरोपी लड़के ने आपने दोस्त के कार्यालय में लड़की को बुरी तरह से पीटा। 

जब कभी भी इस प्रकार के घटना के बारे में सुनते हैं तो मानवता पर से विश्वास ही उठ जाता है। हमे विश्वास ही नहीं होता कि क्या हम उस देश में रह रहे हैं जहां पर एक स्त्री को देवी की तरह पूजा जाता है। पिछले कई वर्षों से इस प्रकार की घटना ने हमारे देश का नाम खराब किया है। इस घटना में एक चौकाने वाली बात तो यह भी पता चला कि अपराधी एक पुलिसकर्मी का लड़का है।

हमारे देश में एक वक्त था जब हम स्त्रियों को देवी के रूप में पजते थे लेकिन आज कुछ अलग ही माहौल बनता जा रहा है जो कि पूर मानव समाज के लिए सही नहीं है। कुछ वर्षों से नाबालिग लड़कियों तथा छोटी-छोटी बच्चियों और महिलाओं के साथ रेप और अत्याचार जैसी घटना बढ़ती ही जा रही है। इस प्रकार की बुराइयों से लड़ने के लिए हमे ही आगे आना होगा। 

वैसे जिस प्रकार से हमारे देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना का  संज्ञान लिया और अपराधी व्यक्ति को सजा दिलाने के लिए दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर को फोन किया वह काबिले तारीफ है। यहां पर हम यह बता देना चाहते हैं कि हम गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी की तारिफ नहीं कर रहे हैं बल्कि हर वह व्यक्ति जो स्त्रियों को न्याय दिलाने के लिए कार्य करता है वह तारिफ के काबिल होता है। 

दिल्ली पुलिस ने आरोपी लड़के को पकड़कर जेल में भेज दिया और आगे कि कारवाई शुरू कर दी। कुछ सूत्रों से यह पता चला है कि इस लड़के कि शादी उसकी प्रेमिका से होने वाली थी जिसकों जैसे ही यह पता चला कि उसका मंगेतर ने इस प्रकार का घृणित कार्य किया है तो उसने अपनी शादी उससे तोड़ दी और साथ ही उसके खिलाफ केस भी दर्ज कराया। यहां पर यह लड़की भी तारिफ के काबिल है क्योंकि उसने अन्याय और पाप के खिलाफ आवाज उठाई।  

हमारे देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार को खत्म करने के लिए मिलकर कार्य करने की जरूरत है तभी यह बुराई जड़ से मिट पायेगी। क्योंकि कोई भी सरकार चाहे कितनी ही कानून बना ले और कितना ही इसको दूर करने का प्रयास करें। यह समस्यां जड़ से खत्म नहीं हो पायेगी जब तक कि हम अपनी सोच को न बदले। हम लोगों को लड़कियों को अपने बराबर समझने की जरूरत है तभी यह बुराई मिट पायेगी। 

कुछ सुविचार आपके लिए -

1. औरत को कमजोर समझने कि भूल न करें, क्योंकि जो स्त्री पार्वती का रूप होती है वह एक दिन काली भी बन सकती है।
2. आजकल लडकियां लड़कों से कम नहीं क्योंकि जो मुकाम लड़कों ने आज हासिल किया हैं वही लड़कियों ने भी।
3. बेटे और बेटी के बीच भेदभाव करना बहुत गलत है क्योंकि यदि घर में लड़की नहीं होगी तो बहु कहां से आयेगी। 
4.आज लड़की हर वह मुकाम हासिल कर सकती है जो लड़के कर सकते हैं।

यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर और फॉरवर्ड करना न भूले।
धन्यवाद!

18 अप्रैल 2018

Jeevan men satya ki pahachan

जीवन के सत्य की पहंचान


आंसू जताते है दर्द कैसा है। 

बेरूखी बताती है हमदर्द कैसा है। 

घमंड बताता है अमीर कैसा है। 

संस्कार बताते है परिवार कैसा है। 

बोली बताती है इंसान कैसा है। 

बहस बता देती है ज्ञान कैसा है। 

नजरे बताती है सूरत कैसी है।

स्पर्श बता देता है नीयत कैसी है। 

Author - Vinay Singh

5 अप्रैल 2018

Bharat Bandh - A Story of MP Hero, Sajid

भारत बंद के दौरान ऐसा हिम्मत का काम - ऐसे व्यक्ति को सलाम

साजिद भाई की कहानी

Sajid Bhai Apko Salam karte hai

हम ऐसे व्यक्ति को सलाम करना चाहिए जिसमें अपनी जिन्दगी से ज्यादा दूसरों की जिंदगी को बचाने का हिम्मत हो। आज हम ऐसे ही एक व्यक्ति के बारे में बात कर रहे है जो एक ड्राइवर है। इनका नाम साजिद है। भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश में कुछ आंदोलनकारियों ने एक पेट्रोल के टैंकर में आग लगा दिया। उस समय साजिद ने देखा कि पैट्रोल टैंकर में आग लगी है, तब साजिद ने हिम्मत से काम लिया और सोचा कि टैंकर यदि इस रिहायशी इलाके में फटा तो सैकडों लोगों कि जान चली जायेगी। फिर क्या इन्होने हिम्मत से काम लिया और अपनी जान की प्रवाह किये बैगर टैंकर को रिहायशी इलाके से दूर ले जाकर छोड़ा। इस हादसे में इनकी हाथ झुलस गयें। अब अंदाजा लगाइये कि यदि यह पेट्रोल से भरा टैंकर उस रिहायशी इलके में फटता तो कितने मासूम लोग मारे जाते। खुशी की बात यह है कि इन्होने हजारों लोगों की जान बचाई। हमें ऐसे लोगों को सलाम करना चाहिए न कि उसे जिसने भारत बंद का समर्थनकर लोगों के साथ लूट पाट की और हजारों लोगों को तंग किया। 

साजिद भाई आपको हम तहे दिल से सलाम करते है।

दलित होना कोई पाप नहीं, हमारे देश में आज भी बहुत से लोग है जो उच्च जाति में होते हुए भी बहुत गरीब है यहा तक के दो वक्त के रोटी भी बड़ी मुश्किल से जुटा पाते हैं। इसलिए असली दलित तो वह है जो गरीब है और जिसको सही मायने में आरक्षण की जरूरत है। हम ऐसे हजारों दलित भाइयों का सम्मान करते हैं जिन्होने भारत बंद का समर्थन नहीं किया। आज में उन लोगों के लिए एक सुविचार लिख रहा हूं जिन्होने भारत बंद का आवाहन किया और हजारों लोगों को बेवजह परेशान किया। 

आज का सुविचार

जो भगवान का सौदा करता है ,
वो इन्सान की कीमत क्या जाने ,,
जो भारत बंद की बात करता है,
वो अम्बेडकर की कीमत क्या जाने!

एक सोच और एक विचार

भीमराव रामजी आंबेडकर ने कभी नहीं कहा कि भारत बंद की जाएं बल्कि उन्होने तो अपने समय यह कहा होगा कि इतनी मेहनत करों कि भारत से गरीबी मिट जाये। मैं यह बात इसलिए कह रहा हूं कि इनकी शिक्षा जितनी थी उस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भीमराव रामजी आंबेडकर कितने मेहनती व्यक्ति थे। इनके नाम का गलत मतलब न लगाये इन्होंने सविधान को उस समय के हिसाब से लिखा होगा जिस समय में वो थे। समय के साथ साथ परिवर्तन करना पड़ता है, नहीं तो अंत निकट आ जाता है इसलिए समय और परिस्थिति के साथ बदना सीखें। 

Author - Vinay Singh

3 अप्रैल 2018

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सुविचार

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

Beti Bachao Beti Badhao

एक सुविचार, जिसाक पालन हम सभी को करना चाहिए

एक सुविचार, जिसाक पालन हमें सभी को करना चाहिए

एक गांव में एक व्यक्ति के घर लगातार 8वीं बार बेटी पैदा हुई तो दमपत्ति ने कहा की नहीं पालेंगे इसे। NGO के दे देते हैं। कितना भी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का अभियान मोदी जी चला लें पर समाज में आज भी लोग बेटे के बिना लोग अपने परिवार को अधूरा ही समझते हैं। बेटे की चाह में जब एक गरीब दंपत्ति के घर लगातार 8वीं बार बेटी हुई तो उसने उसे एक अनाथालय में छोड़ दिया। 

अब हमें समझ में नहीं आता की ऐसा करने की जरूरत ही क्या थी यदि वह पहले ही दो लड़की होने के बाद संतान नहीं करता तो क्या उसका घर सहीं से चल नहीं सकता था क्या। लेकिन नहीं इस परिवार को तो बेटा चाहिए था सो बेटे के चाह में ऐसा होता चला गया। कुछ लोगों को लाख समझा लो की बेटा और बेटी में कुछ फर्क नहीं होता मगर वे सझने के लिए तैयार नहीं होते। 

आज के समय में ऐसा क्या चीज है जो लड़का कर सकता है लड़की नहीं। आपने ने ऐसे बहुत सी महिलाओं को देखा होगा जो उन्होने किया है शायद वो लड़का नहीं कर सकता। आज भारत तथा अन्य देशों में लड़किया फाईटर प्लेन तक उड़ा रही है। जिस दिन आपने ये समझ लिया की लड़का लड़की में फर्क नहीं होता उस दिन आपके पैस इस प्रकार की नौबत नहीं आयेगी। 

आज के समय को देखकर ऐसा लगता है कि हमारा जमाना चाहे कितना भी मॉडर्न क्यों न हो जाये लेकिन आज भी हमारे इस समाज में लड़का-लड़की का फर्क करना लोग नहीं भूलते। हमारे देश में कई क्षत्रों में तो महिलाओं की दशा इतनी खराब है कि हर महिला यह पूछने पर मजबूर हो जाती है कि क्या हमारी दशा में कब सुधार होगी। हमें कब खुली हवा में सांस लेने की आजादी मिलेगी। क्या हमानें बेटी के रूप में जन्म लेकर कोई पाप किया है। कभी कभी तो महिलायें ये सोचने पर मजबूर हो जाती है कि जन्म लेते ही हमें पिता के अधीन, फिर पति की, बुढ़ी और विधवा होने के बाद अपने बेटे के अधीन होना पड़ता है। इस प्रकार की परिस्थिति में कभी सुधार होगा या नहीं। 

हम अगर लड़कियों को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखेंगे तो उनकी स्थिति में सुधार नहीं होने वाला। हमें समझना होगा की एक स्त्री के कारण ही हमारा जन्म हुआ है और उसको अगर अजादी नहीं दे सकते तो क्या हमें जीने का हक है। जब तक हम लोग बेटा और बेटी को सामान नहीं समझेंगे तब तक  बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सलोगन का कई मतलब नहीं बनता। हमें इस प्रकार के फर्क करने वाले स्थिति से ऊपर उठना होगा और बेटा-बेटी के फर्क के चश्मे को दूर करना होगा तभी हम एक अच्छे सामाज की कल्पना कर सकते हैं।
Author - Vinay Singh

31 मार्च 2018

Shan Man Ka Chamatkar - Peace of Mind, शांत मन, चमत्कार

शांत मन हमेशा चमत्कार कर सकता है जाने कैसे?

एक बार की बात है एक किसान ने अपनी घड़ी को चारे से भरे हुए बाड़े में खो दिया। उसकी घड़ी बहुत ही महंगी थी इसलिए उसने घड़ी को बहुत अधिक खोजा लेकिन घड़ी मिली नहीं। 

उसी के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे और किसान को कुछ और भी काम करना था। तब उसने सोचा कि क्यों न बच्चों को घड़ी खोजने के लिये कह दूं। फिर इसके बाद उसने बच्चों को कहा कि जो बच्चा  घड़ी को खोज लेगा, उसे अच्छा इनाम दिया मिलेगा।  

ऐसा सुनकर बच्चे लालच में आ गये और चारे के बाड़े के अन्दर दौड़ गये। इसके बाद वे घड़ी को ढूंढने लगे। किंतु बहुत अधिक ढूंढने के बाद भी घड़ी नहीं मिली। इसके बाद एक बच्चा किसान के पास गया और बोला कि मैं घड़ी को ढूंढ सकता हूं। लेकिन मेरी एक शर्त है कि सारे बच्चे को बड़े से बाहर जाना होगा। तब किसान ने उसकी यह बात मान ली। इसके बाद सारे बच्चे बाड़े से बाहर आ गये। इसके बाद वह बच्चा बाड़े के अंदर अकेला चला गया और कुछ समय बाद ही वह घड़ी के साथ वापस आ गया। 

घड़ी को देखकर किसान बहुत अधिक खुश हो गया और आश्चर्यचकित भी हुआ। इसके बाद उसने बच्चे से पूछा कि तुमने किस तरीके से घड़ी को खोजी। जबकि बाकि बच्चे और मैं खुद भी उसे बहुत कोशिश के बाद भी नहीं ढूंढ पाया। 

इसके बाद बच्चे ने किसान को बोला कि मैनें घड़ी को ढूंढने के लिए कुछ ज्यादा मेहनत नहीं की, बस शांत मन से जमीन पर बैठकर घड़ी के आवाज को सुनने की कोशिश की। वहा पर बड़ी शांती थी इसलिए मैनें घड़ी के आवाज को सुन ली और उसी तरफ देखा तो मुझे घड़ी मिल गई। 

शांत मन हमेशा चमत्कार कर सकता है जाने कैसे?

सुविचार : - इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि यदि किसी भी कार्य को शांत दिमाग से किया जाये तो वह ठीक प्रकार से हो सकता है जैसे बच्चे ने शांत दिमाग से घड़ी को खोज निकाला। इसलिए कहा जाता है कि एक शांत दिमाग ठीक प्रकार से सोच सकता है, एक थके हुए दिमाग की तुना में। आप प्रतिदिन कुछ समय के लिए अपनी आंखों को बंद करके शांत बैठिये और मष्तिष्क को शांत होने दीजिये और फिर देखिये आपके जिंदगी का हर काम कैसे असानी से हल हो जायेगा। एक बात अवश्य जान लीजिए कि हमारी आत्मा हमेशा अपने आप को ठीक करना जनती है, बस आप अपने मन को शांत कीजिए।
Author - Vinay Singh

13 दिस॰ 2017

IK Sharma - Suvichar | Inspirational Quotes In Hindi

IK Sharma Inspirational Quotes In Hindi


Khush Raha Karo Kyonki

Khush Raha Karo Kyonki
Pareshan Hone Se Kal Ki
Mushkil Aasan Nahi Hogi
Balki
Aaj Ka Sukoon Bhi Jata hai.


Cheenkh Kar Har Jid Poori Karwata Hai,  Eklauta Beta!!

Cheenkh Kar Har Jid Poori Karwata Hai,
Eklauta Beta!!
Magar Bitiya Gujara Kar Leti Hai,
Tooti Payal Jodakar...


Ik Sharma Quotes - Ghar Na Jaun

Ghar Na Jaun Kisi Ke To Rooth Jate Hai...
Gano Men Ab Bhi Wo Apnapan Baki Hai...


Mujhe Teri Prit Ne Mashahoor Kar Diya

Mujhe Teri Prit Ne Mashahoor Kar Diya Varna Surkhiyon Men Rahoo Itanai Aukat Kaha - IK Sharma Quotes

Yoon Hi Nahi Hoti Hath Ki Lakiron Ke Aage Ungaliyan.

Yoon Hi Nahi Hoti Hath Ki Lakiron Ke Aage Ungaliyan. Ishwar Ne Bhi Kismat Se Pahale Mehant Likhi Hai. IK Sharma Quotes

Dhan Ke Saath Pavitrata  Daan Ke Saath Vinay

(Char Durlabh Gun)
Dhan Ke Saath Pavitrata
Daan Ke Saath Vinay
Virta Ke Saath Daya
Adhikar Ke Saath Sevabhav 


Sambandh Kabhi Bhi Jeetkar Nahi Nibhaye Ja Sakate...!! 
 Sambhandon ki Khushahali Jhukane Aur Sahane se Badati Hain... IK Sharma Quotes

Pyare, Shayad Isiliye Hi Log Mujhe Matlabi Kahane Lage Hain

Pyare, Shayad Isiliye Hi Log Mujhe Matlabi Kahane Lage Hain. Ek "Tere" Siva Kisi Aur Se Matalabh Nahi Mujhe. IK Sharma Quotes

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