Chanakya Suvichar-14

Chanakya Suvichar

संतुलित दिमाग से जैसी  कोई सादगी नहीं है, संतोष जैसा  कोई सुख नहीं है, लोभ जैसी कोई बीमारी नहीं है,और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है.
इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये कि आपने क्या करने के लिए सोचा है, बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ रहिये.-चाणक्य
यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है ? यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और किसी सिंगार की क्या आवश्यकता है.

Education is the best friend. An educated person is respected everywhere. Education beats the beauty and the youth.-Chanakya
If one has a good disposition, what other virtue is needed? If a man has fame, what is the value of other ornamentation?

शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है.एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है.-चाणक्य
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