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Bhagawan Mahavir ke Anmol Vichar

Bhagawan Mahavir ke Anmol Vichar

भगवान् का अलग से कोई अस्तित्व नहीं है . हर कोई सही दिशा में सर्वोच्च प्रयास कर के देवत्त्व प्राप्त कर सकता है .


The greatest mistake of a soul is non-recognition of its real self and can only be corrected by recognizing itself. By Lord Mahavir
Every soul is in itself absolutely omniscient and blissful. The bliss does not come from outside.

किसी आत्मा की सबसे बड़ी गलती अपने असल रूप को ना पहचानना है , और यह केवल आत्म ज्ञान प्राप्त कर के ठीक की जा सकती है- भगवान् महावीर के अनमोल वचन
प्रत्येक आत्मा स्वयं में सर्वज्ञ और आनंदमय है . आनंद बाहर से नहीं आता .

Silence and Self-control is non-violence. By Lord Mahavir

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