Saturday, December 8, 2018

What is Vastu Shastra? | वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र 

वस्तु शास्त्र की जानकारी

वास्तु शास्त्र से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति- वास्तु शास्त्र ज्ञान-विज्ञान व क्रियात्मक कार्य की वह विद्या है जो मानव को सुख शांति व समृद्धता प्रदान करने के साथ-साथ, जीवत्मा के चारों पुरूषार्थ धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष को प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करती है। 
Vastu Shastra in Hindi

धर्म-     धारियति इति धर्मः अर्थात जीवन के किसी भी क्षेत्र में जो भी अच्छा धारण करने योग्य है वह धर्म है।
अर्थ- धर्मानुसार अर्थ की प्राप्ति ही मनुष्य का लक्ष्य होना चाहिए।
काम- धर्म का अनुसरण करते हुए अर्थ की प्राप्ति के बाद अपनी कामनाओं की पूर्ति करना ही काम है।
मोक्ष- जब मनुष्य धर्मानुसार अर्थ व काम की प्राप्ति कर लेता है तब उसे परम शांति मोक्ष प्राप्त करने का हर संभव प्रयत्न करना चाहिए।
चतुर्वर्ग फल प्राप्तिस्सललोकश्च भवेद ध्रुवम्।
शिल्य शास्त्र परिज्ञानान्मर्त्योऽपि सुरतां ब्रजेत।।
अर्थात शिल्प शास्त्र के सम्पूर्ण ज्ञान से मानव के चारों परम पुरूषार्थ धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। यह ध्रुव की तरह अटल सत्य है। 

वास्तु शास्त्र की सम्पूर्ण जानकारियां

  1. वास्तु शास्त्र
  2. घर की सजावट – सरल वास्तु शास्त्र
  3. सरल वास्तु शास्त्र – वास्तु शास्त्र के अनुसार घर
  4. वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों का कमरा
  5. व्यावसायिक सफलता के लिए वास्तु शास्त्र
  6. वैदिक वास्तु शास्त्र
  7. विभिन्न स्थान हेतु वास्तु शास्त्र के नियम एवं निदान
  8. अंक एवं यंत्र वास्तु शास्त्र
  9. वास्तु शास्त्र के प्रमुख सिद्धान्त
  10. वास्तु शास्त्र के आधारभूत नियम
  11. घर, ऑफिस, धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, संबंध और शादी के लिए वास्तु शास्त्र टिप्स
  12. जाने घर का सम्पूर्ण वास्तु शास्त्र, वास्तु शास्त्र ज्ञान और टिप्स
  13. मकान के वास्तु टिप्स – मकान के अंदर वनस्पति वास्तुशास्त्र
  14. वास्तुशास्त्र का विज्ञान से संबंध
  15. वास्तुशास्त्र के सम्पूर्ण नियम और जानकारियां
  16. जीवन और वास्तुशास्त्र का संबंध
  17. मकान को बनाने के लिए वास्तु टिप्स और सुझाव
  18. कैसे दूर करें, जमीन वास्तु दोष
  19. भवनों के लिए वास्तुकला
  20. अनिष्ट ग्रहों की शांति के लिए वास्तु टिप्स
  21. वैदिक वास्तुकला के सिद्धान्त और उसकी जानकारियां
  22. भारतीय ज्योतिष शास्त्र
  23. हिन्दू धर्म में गृहस्थ जीवन और धर्मशास्त्र महत्व
  24. भारतीय रीति-रिवाज तथा धर्मशास्त्र
  25. वास्तु का व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव
  26. घरेलू उद्योग व औद्योगिक संरचनाएं समाज की उन्नति के लिये क्यों आवश्यक है?
  27. विभिन्न प्रकार की भूमि पर मकानों का निर्माण करवाना
  28. मांगलिक की पहचान
  29. युग तथा वैदिक धर्म
  30. हिन्दू पंचांग अथार्त हिन्दू कैलेंडर क्या है?
  31. जन्मपत्री से जानिये जनम कुन्डली का ज्ञान

Sunday, December 2, 2018

National Pollution Control Day

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस - पौधों को बनाएं अपने जिंदगी का हिस्सा

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस (National Pollution Control Day):  बढ़ते वायु प्रदूषण से निजात पाने के लिए औषधीय पौधे काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। औषधीय पौधे में यह गुण पाया जाता है कि वे वातावरण को शुद्ध बनाये रखें। कई वैज्ञानिक संस्थानों का दावा है कि औषधीय पौधे ऐसे होते हैं, कि वे ज्यादा कार्बन डाई ऑक्साइड खींचते हैं और कुछ पौधे तो पानी से हैवी मेटल भी सोख लेते हैं। इन्हें घरों या गार्डन में लगाकर आसपास की हवा को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है।


घरों, सोसायटी और पार्कों में आजकल पौधे लगाना बहुत ही जरूरी हो गया है क्योंकि जिस तरह से पौधे की कटाई हो रही है उसी तरह से हमारे पृथ्वी प्रदूषण फैलता जा रही है। जानकारी के लिए बता दें कि  पौधे और वृक्ष वातावरण प्रदूषण को खत्म करते हैं और वे लाखों लोगों के जिंदगी को बचाते हैं। जब पौधे हमारे जीवन के रक्षा करते हैं तो क्या हमारा फर्ज नहीं बनता कि हम भी उनकी रक्षा करें। 

हमारे देश का विकास बहुत तेजी से हो रहा है और उतनी ही तेजी से गांव भी शहर में बदलता जा रह हैं। आजकल बहुत से लोग जो लोग जो फ्लैट में रह रहे हैं वे अक्सर कहते रहते हैं कि हमारे पास स्पेस नहीं कि हम पौधे लगाये तो जानकारी के लिए बता दें कि आप  कनेर, पीपल, बरगद, चंपा और हरसिंगार के बोनसाई आदि पोधै लगा सकते हैं क्योंकि ये असानी से फ्लेट में भी लगाया जा सकते हैं। 

जानकारी के लिए बता दें कि खस, लेमनग्रास, पामा रोजा, वच और तुलसी के पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाई ऑक्साइड का ज्यादा अवशोषण करते हैं जिसकी वजह से ये पौधे वातावरण को शुद्ध करने में बहुत बड़ा योगदान करते हैं, तो हो सके तो इनकों अपने घर के आगन या बालकोनी में जरूर लगाये। इसके अलावा ये पौधे ग्रीन हाउस गैसों को भी अवशोषित कर इन्हें शुद्ध हवा में बदलते रहते हैं। इसी प्रकार से खस को गंदे पानी में लगाने से इसकी जड़े आर्सेनिक और दूसरे मेटल सोख लेती है। खस पौधे को ऐसी जगह लगाया जा सकता है, जहां गंदा पानी ज्यादा हो।

पौधे को उपजाने के लिए कूड़े से खाद बनाएं


 घरों से निकलने वाले कूड़े और कचरे से खाद बनाई जा सकती है और इन खाद का उपयोग पौधे उगाने के लिए किया जा सकता है। इसके दो फायदें है एक तो आपके यहां का कूड़ा खाद में तबदील हो जायेगा और साफ सफाई भी बनही रहेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि आपके खाद खरीदने के पैसे भी बचेंगे। 

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