Wednesday, November 7, 2018

Diwali message, Quotes and Poem

दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी

Diwali message, Deepawali Quotes in Hindi: दीपावली एक  सुख-समृद्धि का आहवान करने का त्यौहार है। इस दिन लक्ष्मी माता की पूजा की जाती है। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति दीपावली पर अपने घर को साफ सुथरा करता है, उसके घर लक्ष्मी मां हमेशा विराजमान हो जाती है। लेकिन क्या केवल घर को साफ सुथरा करने से ऐसा संभव है, मेरे ख्याल से नहीं क्योंकि घर चाहे कितना भी साफ क्यों न हो जाये जबतक आप अपने मन को शुद्ध नहीं करेंगे तब तक लक्ष्मी मां आपके घर नहीं पधार सकती। इसलिए मन को शुद्ध करना बहुत ही जरूरी है। 

दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी

दीपावली पर घर साफ-सुथरा और स्वच्छ है तो उसमें रहने वाले व्यक्ति भी स्वस्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहते हैं। इसलिए बहुत से व्यक्ति दिवाली आने से पहले ही अपने घरे के सफाई में जुट जाते हैं, घर की सफाई के बाद घरों को दीपों से सजाते हैं। कितना सुंदर वातावरण बन जाता है लेकिन सुंदर वातावरण में बहुत से लोग ये भूल जाते हैं कि वातावरण तब सुंदर होगा जब हम वातावरण को सही करने के लिए बिना पटाखे वाली दिवाली मनाये। इसीलिए हम कह रहे हैं कि दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी है। 

एक बार आप दिवाली को ग्रीन और केवल दीप दिवाली मना कर देखें आपको पटाखों वाली दिवाली से ज्यादा आनन्द आयेगा। मेरे विश्वास है कि ऐसा करने से दीपावली का आनंद कई गुना बढ़ जाएगा। जरा आप उस पल के बारे में एक बार कल्पना कीजिए कि हमारे देश में अभी कितना ज्यादा प्रदूषण है और अगर हम लोग पटाखे वाली दिवाली मनायेंगे तो क्या वातावरण और अधिक प्रदूषित नहीं हो जायेगा। क्या हमारा जीवन और कठीन नहीं हो जायेगा। अगर आपको पटाखे कि आवाज इतनी ज्यादा पसंद है तो उसका दूसरा विकल्प आपके पास है आप पेपर से बिना जलने वाली पटाके बनाकर आनंद ले सकते हैं। आप पेपर पटाके बनाने के लिए गूगल पर सर्च कर सकते हैं।
दोस्तों, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि बाहरी स्वच्छता ही नहीं आंतरिक स्वच्छता भी बहुत जरूरी है। जिस प्रकार से घर में कभी कभी गंदगी इक्कठा हो जाता है उसी प्रकार से कभी कभी मन में भी अच्छे-बुरे, उपयोगी-अनुपयोगी असंख्य विचार इक्कठे हो जाते हैं। जिनको घर की तरह ही साफ करना बहुत जरूरी है। कभी कभी विचारों का प्रवाह इतना अधिक होता है कि हमें पता ही नहीं चलता कि कौन सा विचार उपयोगी और कौन सा नहीं। जिस कारण से हम कभी भी अपने अच्छे कार्य में सफल नहीं हो पाते। इसलिए दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी है।

दीपावली से संबंधित एक कविता


ऐसे दीये जलाएं कि धरा पर कहीं अंधेर न रह जायें।
ऐसे दीये जलाएं कि मन की सारी धूल मिट जायें।
ऐसे दीये जलाएं कि अशिक्षा रूपी अंधकार मिट जायें।
ऐसे दीये जलाएं कि सारा कुटुंब प्रफूलित हो जायें।
ऐसे संदेश पहुंचायें कि पटाखे के प्रदूषण से स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचायें।
सुविचार फॉर यु कि ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं।
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं
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