Tuesday, November 13, 2018

NBRI ने जारी की प्रदूषण कम करने वाले पौधों की सूची

घरों में लगाएं ये पौधे, कम होगा प्रदूषण का स्तर


ये पौधे प्रदूषण और लोगों के स्वास्थ्य के बीच एक बैरियर का काम करेंगे। पौधे लोगों को न सिर्फ धूल बल्कि हानिकारक गैसों से भी बचाएंगे।

-एसके बारिक, निदेशक, एनबीआरआई

हानिकारक कणों से होगी सुरक्षा


एनबीआरआई ने घरों के अंदर और बाहर लगने वाले इन एयर प्योरिफायर पौधों की सूची अपने ऐप पर अपलोड की है। ईएनवीआईएस एनबीआरआई में ग्रीन प्लानर में इसकी विस्तृत जानकारी दी गई है। इसकी मदद से लोग प्रदूषण के स्तर को कम करने वाले पौधे लगा सकते हैं। 'ग्रीन कवर' लोगों को हानिकारक कणों से आसानी से बचा सकता है।

'डिवाइडर पर भी लगाए जाएं ऐसे पौधे'


एनबीआरआई का कहना है कि ये पौधे सिर्फ घरों या बाहर मैदानों में ही नहीं बल्कि सड़कों के डिवाइडर पर भी लगने चाहिए ताकि हवा में फैले प्रदूषण को कम किया जा सके। ऐप में ऐसे पौधों की सूची भी है जो डिवाइडर पर लगाए जा सकते हैं।

बगीचे में लगे क्राइसेंथेमम का बदलता रंग इस बात का संकेत होता है कि आपके आसपास सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा बहुत ज्यादा है। वहीं, भारतीय ओलेंडर की पत्तियां फिल्टर के तौर पर काम करती हैं और बढ़े प्रदूषण से फेफड़ों को महफूज करती हैं।

सबसे अच्छे प्योरिफायर हैं ये पौधे


रबर प्लांट, बॉस्टन फ्रेन, स्पाइडर प्लांट, स्नेक प्लांट जैसे घरों के अंदर लगाए जा सकने वाले पौधे हवा को शुद्ध करने का काम करते हैं। वहीं, घरों के बाहर लगने वाले नीम, पीपल, अशोक और दूसरे कई
ऐसे पेड़ हैं जो प्रदूषण को कम करने के लिए सबसे बेहतर प्योरिफायर होते हैं।

बढ़ता प्रदूषण पूरे देश के लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। इससे बचने को लोग तरह-तरह के जतन भी कर रहे हैं। मास्क लगाने से लेकर खानपान तक पर खास ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, कुछ पौधे ऐसे हैं जिन्हें घरों में लगाकर प्रदूषण से स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकता है। नैशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट (एनबीआरआई) ने ऐसे पौधों की सूची तैयार की है जो धूल को फिल्टर करते हैं और उसे अवशोषित कर उसके प्रभावों को कम कर देते हैं।

सीएसए यूनिवर्सिटी के उद्यान महाविद्यालय के असोसिएट प्रफेसर डॉ. विवेक त्रिपाठी के मुताबिक, घरों में बरगद, पाकड़ और पीपल की बोनसाई रखी जा सकती है। बड़े पेड़ों के मुकाबले बोनसाई से कम ऑक्सिजन का उत्सर्जन होता है, लेकिन घरों की जरूरत के लिहाज से ये पर्याप्त काम करते हैं। तुलसी से भी ऑक्सिजन मिलती है। इसके अलावा सिनगोनियम, डाइफेनबेकिया और एरेकापाम पौधों को घरों में लगाया जा सकता है। ब्रायोफाइलम, क्रोटन और फाइकस भी वातावरण साफ करने में उपयोगी हैं। धार्मिक मान्यताओं के तहत उत्तर-पूर्व दिशा में लोग नवग्रह वाटिका लगाएं तो इसमें शामिल पलाश, गूलर, दूब, पीपल, आक, समी, खैर, कांस और लटजीरा से भी प्रदूषण कम होता है।

Wednesday, November 7, 2018

Diwali message, Quotes and Poem

दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी

Diwali message, Deepawali Quotes in Hindi: दीपावली एक  सुख-समृद्धि का आहवान करने का त्यौहार है। इस दिन लक्ष्मी माता की पूजा की जाती है। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति दीपावली पर अपने घर को साफ सुथरा करता है, उसके घर लक्ष्मी मां हमेशा विराजमान हो जाती है। लेकिन क्या केवल घर को साफ सुथरा करने से ऐसा संभव है, मेरे ख्याल से नहीं क्योंकि घर चाहे कितना भी साफ क्यों न हो जाये जबतक आप अपने मन को शुद्ध नहीं करेंगे तब तक लक्ष्मी मां आपके घर नहीं पधार सकती। इसलिए मन को शुद्ध करना बहुत ही जरूरी है। 

दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी

दीपावली पर घर साफ-सुथरा और स्वच्छ है तो उसमें रहने वाले व्यक्ति भी स्वस्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहते हैं। इसलिए बहुत से व्यक्ति दिवाली आने से पहले ही अपने घरे के सफाई में जुट जाते हैं, घर की सफाई के बाद घरों को दीपों से सजाते हैं। कितना सुंदर वातावरण बन जाता है लेकिन सुंदर वातावरण में बहुत से लोग ये भूल जाते हैं कि वातावरण तब सुंदर होगा जब हम वातावरण को सही करने के लिए बिना पटाखे वाली दिवाली मनाये। इसीलिए हम कह रहे हैं कि दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी है। 

एक बार आप दिवाली को ग्रीन और केवल दीप दिवाली मना कर देखें आपको पटाखों वाली दिवाली से ज्यादा आनन्द आयेगा। मेरे विश्वास है कि ऐसा करने से दीपावली का आनंद कई गुना बढ़ जाएगा। जरा आप उस पल के बारे में एक बार कल्पना कीजिए कि हमारे देश में अभी कितना ज्यादा प्रदूषण है और अगर हम लोग पटाखे वाली दिवाली मनायेंगे तो क्या वातावरण और अधिक प्रदूषित नहीं हो जायेगा। क्या हमारा जीवन और कठीन नहीं हो जायेगा। अगर आपको पटाखे कि आवाज इतनी ज्यादा पसंद है तो उसका दूसरा विकल्प आपके पास है आप पेपर से बिना जलने वाली पटाके बनाकर आनंद ले सकते हैं। आप पेपर पटाके बनाने के लिए गूगल पर सर्च कर सकते हैं।
दोस्तों, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि बाहरी स्वच्छता ही नहीं आंतरिक स्वच्छता भी बहुत जरूरी है। जिस प्रकार से घर में कभी कभी गंदगी इक्कठा हो जाता है उसी प्रकार से कभी कभी मन में भी अच्छे-बुरे, उपयोगी-अनुपयोगी असंख्य विचार इक्कठे हो जाते हैं। जिनको घर की तरह ही साफ करना बहुत जरूरी है। कभी कभी विचारों का प्रवाह इतना अधिक होता है कि हमें पता ही नहीं चलता कि कौन सा विचार उपयोगी और कौन सा नहीं। जिस कारण से हम कभी भी अपने अच्छे कार्य में सफल नहीं हो पाते। इसलिए दीपावली पर घर से ज्यादा मन को साफ करना जरूरी है।

दीपावली से संबंधित एक कविता


ऐसे दीये जलाएं कि धरा पर कहीं अंधेर न रह जायें।
ऐसे दीये जलाएं कि मन की सारी धूल मिट जायें।
ऐसे दीये जलाएं कि अशिक्षा रूपी अंधकार मिट जायें।
ऐसे दीये जलाएं कि सारा कुटुंब प्रफूलित हो जायें।
ऐसे संदेश पहुंचायें कि पटाखे के प्रदूषण से स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचायें।
सुविचार फॉर यु कि ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं।
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं

Friday, November 2, 2018

96 year old woman received 98 out of 100 marks in Kerala Exam

केरल साक्षरता परीक्षा में 96 वर्षीय महिला ने 100 में से 98 अंक प्राप्त कियें

केरल साक्षरता परीक्षा में 96 वर्षीय महिला ने 100 में से 98 अंक प्राप्त कियें। मुख्यमंत्री पिनाराय विजयन उनको उपलब्धि प्रमाणपत्र दियें। 

सोच और इरादे अगर मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखता यह करके दिखाया है केरला की एक महिला ने  जिनकी उम्र 96 वर्ष है। इनका नाम  कार्थ्यायनी अम्मा है और ये आलप्पुषा के मूल निवासी है। इन्होने केरल में आयोजित साक्षरता परीक्षा में उच्च अंक हासिल किए हैं।

ऐसा बताया जा रहा है कि वह अब अपनी आँखें अब कंप्यूटर सीखने पर सेट की हुई है। जब वह युवा थी तो इनको मौका नहीं मिला की पढ सके लेकिनन जब इन्होने बच्चों  को पढ़ते देखा तो इनको भी पढ़ने का शौक हो गया। 

Education Quotes for you


ऐसा बताया जा रहा है कि वह आलप्पुषा जिले के हरिपद के चेपड़ गांव के एक मूल निवासी, गैर-वंशानुगत गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनाराय विजयन ने उनका "उपलब्धि प्रमाणपत्र" उन्हें दिया। जो उनकी उपलब्धि के लिए मान्यता के प्रतीक थे।

मिशन के निदेशक पी एस श्रीकला ने बताया कि कार्त्यायणी अम्मा ने लिखित में 40 में से 38 रन बनाए और गणित और पढ़ने में 30 में से प्रत्येक का पूरा अंक हाशिल की है। 

कार्त्यायणी अम्मा अब महिला साक्षरता कार्यक्रमों का हिस्सा बनने के इच्छुक हजारों लोगों के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुकी है। 

Education Quotes for you

केरल के अधिकारी ने कहा कि हमें साक्षरता मिशन तहत राज्य को चार साल में पूरी तरह साक्षर करना है। 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य में लगभग 18.5 लाख अशिक्षित थे। अक्षरलाक्षम" राज्य में 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करने के लिए एलडीएफ सरकार के प्रमुख साक्षरता कार्यक्रमों में से एक है।

उन्होंने कहा कि परीक्षण के लिए उपस्थित कुल 43,330 उम्मीदवारों में से 42, 9 33 उम्मीदवारों ने राज्य भर में परीक्षा को मंजूरी दे दी है। 100 अंकों की पहल ने उम्मीदवारों के पढ़ने, लेखन और गणित कौशल का परीक्षण किया था। परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए, किसी को पढ़ने में 30 में से कम से कम 9 अंक हाशिल करना है, लिखित में 40 में से 12 और गणित में 30 में से 9 प्राप्त करना है।


जिन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे साक्षरता मिशन के चौथे मानक समकक्ष पाठ्यक्रम को नामांकित कर सकते हैं।  पलक्कड़ में जीतने वाले उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा संख्या -10,866 है, इसके बाद तिरुवनंतपुरम-9 412 और मलप्पुरम -4065 हैं। पूरी तरह से निरक्षरता को खत्म करने के लिए, मिशन ने कई कार्यक्रमों को तैयार किया है, खासतौर पर हाशिए वाले समूहों जैसे आदिवासियों, मछुआरों और झोपड़पट्टियों के बीच।

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