Jeevan men satya ki pahachan

जीवन के सत्य की पहंचान


आंसू जताते है दर्द कैसा है। 

बेरूखी बताती है हमदर्द कैसा है। 

घमंड बताता है अमीर कैसा है। 

संस्कार बताते है परिवार कैसा है। 

बोली बताती है इंसान कैसा है। 

बहस बता देती है ज्ञान कैसा है। 

नजरे बताती है सूरत कैसी है।

स्पर्श बता देता है नीयत कैसी है। 


Bharat Bandh - A Story of MP Hero, Sajid

भारत बंद के दौरान ऐसा हिम्मत का काम - ऐसे व्यक्ति को सलाम

साजिद भाई की कहानी

Sajid Bhai Apko Salam karte hai

हम ऐसे व्यक्ति को सलाम करना चाहिए जिसमें अपनी जिन्दगी से ज्यादा दूसरों की जिंदगी को बचाने का हिम्मत हो। आज हम ऐसे ही एक व्यक्ति के बारे में बात कर रहे है जो एक ड्राइवर है। इनका नाम साजिद है। भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश में कुछ आंदोलनकारियों ने एक पेट्रोल के टैंकर में आग लगा दिया। उस समय साजिद ने देखा कि पैट्रोल टैंकर में आग लगी है, तब साजिद ने हिम्मत से काम लिया और सोचा कि टैंकर यदि इस रिहायशी इलाके में फटा तो सैकडों लोगों कि जान चली जायेगी। फिर क्या इन्होने हिम्मत से काम लिया और अपनी जान की प्रवाह किये बैगर टैंकर को रिहायशी इलाके से दूर ले जाकर छोड़ा। इस हादसे में इनकी हाथ झुलस गयें। अब अंदाजा लगाइये कि यदि यह पेट्रोल से भरा टैंकर उस रिहायशी इलके में फटता तो कितने मासूम लोग मारे जाते। खुशी की बात यह है कि इन्होने हजारों लोगों की जान बचाई। हमें ऐसे लोगों को सलाम करना चाहिए न कि उसे जिसने भारत बंद का समर्थनकर लोगों के साथ लूट पाट की और हजारों लोगों को तंग किया। 

साजिद भाई आपको हम तहे दिल से सलाम करते है।

दलित होना कोई पाप नहीं, हमारे देश में आज भी बहुत से लोग है जो उच्च जाति में होते हुए भी बहुत गरीब है यहा तक के दो वक्त के रोटी भी बड़ी मुश्किल से जुटा पाते हैं। इसलिए असली दलित तो वह है जो गरीब है और जिसको सही मायने में आरक्षण की जरूरत है। हम ऐसे हजारों दलित भाइयों का सम्मान करते हैं जिन्होने भारत बंद का समर्थन नहीं किया। आज में उन लोगों के लिए एक सुविचार लिख रहा हूं जिन्होने भारत बंद का आवाहन किया और हजारों लोगों को बेवजह परेशान किया। 

आज का सुविचार

जो भगवान का सौदा करता है ,
वो इन्सान की कीमत क्या जाने ,,
जो भारत बंद की बात करता है,
वो अम्बेडकर की कीमत क्या जाने!

एक सोच और एक विचार

भीमराव रामजी आंबेडकर ने कभी नहीं कहा कि भारत बंद की जाएं बल्कि उन्होने तो अपने समय यह कहा होगा कि इतनी मेहनत करों कि भारत से गरीबी मिट जाये। मैं यह बात इसलिए कह रहा हूं कि इनकी शिक्षा जितनी थी उस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भीमराव रामजी आंबेडकर कितने मेहनती व्यक्ति थे। इनके नाम का गलत मतलब न लगाये इन्होंने सविधान को उस समय के हिसाब से लिखा होगा जिस समय में वो थे। समय के साथ साथ परिवर्तन करना पड़ता है, नहीं तो अंत निकट आ जाता है इसलिए समय और परिस्थिति के साथ बदना सीखें। 

Author - Vinay Singh

Bharat Band Kina Sahi Kitna Galat - भारत बंद, विचारणीय छंद

यह कैसा भारत बंद, जो आपस में लड़ाई करवायें!

 यह कैसा भारत बंद, जो भाई भाई को काटने पर मजबूर हो गये आप। किसी ने सच ही कहा है कि हिंदुओं में यदि जात पात खत्म नहीं हुआ तो इसका फायदा कोई और उठायेगा। इसका जिता जागता उदाहरण है 2 अप्रैल भारत बंद की कहानी। हमें अब एक होने की जरूरत है नहीं तो कुछ लोग जो हमे काफीर कहते हैं वे इसका फायदा उठा लेंगे। हे हिंदुओं आप जात पात को छोड़कर क्या एक जाती नहीं बन सकते जिसका नाम एक ही हो सकता है वह है हिंदुस्तानी। गर्व से कभी ये मत कहों की मैं राजपूत हूं, मैं पंडित हूं, मैं एक शूद्र हूं, मैं एक वैश्य हूं बल्कि यह कहों कि मैं एक हिंदुस्तानी हूं। जिस दिन सब एक होकर गर्व से ये कहेंगे कि मैं एक हिंदुस्तानी हूं उस दिल ये लोग जो भारत के टूकड़े करने के बात करते हैं वे दूम दबाके भाग जायेंगे और भारत फिर से विश्व गुरु कहलायेगा। इसलिए गर्व से कहों मैं एक हिंदू हूं। 

यह कैसा भारत बंद, जो आपस में लड़ाई करवायें!


अम्बेडकर जी को हम भी उतना मानते हैं जितना की आप तो फिर क्यों आपने भारत बंद किया ऐसा करने से क्या अम्बेडकर जी  का सीना चौड़ा हुआ नहीं। सोच के देखियें इससे किसका नुकसान हुआ। मेरे क्रांतिकारी मित्रों क्या ऐसा करने से आप बधाई के पात्र हुए नहीं बल्कि जब आप शाम को ऐसा करके घर पहुंचे होंगे तो कही न कही आपको जरूर महसूस हुआ होगा की ये भारत बंद नहीं हमारा अकल बंद था क्योंकि आपने अपना खुद नुकसान किया। हमारी आपसी फूट का फायदा कौन उठा रहा है जारा आप सोचिये।

मेरे भाइयों क्या आपको पता है कि आपकी इस आंदोलन की वजह से एक एम्बुलेंस में नवजात बच्चे की मृतु हो गई उसमें इसका क्या कसूर था, उसकी माँ अब तक रो रही है क्या आप उसके आंसू को पोछ सकते हैं नहीं ना और वह कब तक रोयेगी ये भी नहीं पता। क्या आप लोग उसके दोषी नहीं है। सोचों तुम एक दिन नवजात रहे होंगे क्या उस दिन ऐसा भारत बंद हुआ होता और खुद न करें आपके साथ ऐसा हदसा हुआ होता तो क्या आप इस धरती पर होते। सोचों मेरे भाई, जरा सोचों कौन लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।

उदयमंदिर थाने के उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी को कुछ प्रर्दशनकारियों ने घेर कर पीटा जिसकी वजह से वे शहीद हो गयें। जरा सोचों मेरे भारी उसमें उनकी क्या गलती थी वे तो अपनी नौकरी कर रहे थे। आपके सर पर तो भारत बंद का जनून सवार था इसलिए आपको यह भी नहीं दिखरहा था कि यह भी किसी का भाई होगा। आपने किसको मारा वह भी एक हिंदुस्तानी था और आप भी तो भाई भाई को मारते समय आपको जरा सी भी लजा नहीं आई। ये कैसा भारत बंद था मेरे भाई मुझे कोई समझा दो या खुद सोचो की कौन लोग हमे आपस में लड़ाकर फायदा उठा रहा है।

इस आंदोलन में फायरिंग हुई और इस फायरिंग से एक छात्र की मौत हो गई। इसमें इस छात्र की क्या गलती थी मेरे भाई और न जाने कितने भाइयों को चोट लगी कितने का घर तबाह हो गया। क्या आपको अभी भी लग रहा है कि आपका भारत बंद सफल रहा नहीं। भारत बंद सफल नहीं रहा बल्कि भाई भाई के बीच में नफरत की दरार पड़ गई। बोलो ये दरार कैसे मिटाओंगे मेरे भाई। जिस देश को दिन रात मेहनत करके इस देश की तरकी में योगदान देना चाहिए उस देश के युवा एक दिन भारत बंद करायेंगे ये किसे पता था। भारत बंद होने से सिर्फ हमारा ही नुकसान हुआ उसको समझों मेरे भाई। आपसी लड़ाई झगड़े को छोड़ों और उन लोगों को सबक सिखाओं जो लोग भारत बंद का ऐलान किया। समझो ये लोग तो चाहते हैं कि ये आपस में लड़े ताकि वे इसका लाभ ले सकें। अब आगे क्या लिखूं मेरे इस कविता को पढ़े और समझने कि कोशिश करें कि भारत बंद से क्या लाभ मिला और यह कितना सफल रहा!
क्रांतिकारी मित्रों, बधाइयाँ.. आपका भारत बंद सफल रहा!

विचारणीय छंद

क्रांतिकारी मित्रों, बधाइयाँ.. आपका भारत बंद सफल रहा!

जब सैनिक पे पत्थर बरसे तब भारत बंद कराना था,
जब किसान रोटी को तरसे तब भारत बंद कराना था।

आधी रात जब खुला न्यायालय, तब भारत बंद कराना था,
जब खतरों में था देवालय, तब भारत बंद कराना था।

जब सिक्खों के नरसंहार हुए, तब भारत बंद कराना था।,
जब जेऐनयु में देश के खिलाफ नारे लगें, तब भारत बंद कराना था।

कोई ये तो बताए 2 अप्रेल को किस बात का भारत बंद कराना था

न कोई जात, न कोई पात, हम हैं सिर्फ हिंदुस्तानी

।।जय श्री राम।।  ।।हम है हिंदुस्तानी।।  ।।हम है भारतवासी।।
Author - Vinay Singh

Beti Bachao-Beti Badhao

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

एक सुविचार, जिसाक पालन हम सभी को करना चाहिए

एक सुविचार, जिसाक पालन हमें सभी को करना चाहिए

एक गांव में एक व्यक्ति के घर लगातार 8वीं बार बेटी पैदा हुई तो दमपत्ति ने कहा की नहीं पालेंगे इसे। NGO के दे देते हैं। कितना भी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का अभियान मोदी जी चला लें पर समाज में आज भी लोग बेटे के बिना लोग अपने परिवार को अधूरा ही समझते हैं। बेटे की चाह में जब एक गरीब दंपत्ति के घर लगातार 8वीं बार बेटी हुई तो उसने उसे एक अनाथालय में छोड़ दिया। 

अब हमें समझ में नहीं आता की ऐसा करने की जरूरत ही क्या थी यदि वह पहले ही दो लड़की होने के बाद संतान नहीं करता तो क्या उसका घर सहीं से चल नहीं सकता था क्या। लेकिन नहीं इस परिवार को तो बेटा चाहिए था सो बेटे के चाह में ऐसा होता चला गया। कुछ लोगों को लाख समझा लो की बेटा और बेटी में कुछ फर्क नहीं होता मगर वे सझने के लिए तैयार नहीं होते। 

आज के समय में ऐसा क्या चीज है जो लड़का कर सकता है लड़की नहीं। आपने ने ऐसे बहुत सी महिलाओं को देखा होगा जो उन्होने किया है शायद वो लड़का नहीं कर सकता। आज भारत तथा अन्य देशों में लड़किया फाईटर प्लेन तक उड़ा रही है। जिस दिन आपने ये समझ लिया की लड़का लड़की में फर्क नहीं होता उस दिन आपके पैस इस प्रकार की नौबत नहीं आयेगी। 

आज के समय को देखकर ऐसा लगता है कि हमारा जमाना चाहे कितना भी मॉडर्न क्यों न हो जाये लेकिन आज भी हमारे इस समाज में लड़का-लड़की का फर्क करना लोग नहीं भूलते। हमारे देश में कई क्षत्रों में तो महिलाओं की दशा इतनी खराब है कि हर महिला यह पूछने पर मजबूर हो जाती है कि क्या हमारी दशा में कब सुधार होगी। हमें कब खुली हवा में सांस लेने की आजादी मिलेगी। क्या हमानें बेटी के रूप में जन्म लेकर कोई पाप किया है। कभी कभी तो महिलायें ये सोचने पर मजबूर हो जाती है कि जन्म लेते ही हमें पिता के अधीन, फिर पति की, बुढ़ी और विधवा होने के बाद अपने बेटे के अधीन होना पड़ता है। इस प्रकार की परिस्थिति में कभी सुधार होगा या नहीं। 

हम अगर लड़कियों को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखेंगे तो उनकी स्थिति में सुधार नहीं होने वाला। हमें समझना होगा की एक स्त्री के कारण ही हमारा जन्म हुआ है और उसको अगर अजादी नहीं दे सकते तो क्या हमें जीने का हक है। जब तक हम लोग बेटा और बेटी को सामान नहीं समझेंगे तब तक  बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सलोगन का कई मतलब नहीं बनता। हमें इस प्रकार के फर्क करने वाले स्थिति से ऊपर उठना होगा और बेटा-बेटी के फर्क के चश्मे को दूर करना होगा तभी हम एक अच्छे सामाज की कल्पना कर सकते हैं।
Author - Vinay Singh

Meri bachapan ki yaden

मेरी बचपन की यादें

मेरी बचपन की यादें


        काली कोयल बोल रही है,
डाल-डाल पर डोल रही है।
कु-कु करके गीत सुनाती,
कभी नहीं मेरे घर आती।

       तोता हूं मै तोता हूं,
                   हरे रंग का होता हूं।
      चोंच मेरी लाल है,
                   सुन्दर मेरी चाल है।
                 बागो में मैं जाता हूं,
ताजे फल खाता हूं।
                  उधर से आऐ देख माली,
पत्तो में छूंप जाता हूं।

मछली जल की रानी है,
जीवन उसका पानी है।
हाथ लगाओ डर जाएगी,
बाहर निकालो मर जाएगी,
दो दिन रख दो सड़ जाएगी।

                                         सूरज की किरने आती है,
         सारी कलियाँ खिल जाती है।
                                         अंधकार सब खो जाता है,
         सब जग सून्दर हो जाता है।

मेरी इस कविता से यदि अपकी यादें भी ताजा हुई है तो आप कुछ खास कविता जो आपको याद हो मेरे साथ Share करें हम आपके नाम के साथ यहां पर पोस्ट करेंगे।

My Nick Name - Kitty
Author Name - Indu Singh

Shan Man Ka Chamatkar - Peace of Mind, शांत मन, चमत्कार

शांत मन हमेशा चमत्कार कर सकता है जाने कैसे?

एक बार की बात है एक किसान ने अपनी घड़ी को चारे से भरे हुए बाड़े में खो दिया। उसकी घड़ी बहुत ही महंगी थी इसलिए उसने घड़ी को बहुत अधिक खोजा लेकिन घड़ी मिली नहीं। 

उसी के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे और किसान को कुछ और भी काम करना था। तब उसने सोचा कि क्यों न बच्चों को घड़ी खोजने के लिये कह दूं। फिर इसके बाद उसने बच्चों को कहा कि जो बच्चा  घड़ी को खोज लेगा, उसे अच्छा इनाम दिया मिलेगा।  

ऐसा सुनकर बच्चे लालच में आ गये और चारे के बाड़े के अन्दर दौड़ गये। इसके बाद वे घड़ी को ढूंढने लगे। किंतु बहुत अधिक ढूंढने के बाद भी घड़ी नहीं मिली। इसके बाद एक बच्चा किसान के पास गया और बोला कि मैं घड़ी को ढूंढ सकता हूं। लेकिन मेरी एक शर्त है कि सारे बच्चे को बड़े से बाहर जाना होगा। तब किसान ने उसकी यह बात मान ली। इसके बाद सारे बच्चे बाड़े से बाहर आ गये। इसके बाद वह बच्चा बाड़े के अंदर अकेला चला गया और कुछ समय बाद ही वह घड़ी के साथ वापस आ गया। 

घड़ी को देखकर किसान बहुत अधिक खुश हो गया और आश्चर्यचकित भी हुआ। इसके बाद उसने बच्चे से पूछा कि तुमने किस तरीके से घड़ी को खोजी। जबकि बाकि बच्चे और मैं खुद भी उसे बहुत कोशिश के बाद भी नहीं ढूंढ पाया। 

इसके बाद बच्चे ने किसान को बोला कि मैनें घड़ी को ढूंढने के लिए कुछ ज्यादा मेहनत नहीं की, बस शांत मन से जमीन पर बैठकर घड़ी के आवाज को सुनने की कोशिश की। वहा पर बड़ी शांती थी इसलिए मैनें घड़ी के आवाज को सुन ली और उसी तरफ देखा तो मुझे घड़ी मिल गई। 

शांत मन हमेशा चमत्कार कर सकता है जाने कैसे?

सुविचार : - इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि यदि किसी भी कार्य को शांत दिमाग से किया जाये तो वह ठीक प्रकार से हो सकता है जैसे बच्चे ने शांत दिमाग से घड़ी को खोज निकाला। इसलिए कहा जाता है कि एक शांत दिमाग ठीक प्रकार से सोच सकता है, एक थके हुए दिमाग की तुना में। आप प्रतिदिन कुछ समय के लिए अपनी आंखों को बंद करके शांत बैठिये और मष्तिष्क को शांत होने दीजिये और फिर देखिये आपके जिंदगी का हर काम कैसे असानी से हल हो जायेगा। एक बात अवश्य जान लीजिए कि हमारी आत्मा हमेशा अपने आप को ठीक करना जनती है, बस आप अपने मन को शांत कीजिए।
Author - Vinay Singh

Holi Festival Shayari SMS in Hindi - होली मुबारक शायरी

Holi festival, Shayari, SMS, Status, Quotes


Holi Festival Shayari

Kha Ke Gujiya, Pee Ke Bhang,
Laga Ke Thoda Gulabi Rang,
Braj Ke Dhol Aur Mridang,
Khelen Holi Ham Tumhare Sang.
Happy Holi

Holi Shayari 2018

Gul Ne Gulsan Se Gulpham Bheja Hai,
Sitaron Ne Aasman Se Salam Bheja Hai,
Mubarak Ho Aap Ko Holi Ka Tyohar,
Hamne Dil Se Ye Paigam Bheja Hai.

Happy Holi SMS for you

Khud Karen Ki Is Baar Holi Aisi Aae,
Bichhad Huva Mera Pyar Mujhe Mil Jae,
Meri Dunia To Rangeen Hai Sirf Ussase,
Kash Wo Aae Aur Chupke Se Gulaal Laga Jae.

Holi Status Images

 Rango Ke Hote Kai Name,
Koi Kahe Peela Koi Kahe Laal,
Ham To Jane Bas Khushiyon Ki Holi,
Rag Dvesh Mitao Aur Manao Holi.

Holi Quotes and twitter images

Dilo Ko Milane Ka Mausam Hai,
Dooriya Mitane Ka Mausam Hai,
Holi Ka Tyohar Hi Aisa Hai,
Rango Men Doob Jaane Ka Mausam Hai.

Holi Suvicar and image of facebook

Aaj Bhar Lo Pyar Ke Rang Se Pichkari,
Laal Gulal Se Rang Lo Duniya Saari,
Rang Na Jane Hai Koi Jaat Aur Boli,
Aapko Hamari Taraph Se Happy Holi.

Happy Holi Anmol Vachan

 Pichakari Ki Dhaar,
Gulaal Ki Bauchhar,
Apno Ka Pyar,
Yahi Hai Yaron Holi Ka Tyohar.
Happy Holi.

होली मुबारक Happy Holi

 Gulal Ka Rang, Gubbaro Ki Mar,
Sooraj Ki Kirane, Khushiyon Ki Bahar,
Chand Ki Chandani, Apno Ka Pyar,
Mubarak Ho Aapko Rango Ka Tyohar.

होली शायरी Happy Holi

Laal Gulabi Rank Hai,
Jhoom Raha Sansar,
Sooraj Ki Kiran,
Khushiyon Ki Bahar,
Chand Ki Chandani Apno Ka Pyar,
Mubarak Ho Aapko Holi Ka Tyohar.

Holi Shayari SMS

Hamesha Mithi Rahe Aapki Boli,
Khushiyon Se Bhar Jaye Aapki Jholi,
Aap Sabko Meri TaraF Se 
Happy Holi.

Holi festival Bollywood images

Love for you | Romantic quotes, Shayari

Love for you, प्यार भरी शायरी

Love Quotes, Romantic quotes and I love you Shayari


दिल के साथ प्यार भरी शायरी

Chehare Par Hansi Chha Jati Hai, 
Ankhon Men Suroor Aa Jata Hai, 
Jab Tum Mujhe Apna Kahate Ho, 
Apne Par Guroor Aa Jata Hai.

Salman Khan and Katrina Kaf Tiger Jinda hai

Payr Ke Kachche Dhage Ki Is Dor Se, 
Ik Dooje Ko Chal Bandh Len Jor Se, 
Apne Armano Ki Aaj Barat Hai,
KhubSoorat Badi Ye Mulakat Hai.

Khoya Itna Kuchh Ki Phir Pana Na Aya

Khoya Itna Kuchh Ki Phir Pana Na Aya,
Pyar Kar To Liya Par Jatana Na Aya,
Aa Gaye Tum Is Dil Men Pahali Hi Najar Men,
Bas Hamen Aapke Dil Men Samana Na Aya.

Love For you Quotes
Aaj Uski Ek Baat Ne MuJhe Meri,
Galti Ki Yoon Saja Di,
Chhod Kar Jaate Hue Kah Gaee,
Jab Dard Bardast Nahi Hota To, Mujhse Mohabat Kyon Ki...

Dil Ki Kitab Men Gulab Unka Tha

Dil Ki Kitab Men Gulab Unka Tha, 
Raat ki Nind Men Khwab Unka Tha,
Kitana Pyar Karte Ho Jab Hamne Poochha,
Mar Jayenge Tumhare Bina Ye Jabeb Unka Tha.

DDLJ Love

Pyar Ka Topha Har Kisi Ko Nahi Milta,
Ye Vo Phool Hai Jo Har Bag Men Nahi Khilta,
Is Phool Ko Kabhi Tootane Mat Dena,
Kyonki Toota Hua Phool Wapis Nahi Khilta.


Love Shayari

Badalana Aata Nahi Hamen Mausam Ki Tarah,
Har Ek Pal Men Tera Intejar Karate Hain,
Na Tum Samajh Sakoge Jise Kayamat Tak,
Kasam Tumhari Ham Itana Pyar Karte Hain.

Love quotes

चूम लेता हूँ हर मुश्किल को अपना मान कर मैं, 
क्यूँकि ज़िन्दगी कैसी भी है... है तो मेरी ही।

I love you


मौत से डरना कैसा, यह तो मिन्टों का खेल है, 
आफत तो जिंदगी होती है वर्षों चला करती है।

A love festival - Valentines Day, Love quotes, Love Shayari

वैलन्टाइन्स डे - एक त्यौहार प्यार का 

आज Valentines Day है और अगर आप फेसबुकियां कीड़ा (Facbook Lover) है तो यह दिन आपके लिए बहुत प्यार भरा हो सकता है। क्योंकि आज हम अपने इस ब्लोग पर लव स्टोरी कोट्स और शायरी Share करने जा रहे हैं। आशा है ये आपको पसंद आयेगा। जिन्हें Facebook और Social Media पर अच्छा खासा Share किया जाता है।

प्यार का दिन (The day of love)


यह लव फेस्टिवल (Valentines day) हर साल 14 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिन प्रतेक व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ प्यार की खुशियां (Happiness of love) बाटना चाहता है। इस दिन को हरेक Lover यादगार बनाना चाहता है ताकि जिंदगी भर (Whole life) याद रखा जा सके।

A love festival

प्यार भरी शायरियां (Love Quotes)


हमें तमना नहीं किसी की अलफ़ाज की, 
महोब्बत तो एक चीज है बस एहसास की,
पास होते तो लम्हां कुछ और ही होता, 
लेकिन दूर रहकर खबर है हमे आपकी एहसास की। 

आज दिल करता है जिंदगी तेरे नाम कर दूं,
आज मन करता है हरेक खुशी तेर पर निछावर कर दू,
दे दे तु अगर भरोसा अपने साथ निभाने का,
तो मेरा यकीन कर ये हरेक सांस भी तेरे नाम कर दूं। 

Positive & Inspirational thoughts - प्रेरणादायक और सकारात्मक कहानी

Positive & Inspirational thoughts

एक प्रेरणादायक  और सकारात्मक कहानी


एक बार एक शहर में किसी भले व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। लोग अर्थी को शमसान घाट ले जाने के लिए तैयार हुए तभी एक आदमी वहां पर आ गया और अर्थी के पांव (feet of died body)को पकड़कर बोला कि मरने वाले व्यक्ति से मुझे अपने 15 lac रूपये लेने हैं, इसने मेरे से एक बार उधार लिया था। पहले आप लोग मेरे पैसे ( 15 Lac)दिला दीजिए तब मैं उसको आगे ले जाने दूंगा। 

Positive & Inspirational stories
ऐसा देखकर तमाम लोग जो अर्थी के अंतिम संसकार में शामिल होने आये थे, भोचके होकर तमाशा देखने लगे। मरने वाले व्यक्ति के एक बेटा ने कहा कि पिताजी ने हमें कोई ऐसी बात नहीं बताए कि उन्होने किसी से कर्ज लिया है। इसलिए हम आपके इस कर्ज को नहीं लोटा सकते, हो सकता है आप झूठ बोल रहे हो। इसके बाद मृतक के भाइयों ने भी यह कह दिया कि जब इसके जिम्मेदारी बेटे ने भी नहीं लिया तो हम क्यों दे। इस प्रकार की बाते जब घर की औरतों (Women of the house) को पता चली तो कफी बदनामी होने लगी। 

इसके बाद जब मरने वाले व्यक्ति के इकलौती बेटी को पता चली तो वह फोरन उस व्यक्ति के पास आई और बोली कि आपका कितना कर्ज है। मैं चुकादूंगी। फिर लेनदार ने कहा कि 15 lac । इसके बाद बेटी ने आपने सारे जेवर गहने और नकदी (Jewelry or cash)उसको दे दिये और कहा कि अभी मेरे पास केवल इतना ही है, कुछ ही दिनों मैं आपके कर्जे (Loans) चुका दूंगी। Please आप पिताजी की अंतिम संसकार होने दीजिए। 

इतना सुनने के बाद अर्थी के पांव पकड़ने वाला व्यक्ति खड़ा हुआ और बोला कि असल में बात यह है कि 15 लाख रुपये मुझे लेने नहीं बल्कि देने है। जब मुझे इनकी मरने की खबर लगी तो मैं फोरन यहा आया और उनके किसी अपने जो सबसे नजदीक का रिस्तेदार हो उसको पता करने के लिए यह नाटक किया था। मुझे माफ कीजिए मैं इनके वारिस को जनना चाहता था इसलिए ऐसा किया। लो बेटी ये 15 लाख रुपये ये तुम्हारी अमानत है। 

सार - कुछ लोग भलाई भी इस प्रकार से करते हैं कि स्वयं को सोचने पर मजबूर होना पड़ता है। 

An emotional Story – Love you papa | Suvichar For You, इमोशनल स्टोरी

An emotional story of father and daughter – Love you papa

एक पिता और बेटी इमोशनल स्टोरी - लव यू पापा


एक 10 साल की बेटी, अपने पापा से बोली जो कि अभी अभी ही Office से घर आये थे!
पापा जी मैंने आपके लिए आज हलवा बनाया है, खा लिजिए।
पिता ने मुस्कुराते हुए कहा क्या बात है लाकर खिलाओ मुझे।
इतना सुनकर बेटी दौड़ती हुई रसोई में गई और एक कटोरे में हलवा (Pudding) भरकर ले आई।
पिता ने हलवा खाते हुए बेटी को प्यार से देखा और उसकी मुस्कुराहट (smile) को दिल ही दिल में महसूस करते हुए भवनावों के सागर में बहने लगा। उसके आंखों से आंसू बहने लगे। अब भावनाओं का समंदर उसके हृदय बह रहा था और एक अजीब सा प्यार (Love) बेटी पर उसे आ रहा था।
inspiring short stories with moral


ऐसा देखकर बेटी ने अपनी Dady से कहा कि क्या हुआ पापा। हलवा (Pudding) अच्छा नहीं बना?
पिता ने कहा कि नहीं बेटी यह बहुत अच्छा बना है। और देखते देखते पूरा कटोरा खाली कर दिया, इतने में माँ बाथरूम से स्नान करके बाहर आई और बोली कि ला मुझे भी जरा हलवा खिला, मै भी तो देखू यह कैसा बना है जिसकी वजह से ये तारीफ कर रहे हैं तेरी।
तभी पिता ने बेटी को 500 रु इनाम में दिए इसके बाद बेटी खुशी से रसोई में हलवा लेने गई और मां के लिए हलवा ले आई।

लेकिन जैसे ही मां हलवा की पहली चम्मच मुंह में डाली, अचानक (तुरंत) थूक दिया और बोली कि what is this? ये क्या बनाया है It is not Halwa, इसमें तो चीनी ही नहीं है केवल नमक (Salt) भरा हुआ है। ये तो जहर (Poison) लग रहा है। आप इसे कैसे खा गये।


मेरे बनाये हुए खाने में तो आपको नमक मिर्च कम लगती है। हमेशा आप खाने की बुराई करते रहते हो। कभी आप कहते हो कि नमक मिर्च कम है तो कभी तेज।  बेटी को कुछ कहने के बजाए इनाम दे रहे हो....

इसके बाद पिता ने हँसते हुओ कहा अरे पगली तेरा मेरा तो जीवन भर का साथ वाला रिशता है, पति पत्नी में नौक झौक रूठना मनाना तो चलता रहता है। मगर ये तो लड़की है कल चली जाएगी आज मुझे वो एहसास (feeling) और वो अपनापन महसूस (Feeling of affinity) हुआ जो इसके जन्म (birth) के समय महसूस हुआ था। आज इसने बडे प्यार से मेरे लिए कुछ बनाया है। ये चाहे जैसा भी हो मेरे लिए सबसे बेहतर और स्वादिष्ट खाना हैबेटियां हमेशा अपने पापा की परियां और राजकुमारी होती है। जैसे तुम अपने पापा की लाडली बेटी (Lovely Daughter) हो।

फिर वह रोते हुए पति के सीने से लग गई और सोचने लगी कि इसीलिए हर लडकी अपने पति में अपने पापा की छवि (Image) ढूंढती है।

दोस्तों यदि यह story आपके दिल (Heart) को छूं गई हो तो इसे अधिक से अधिक share करें।

रावण और रामायण - रावण से जुड़े ये सच - Ravan, Oppressor, Moralist

 रावण एक अत्याचारी या सदाचारी मनुष्य

रावण एक अत्याचारी और दुराचारी व्यक्ति था या नहीं - एक भ्रांति


दोस्तों आजकल Social Media पर एक Trend बहुत तेजी से viral हो रहा है जिसमें ये बखान (Definition) किया जा रहा है कि रावण (Ravan) एक प्रकांड पंडित था और उसने माता सीता को कभी छुआ तक नहीं था। वह अपनी बहन (Surpanakha) के बेइज़्ज़ती का बदला लेने के लिये अपना पूरा कुल दाव पर लगा दिया था।

अरे भाई माता सीता को ना छूने का कारण उसकी शराफ़त नहीं बल्कि कुबेर के पुत्र नलकुबेर के द्वारा दिया गया श्राप (Curse) था।

रावण एक अत्याचारी और दुराचारी व्यक्ति

नलकुबेर का श्राप

विश्व विजय प्राप्त करने के लिए जब रावण स्वर्ग लोक (Heaven) पहुंचा तो उसे वहां पर रंभा नामक अप्सरा दिखाई दी। उसने अपनी वासना को पूरी करने के लिए उसे पकड़ लिया। तब रंभा ने उसे कहा कि आप मुझे स्पर्श न करें, मैं आपके बड़े भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर (Nalkuber) की मंगेतर (दुलहिन) हूं इसलिए मैं आपकी पुत्रवधू के समान हूं। लेकिन Ravan ने उसका एक भा बात नहीं माना और उससे बुरा बरताव (Bad Behavior) किया। यह बात जब Nalkuber को पता चली तो उसने उसे (Ravan) को श्राप दे दिया कि आज के बाद यदि तुम किसी स्त्री की इच्छा के बिना स्पर्श करेगा (छूयेगा) तो Ravan तुम्हारे मस्तक के सौ टुकड़ों हो जाएंगे।

तो अब आप ये बताइये कि यदि किसी व्यक्ति को ये पता चल जाये कि इस कार्य को करने से मेरी मृतु हो जायेगी तो क्या वह उस कार्य को करेगा या नहीं। मेरे अनुसार तो बिल्कुल भी नहीं करेगा। इसलिए मुझे और आपको यह बात कहने में बिल्कुल भी हिचकिचाहट (Faltering) नहीं होनी चाहिए कि Ravan एक अत्याचारी और दुराचारी व्यक्ति (A bad person) था।

कुछ लोगों को तो मैने यह भी कहते हुए सुना है कि एक मां अपनी बेटी से ये पूछती है कि तुम्हें कैसा भाई चाहिये तो बेटी कहती है रावण जैसा जो अपनी बहन के अपमान का बदला लेने के लिये अपना सब कुछ न्योंछावर (Sacrifice) कर दिया।

सूर्पणंखा का श्राप

मेरे भाई ऐसा नहीं है कुछ लोग आपको आधे अधुरे ज्ञान (Half Knowledge) के करण गलत संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं या हिंदु धर्म (Hindu Religion) को बदनाम करने के लिए इस प्रकार की भ्रंति (Delusion) फैला रहे हैं। बल्कि सत्य तो यह है कि रावण की बहन सूर्पणंखा के पति का नाम विधुतजिव्ह था जो राजा कालकेय का सेनापति था। जब रावण तीनो लोको पर विजय प्राप्त करने के लिये निकला था तब उसको Raja Kaalkya से युद्ध करना पढ़ा था जिसमें उसने विधुतजिव्ह (Vidhuljiva) का वध कर दिया था। तब Shurpanakha ने अपने ही भाई (रावण) को श्राप दिया कि तेरे सर्वनाश (Extermination) का कारण मैं बनूंगी।

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Aaj ka suvichar in Hindi - Bhagwat Geeta Updesh, Quotes and Anmol Vachan

Aaj Ka Suvichar in Hindi


जय श्री कृष्णा

।। जय श्री कृष्णा ।।
भगवान श्री कृष्णा का अटूट विश्वास से सारे कार्य हमेशा पूर्ण हो जाते हैं इसलिए घर से जब भी बाहर निकले तो घर में विराजमान अपने प्रभु के मंदिर में जाकर उन्से जरूर मिलें
और जब भी लौट कर आए तो उनके दर्शन जरूर करें क्योंकि उनको भी आपके घर वापस आने का इंतजार रहता है।

"घर" में इस प्रकार का नियम बनाइए कि जब भी आप घर से बाहर जाएं तो घर के मंदिर के पास कुछ समय खड़े होकर प्रभु का ध्यान लगाए इससे मन शांत रहता है और सारे नकारात्मक विचार मन से बाहर हो जाते हैं। आप जिस काम के लिए जाते हैं वह काम भी अवश्य पूर्ण होता है क्योंकि जब किसी काम को शुद्ध मन और शांत भाव से किया जाता है तो प्रभु कि इच्छा से वह कार्य़ अवश्य सफल होता है।

Jo Man ko Niyantrit karta hai


जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान होता है।  - श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)





मनुष्य हमेशा अपने विश्वास से निर्मित होता है। जैसा वे विश्वास  करता है वैसा वे बन जाता है। - श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)

नर्क के हमेशा तीन द्वार होता हैं - वासना, क्रोध और लालच। -  श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)


जो कोई भी मनुष्य जिस भगवान में पूजा करने की इच्छ और विश्वास रखता है मैं उसका विश्वास उसी भगवान में पका कर देता हूं। -  श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)

मन ही किसी का मित्र और शत्रु बन सकता है। - श्रीकृष्ण (भगवत गीता उपदेश)

Man hi man ka mitr aur shatru hota hai...

कृष्ण जी की बांसुरी के गुण 

पहला गुण - श्री कृष्‍ण भगवान की बांसुरी में गांठ नहीं होती है, जो संकेत देता है कि अपने अंदर किसी भी प्रकार की गांठ मत रखो यानि मन में।
अर्थात बदले की भावना मत रखो।

दूसरा गुण- बिना बजाये बांसुरी बजती नहीं है, अर्थात ये यह बता रही है कि जब तक आवश्यक नही हो, नहीं बोलना चाहिएं।

तीसरा गुण - जब भी बांसुरी बजती है, मधुर ही बजती है। अर्थात जब भी बोलो, मीठा ही बोलो।

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