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Writers : - Indu Singh, Jyoti Singh & Vinay Singh

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Asaty par saty ki jit- Diwali- Anmol Vachan Aur suvichar

असत्य पर सत्य की जीत - दिवाली

आज हम आपको यह बताते हैं कि दिवाली क्यो मनाई जाती है। इस दिन भगवान राम बनवास काटकर और असत्य पर विजय प्राप्त करके अथार्त बुराइयों को खत्म करे अयोध्या अपनी नगरी में वापस लोटे थे। भगवान  राम के स्वागत में इस दिन अयोध्यावासियों ने घी के दीप जलाये थे और चरों ओर प्रकाश की रोशनी की थी तभी से ये त्योहार धूम धाम से मनाया जाता है। इस त्योहार को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। यह त्योहार हमें यह सीख देता है कि हमें अंधेरे को दूर करके प्रकाश को सब जगह फैलाना चाहिए। अथार्थ हमें अपने जिंदगी में ऐसा काम करना चाहिए जिससे ज्ञान का प्रकाश हमारे अंदर समाये और हम इससे आपना और दूसरों का भी भला कर सकें।  हमें इस त्योहार से यह भी ज्ञान मिलता है कि सत्य की हमेशा ही जीत होती है बस जरूरत है कि हम उस पर विश्वास रखें।
दिवाली सुविचार (दीपावली के अनमोल वचन)
असत्य पर सत्य की जीत - दिवाली
1. लक्ष्मी जी आपके द्वार पा आई है, दर पर तुम्हारे नई खुशियां लाई हैं, दिवाली आई है, दिवाली आई है।
इस त्योहार को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है।
 2. ये दीप नहीं दीपावली के, ये दीप है उस रोशनी के, जो हमारे दिलों में प्रेम और विश्वास के जलाये बैठे हैं।
हमें अंधेरे को दूर करके प्रकाश को सब जगह फैलाना चाहिए।
3. आई आई दिवाली आई, साथ में कितनी खुशियां लाई, धूम मचाओ, मौज मनाओ, आप सभी को दिवाली की बधाई! Happy Diwali Friends!
सत्य की हमेशा ही जीत होती है बस जरूरत है
4.  पल पल सुनहरे फूल खिले, कभी ना हो कांटो को समा,
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहें, दीपवाली पर हमारी यही शुभकामनाएं!
Deep Hi Jyoti Ka Pratham Tirth Hai
5. Deep Hi Jyoti Ka Pratham Tirth Hai,
Kayam Rahe Iska Arth Varna Vyarth Hai. 
Jhilmil Roshani Men Nivedit Aviral Shubhkamnaye
6.  Jhilmil Roshani Men Nivedit Aviral Shubhkamnaye,
Astha Ke Aalok Men Aadaryukt Mangal Bhavana!
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