Chanakya Suvichar- चाणक्य पाटलिपुत्र

We should not fret for what is past, nor should we be anxious about the future; men of discernment deal only with the present moment.

पहले पाच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये . अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये. जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यव्हार करिए.आपके  व्यस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं.-चाणक्य

There is some self-interest behind every friendship. There is no friendship without self-interests. This is a bitter truth.

The fragrance of flowers spreads only in the direction of the wind. But the goodness of a person spreads in all direction.-Chanakya

हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए ; विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं.

फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती  है. लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है.-चाणक्य

No comments:

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...