Sitam Jisane Kiya-Geet aur Kavita-28


सितम जिसने किया मुझ पर उसे अपना बनाया है तभी तो ऐसा लगता है कि वो मेरा ही साया है  उदासी के अँधेरों ने जहाँ रस्ता मेरा रोका तबस्सुम के चरागों ने मुझे रस्ता दिखाया है

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